Easy Yoga Poses: योग के इन आसनों को करने में नहीं आएगी कोई परेशानी

योग एक ऐसी विधा है जिसकी मदद से हम बिना किसी बाहरी जिम गए अपने घर पर हीं सम्पूर्ण व्यायाम कर सकते हैं। इन योग वाले व्यायामों से हमारे शरीर को शारीरिक ऊर्जा तो मिलती हीं है साथ हीं साथ इससे हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।

कुछ लोग जानकारी की कमी के कारण ऐसा मान लेते हैं की योग एक कठिन क्रिया है जिसे करने बहुत मुश्किलें आती हैं और वो उन मुश्किलों को सह नहीं पाएंगे। ऐसे लोग असल में योग में मौजूद सबसे कठिन योगासनों को देख कर अपने मन में ये धारणा बना लेते हैं की योग बहुत कठिन होता है और इसीलिए वो योग नहीं करते हैं।

योग विज्ञान में बहुत सारे योग के आसन मौजूद हैं। इनमें आसान और कठिन दोनों तरह के आसन मौजूद होते हैं। शुरुआत में हमें योग के कुछ आसान आसनों का अभ्यास करना चाहिए। आसान आसनों को करने में कोई कठिनाई भी नहीं आएगी और आपके शरीर को इसका लाभ भी मिलेगा।

आज इस लेख के माध्यम से हम आपको कुछ Easy Yoga Poses बताने जा रहे हैं। इसका अभ्यास करने में आपको किसी प्रकार की कोई कठिनाई पेश नहीं आएगी और आपको स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा। तो आइये जानते हैं इन योगासनों के बारे में।

Easy Yoga Poses: आजमाएं कुछ आसान योगासनों को

Easy Yoga Poses in Hindi

सुखासन करने की विधि

  • सुखासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले जमीन पर आसन बिछा लें और अपने पांव मोड़ कर बैठें।
  • इस दौरान एक का नीचला भाग बाहर की तरफ नजर आना चाहिए और दूसरा पांव अगले पांव के जांघों के नीचे हो ।
  • अब सीधे बैठ जाएँ और अपनी पीठ को बिलकुल सीधा रखें।
  • अब अपनी हथेलियों को घुटनों पर ऐसे रखें की हथेलियां आकाश की तरफ हों।
  • अब धीमे धीमे गहरी साँस लें और फिर धीमे धीमे साँस को छोड़ दें ।
  • सुखासन को Easy Yoga की सूचि में एक मुख्य आसन माना जाता है।

लाभ

  • मेरुदंड में खिंचाव आता जिससे इसलिए लम्बाई बढ़ने में मदद मिलती है।
  • इससे छाती चौड़ी होती है ।
  • मन शांत हो जाता है।
  • मानसिक समस्याएं जैसे चिंता, अवसाद, तनाव आदि दूर हो जाते हैं।

शवासन करने की विधि

  • इस आसन को Simple Yoga Asanas में से एक माना जाता है।
  • आसान होने के बाद भी इसके अभ्यास से शरीर को बहुत सारे फायदे होते हैं ।
  • इसके अभ्यास के लिए सबसे पहले फर्श पर एक दरी बिछाएं ।
  • अब दरी पर अपना मुँह आसमान की तरफ कर के लेट जाएँ।
  • इस दौरान अपने पांवों को एक दूसरे से थोड़ा अलग कर के रखें।
  • इस अवस्था में साँसें लें और फिर छोड़े।

लाभ

  • शरीर को आराम देने के लिए यह आसान एक बहुत अच्छा माध्यम है।
  • इस आसन के अभ्यास से व्यक्ति की एकाग्रता अच्छी हो जाती है।

वृक्षासन करने की विधि

  • वृक्षासन करने के लिए पहले सीधे खड़े हों जाएँ ।
  • अब अपने दाएं पांव को अपने बाएँ पांव के थाइज पर रखें और सीधे खड़े रहें।
  • अब धीरे-धीरे दोनों हाथों को प्रणाम की मुद्रा में जोड़ कर ऊपर की तरफ ले कर जाएँ।
  • इस मुद्रा में 30 से 45 सेकंड तक संतुलन बनाने की कोशिश करें।

लाभ

  • शारीरिक संतुलन में लाभ पहुँचाता है।
  • इसके अभ्यास से जांघें, पांव और रीढ़ की हड्डी सुदृढ़ बनती है।

इन आसनों के अलावा त्रिकोणासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, भुजंगासन, बद्ध कोणासन, बालासन, सेतुबंधासन, वीरभद्रासन, ताड़ासन और अधोमुखश्वानासन भी कुछ आसानी से हो जाने वाले आसन हैं। इनका अभ्यास आप बड़ी हीं आसानी से कर सकते हैं।

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