भारद्वाजासन – तनाव दूर करे और मेटाबोलिज्म बढ़ाने में मदद करे

योग से आप फिजिकली और मेंटली फिट रहते है। यह एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है| आप जानते ही होंगे की योगा आपके शरीर को कई तरह की बिमारियों से दूर रखता है|

योगा से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है। जिससे आपका शरीर हमेशा स्वस्थ रहता है| इसलिए योगा रोज़मर्रा की तनाव भरी लाइफ के लिए बहुत ही जरुरी हो गया है। यदि आप भी योग करेंगे तो यह आपको हमेशा शक्तिशाली एवं लचीला बनाए रखेगा|

योग के आसन कई प्रकार के होते है। जो हमारे शरीर को अलग अलग तरह से फायदा पहुंचते है।ये हमें वजन घटाने से लेकर सुन्दर चमकती त्वचा, शांतिपूर्ण मन, अच्छा स्वास्थ्य सभी चीजों में मदद करते है।

आप अपनी जरुरत के अनुसार आसन कर सकते है| योगकला में हमने आपको कई आसनो की जानकारी दी है| आज हम आपको Bharadvajasana के बारे में बता रहे है|

Bharadvajasana: जानिए इसकी विधि, लाभ और सावधानियां

Bharadvajasana

भारद्वाजासन: इस आसन को Bharadvaja’s Twist भी कहते है। यह आसन आपके शरीर के ऊपरी भाग के साथ साथ कूल्हों के लिए भी काफी सहायक होता है। इस आसन का लाभ युवा से लेकर वृद्ध कोई भी ले सकता है।

आसन शुरू करने से पहले क्या करे?

योगा करने का सबसे अच्छा समय सुबह का समय माना जाता है। अगर आपको सुबह समय नहीं मिल पा  रहा है तो आप शाम के समय भी इसका अभ्यास कर सकते है।

ध्यान रहे जब आप ये आसन शुरू करे उससे पहले आपका पेट और आंत खाली होना चाहिए। तात्पर्य यह है की खाना खा कर आसन न करे| यदि आपको भोजन करना हो तो आसन शुरू करने के 4 से 5 घंटे पहले खाना खा लेनाचाहिए। ताकि आपका खाना पच जाये|

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आसन को कैसे करे?

इसके लिए एक दरी या आसन बिछा ले। आसन पर बैठने के बाद पैर सामने सीधे और हांथों को बाजू में रखें। फिर घुटनों को मोड़ते हुए बाये तरफ ले जाये। ध्यान रखिये की आपका पूरा वजन दायें कूल्हों पर रहे।

अब अपने दायें पैर की एड़ी को बाएं पैर की जंघा पर रखे। फिर गहरी  सांस लेते हुए रीड की हड्डी को सीधा करें। फिर धीरे धीरे साँस छोड़ते हुए शरीर के ऊपरी भाग को दाए तरफ मोड़े|

उलटे हाथ को बाएं घुटने पर रखे। सांस के साथ रीड की हड्डी को सीधा करते जाएँ और शरीर को मोड़ते जाएँ। अपना सर बाये तरफ मोड़ कर अपने बाएं कंधे के ऊपर से देखें। अब थोड़ी देर तक इसी पोजीशन में रहे। अब धीरे धीरे सांस छोडते ही नार्मल पोजीशन में आये। यही प्रक्रिया आपको दूसरे साइड से भी करनी है|

Preparatory Poses: इस आसन के पहले किये जाने वाले आसन

Bharadvajasana Benefits: भारद्वाजासन के लाभ

  • यह पाचन तंत्र को अच्छा करता है|
  • इसका अभ्यास मन को एकाग्र और स्थिर बनाता है|
  • इस आसन से रीड की हड्डी और कूल्हों में स्ट्रेचिंग होती है|
  • यह आपके दिमाग और शरीर का संतुलन बनाये रखता है।
  • इस आसन से आपके मस्तिष्क पर अच्छा प्रभाव पढता है|
  • इसे करने से आप फ्रेश फील करते है और एनर्जेटिक बनते है|
  • यह कमर दर्द, गर्दन दर्द और साइटिका जैसी बिमारियों को दूर करता है|
  • इस आसान के अभ्यास से पेट के अंगो की अच्छी कसरत होती है|
  • इससे कार्पल टनल सिंड्रोम को कम करने में मदद मिलती है।

ऊपर आपने Bharadvajasana को करने के तरीके तो जान लिए| लेकिन एक बार इस आसन से जुडी सावधानी भी देख ले|

  1. जिन लोगो को रीड की हड्डी में या कमर की गंभीर समस्या है ये वे इस आसन को न करे|
  2. जिन्हे रक्तचाप, दस्त, नींद न आना और सर दर्द जैसी बीमारियां है वो भी इस आसन को न करे|
  3. माहवारी के दौरान भी इस आसन का अभ्यास वर्जित है|

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