मोटापे के साथ-साथ गुर्दे और गुप्त रोगों में सहायक गरुड़ासन

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योग के द्वारा जहां आप शारीरिक और मानसिक तनाव को कम कर सकते है| वहीं यह अनेक बिमारिओं और रोगों से राहत दिलाने में भी फायदेमंद साबित होता है|

आपने बहुत से लोगों को बढ़ते वजन की समस्या से परेशान होते हुए देखा होगा| ऐसे में लोग अनेक जतन करते है जिम जाते है, एक्सरसाइज करते है, सुबह-शाम घूमने जाते है तथा डाइटिंग भी करने लगते है उसके बावजूद भी वह अपने मोटापे को कम करने में सफल नहीं हो पाते है|

योगासन एक ऐसा तरीका है जिसके जरिये आप आपने बढ़ते वजन को तो कम कर पाएंगे ही साथ ही आपका शरीर लचीला बनता है और त्वचा में कसावट आती है| वैसे तो वजन कम करने के लिए कई प्रकार के आसनो जैसे त्रिकोणासन, कोणासन, पवनमुक्तासन, सूर्य नमस्कार, गरुड़ासन आदि सहायक होते है लेकिन इन् सभी योगासनों में गरुड़ासन सबसे सरल और प्रभावशाली आसान है| साथ ही यह गुर्दे के रोग और हाथ पैर दर्द के लिए लाभप्रद साबित होता है| आइये जानते है Garudasana in Hindi को करने की विधि और इसके लाभ और सावधानियाँ |

Garudasana in Hindi: जानिए इसकी विधि और लाभ    

Garudasana in Hindi

 गरुड़ासन को करते समय व्यक्ति के शरीर की आकृति गरुड़ पक्षी के सामान नजर आती है इसलिए इसे गरुड़ासन नाम दिया गया है| गरुड़ को अंगेजी में ईगल कहा जाता है इसलिए अंग्रेजी में इस आसन को Eagle Pose Yoga कहा जाता है|

गरुड़ासन करने की विधि

यह एक बहुत ही सरल और आसानी से होने वाला आसान है आइये जानते है इसे करने का तरीका –

  1. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएं |
  2. इसके बाद बायें पैर को ऊपर की तरफ उठाते हुए दायें पैर को बाये पैर में लपेटकर इस प्रकार से जमीन पर रखें कि बाये घुटने पर दायें पैर के घुटने के नीचे का भाग टिक जाएं|
  3. अब अपने दोनों हाथो को सिर के ऊपर की तरफ उठाते हुए दोनों हाथो की कोहनियों को क्रॉस करके लपेट लीजिये और दोनो हथेलियों को मिलाकर चेहरे के सामने नमस्कार की मुद्रा बना लें|
  4. इस समय साँस को सामान्य रखते हुए कुछ देर के लिए इसी अवस्था में बने रहें|
  5. कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद सांसो को धीरे-धीरे हाथों को ऊपर ले जाएं फिर पेरो के बंधन को खोलकर सामान्य मुद्रा में ले आये और ताड़ासन करते हुए पुनः सावधान की मुद्रा में आ जाएं|
  6. इस सम्पूर्ण क्रिया को एक बार बायीं और से करने के पश्चात दाई तरफ से भी करें अर्थात पहले इस प्रक्रिया को बायें पैर से शुरू किया था अब इसे दाहिने पैर से प्रारम्भ करके सम्पूर्ण क्रिया को करना है|

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गरुड़ासन के लाभ

इस आसन को नियमित रूप से करने से आप अनेक लाभ प्राप्त कर सकते है| आइये जानते है Garudasana Benefits

  1. इसे करने से रीड की हड्डी में लचीलापन आता है |
  2. अंडकोष वृद्धि और गुर्दो के रोगों में यह आसान बहुत फायदेमंद है तथा हाथ पैर दर्द और अन्य विकृति को दूर करता है|
  3. इसे करने से बांहो और टांगो की मांसपेशियां चुस्त बनती है तथा पैर, घुटने और जांघों को मजबूती मिलती है|
  4. यह कंधे, बांह और कोहनियों के दर्द व् कंपन को ठीक करता है साथ ही शरीर के कंपन को भी दूर करता है|
  5. अगर आप किसी गुप्त रोग, पेशाब रोग, बवासीर, हाइड्रोसील एवं गुर्दो के किसी भी प्रकार के रोग से पीड़ित है तो यह आसन आपके लिए बहुत ही उत्तम है|

ध्यान देने योग्य बातें

  1. गरुड़ासन करते समय यह बात ध्यान रखें कि शरीर में किसी भी प्रकार की थकावट न हो|
  2. यह योगासन सुबह के समय सूरज निकलने के बाद और सूरज डूबने से पहले किसी भी समय में किया जा सकता है|
  3. इसे भोजन के कुछ घंटे पहले या भोजन के कुछ घंटे बाद किया जा सकता है| अगर आप इसे खली पेट हो तब करेंगे तो जल्दी मोटापा कम होता है|
  4. इस आसान का अभ्यास कम से कम 15 मिनट या अधिकतम 1 घंटे तक किया जा सकता है| लेकिन इसे 30-30 मिनट के अंतराल में करना चाहिए|

ऊपर अपने जाना Garudasana in Hindi, आप भी इसका नियमित अभ्यास कर बढ़ते वजन से मुक्ति और एक आकर्षक शरीर पा सकते है|

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