Eka Padasana: शरीर का संतुलन बनाने में सहायक आसन

एक पादासन को अंग्रेजी में One Foot Pose, one-legged pose, Balancing Stick pose (tuladandasana), Virabhadrasana 3 भी कहा जाता है। यह एक सतुलन बनाने से जुड़ा आसन है, जो की खड़े होकर किये जाने वाले आसनो में से एक है।

एक पादासन करते समय शुरू शुरू शरीर का संतुलन बनाने में थोड़ी कठिनाई आ सकती है परन्तु इसके नियमित अभ्यास से इसे आसानी से किया जा सकता है। इसलिए इस आसन को किसी कुशल प्रशिक्षक की देखरेख में ही शुरू करना चाहिए।

एक पादासन कंधों, भुजाओं, नितंबों, कलाइयों और पीठ को मजबूत बनाने में सहायक होता है। यह आसन बच्चों से लेकर बड़ों और बूढ़ो के लिए भी लाभकारी होता है।

एक पादासन को करने से मन शांत रहता है और तनाव व् चिंता भी दूर हो जाती है। इस आसन को करते समय शरीर का आकार अंग्रेजी के अक्षर “T” के समान हो जाता है। जानते है Eka Padasana को करने का तरीका, इसके महत्वपूर्ण फायदे और इस आसन को करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियों के बारे में।

Eka Padasana: जानिए इसे कैसे करे? इसके फायदे और आवश्यक सावधानिया

एक पादासन को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक समतल ज़मीन पर मैट या दरी को बिछा ले।
  • फिर उस पर सीधे खड़े हो जाए और अपने दोनों पैरों को पास में लाये।
  • ध्यान रहे की आपकी पीठ बिलकुल सीधी होनी चाहिए।
  • अब सांसों को अंदर लेते हुए अपने भुजाओं को सिर के ऊपर ले जाए और नमस्कार की मुद्रा में दोनों हथेलियों को फैला ले।
  • इसके बाद अपने सिर, भुजाओ और धड़ को एक सीध में लाये।
  • साथ ही धीरे धीरे अपने नितंबों की सहायता से सामने की तरफ झुकें।
  • इस स्थिति में अपने शरीर का संतुलन बनाने का प्रयास करे।
  • जब आप संतुलित अनुभव करे तो उसके बाद अपने बाए पैर को धीरे धीरे पीछे की तरफ ले जाए। ध्यान रहे की आपके पैर सीधे रहने चाहिए।
  • इस मुद्रा में पैर, धड़ की सीध में रहना चाहिए।
  • अपनी दृष्टि को अपने हाथों पर केंद्रित करे और कुछ समय के लिए इसी अवस्था में बने रहे।
  • इस प्रकार एक चक्र पूरा हो जायेगा। इस पूरी प्रक्रिया को अपने दाए पैर के साथ भी करे।

एक पादासन को करने के फायदे

  • एक पादासन के नियमित अभ्यास से तंत्रिका तंत्र को मज़बूती मिलती है। साथ ही यह पैर की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है।
  • इस आसन को रोज करने से शरीर के निचले हिस्से में अच्छा खिचाव होता है।
  • इस आसन को करने से शरीर के संतुलन में सुधार होता है।
  • एक पादासन छाती और फेफड़ों को भी स्ट्रेच करता है। साथ ही इसके द्वारा शरीर में स्फूर्ति आती है।
  • स्मृति और एकाग्रता में सुधार करने के लिए यह आसन बहुत ही लाभकारी होता है।

एक पादासन को करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां

  • यदि पीठ और कमर में गंभीर चोट या दर्द हो तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • जिन लोगो को उच्च रक्त चाप है उन्हें भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • यदि किसी को दृष्टि दोष है तो भी वह इस आसन को ना करे।

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