Back Bound Hands Pose: छाती में खिंचाव लाये, झुके हुए कंधे सीधे करे

ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को अंग्रेजी में Back Bound Hands Pose के नाम से जाना जाता है। यह आसन शुरुआती योगा पोज़ होता है जो की खड़े होकर किये जाने वाले आसनो में से एक होता है।

ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन शरीर की स्ट्रेचिंग करने के लिए बहुत ही उपयोगी होता है। इस आसन में हाथों को पीठ के पीछे रखा जाता है। इसके नियमित अभ्यास से यह कंधों और भुजाओ की अकड़ को खोलकर इनके मूवमेंट को बढ़ाता है।

ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को नियमित करने से मांसपेशियों में खिचाव आता है जिससे लचीलापन बढ़ता है। ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को किसी भी उम्र में आसानी से किया जा सकता है।

ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को चेस्ट ओपनिंग पोज़ भी कहा जाता है। जानते है ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को करने की विधि, उसके फायदे और ध्यान रखने योग्य सावधानियाँ।

Back Bound Hands Pose: इसे कैसे करते है और इसके फायदे क्या है

Back Bound Hands Pose
ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक समतल जमीन पर ताड़ासन की स्थिति में खड़े हो जाए।
  • इसके बाद अपनी भुजाओं को पीठ के पीछे ले जाए और कोहनियों को हाथों से टाइट पकड़ ले।
  • हाथों को पीछे करने के बाद संतुलन की स्थिति में खड़े हो जाए।
  • अब सामान्य मुद्रा में साँस को अंदर की ओर ले और बाहर की ओर छोड़े।
  • ध्यान रहे की आपके रीढ़ की हड्डी और सर सीधा रहे।
  • कुछ समय तक इस मुद्रा में रखे रहे। और अपने शरीर में खिचाव को महसूस करे।
  • इसके अब आप इस आसन से बाहर आ सकते है।

ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को करने के फायदे

  • ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को करने से शरीर में खिचाव आता है।
  • छाती को खोलने के लिए ताड़ासन पश्चिम बुद्ध हस्तासन को नियमित करना फ़ायदेमंद होता है।

इसे करते समय ध्यान रखने वाली सावधानियाँ

  • यदि आपके पीठ में कोई चोट या मोच है तो इस आसन को ना करे।
  • यदि किसी व्यक्ति के कंधे या हाथो में चोट हो तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपने कुछ खाया हो तो खाने के 2-3 घंटे के अंतराल में ही इसे करे।

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