हस्त मुद्रा के फायदे जानिए और बनाइये शरीर को स्वस्थ एवं निरोगी

comment 0

क्या आप जानते है की हमारा शरीर पांच तत्व और पांच कोश से नीर्मित है| हमारे शरीर को स्वस्थ रखने की शक्ति हमारे अंदर स्वयं है| इसी वजह से योग गुरु और आयुर्वेद में ऋषियों ने योग, आसान, प्राणायाम, और मुद्रा के लाभो से लोगो को अवृत कराया है| इन सब में से एक होती है हस्त मुद्रा, लेकिन इन हस्त मुद्राओ का महत्व बहुत ही कम लोग जानते है|

हाथों की 10 अंगुलियों के द्वारा विशेष प्रकार की आकृतियां बनाने को ही हस्त मुद्रा कहा गया है| दरहसल हाथों की सभी अंगुलियों में पांच तत्व उपस्थित होते है| जैसे की कनिष्का अंगुली में जल तत्व, अनामिका अंगुली में पृथ्वी तत्व, मध्यमा अंगुली में आकाश तत्व, तर्जनी अंगुली में वायु तत्व तथा अंगूठे में अग्नि तत्व उपस्थित होता है|

शायद ही आप जानते हो लेकिन हस्त मुद्रा संपूर्ण योग के सार स्वरूप है। इस मुद्रा के माध्यम से कुंडलिनी ऊर्जा के स्रोत को जागरुक किया जा सकता है| इसकी मदद से अष्ट सिद्धि और नौ निधियों की प्राप्ति संभव है।

हस्त मुद्रा में कई मुद्राए शामिल है| भिन्न भिन्न मुद्राओं को करने से अलग-अलग रोगों में फायदा मिलता है। आपके शरीर में कहीं भी यदि ऊर्जा में अवरोध उत्पन्न हो रहा हो तो हस्त मुद्राओ को करने  से वह दूर हो जाता है और शरीर हल्का हो जाता है। इसे करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा विकसित होती है| तो आइये जानते है Hasta Mudra in Hindi, और इससे मिलने वाले अन्य फायदे|

Hasta Mudra in Hindi: हस्त मुद्रा के लाभ

Hasta Mudra in Hindi

लिंग मुद्रा

लिंग मुद्रा, यह नाम सुनने के बाद ऐसा प्रतीत होता है की यह आसान सिर्फ पुरुषो के लिए है| लेकिन हम आपको बता दे की यह मुद्रा स्त्री और पुरुष दोनों के लिए सामान रूप से काम करती हैं, हालाँकि इससे होने वाले परिणाम दोनों अलग है| लेकिन स्त्री हो या पुरुष दोनों इस मुद्रा से लाभ उठा सकते है|

लाभ:

  1. इस आसान को कम करने से कैलोरी घटती है और मोटापा कम होता है|
  2. इससे छाती की जलन और कफ दोनों समस्याओ में लाभ मिलता है|
  3. इस आसान को करने से पुराना नजला, जुकाम तथा सांस सम्बन्धी समस्याए दूर हो जाती है|
  4. लिंग मुद्रा सर्दी और बुखार दोनों में ही असरकारक है।

विधि: इस आसान को करने के लिए दोनों हाथों की सभी अँगुलियों को एक दूसरे में फंसाकर (ग्रीप बनाकर) अंदर छूट गए अँगूठे को दूसरे अँगूठे से पकड़ते हुए सीधा तान दें। इस आसान के अभ्यास को सुबह शाम 15 मिनट तक कर सकते है|

सूर्य मुद्रा

सूर्य मुद्रा को करने से शरीर की गर्मी बढ़ती है, इसलिए सर्दी के दिनों में इसे करना फायदेमंद होता है| इसका अभ्यास 8 मिनट तक करना चाहिए| किन्तु सर्दी के दिनों में इसका अभ्यास 24 मिनट तक किया जा सकता है|

लाभ:

  1. इस हस्त मुद्रा को करने से शरीर संतुलित रहता है| Surya Mudra Benefits वजन घटाने के लिए भी है| इससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है|
  2. अक्सर बच्चे को जन्म देने के बाद, स्त्रियों का मोटापा बढ़ जाता है| इसलिए जो औरते इसका अभ्यास करती है, उनका शरीर बिल्कुल पहले जैसा हो जाता है।

विधि: सूर्य हस्त मुद्रा को करने के लिए अपने हाथ की अनामिका उंगली को अंगूठे की जड़ में लगा लें और बाद में बाकी बची हुई उंगलियों को बिल्कुल सीधी रहने दें। इस तरह बनाने से सूर्यमुद्रा बनती है।

आप यह भी पढ़ सकते है:- जानिए सूर्य नमस्कार से शरीर को मिलने वाले जादुई फायदे
वायु-मुद्रा

जिन भी लोगों को भोजन न पचने या फिर गैस की समस्या हो, उन्हें भोजन करने के बाद 5 मिनट तक इस आसान को करना चाहिए|

लाभ:

  1. वायु मुद्रा से गर्दन में होने वाले दर्द से राहत मिलती है|
  2. यदि आपकी त्वचा में रुखापन और खुजली हो तो यह उसे भी यह कम करता है।
  3. इस मुद्रा के नियमित अभ्यास से गठिया, साइटिका, गैस का दर्द और लकवा आदि रोग दूर होते हैं।

विधि: इसको करने के लिए अपने हाथ की तर्जनी उंगली को मोड़कर, अंगूठे की जड़ में लगाने से वायु मुद्रा बन जाती है। इसे करते वक्त हाथ की बाकी सारी उंगलियां बिल्कुल सीधी रहनी चाहिए। वायु-मुद्रा में बैठने की स्तिथि वज्रासन की तरह होना चाहिए| लेकिन ध्यान रहे की रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी हो और दोनों पैर के अंगूठे के आगे से मिले रहने चाहिए। एड़िया सटी होना चाहिए, तथा नितम्ब का भाग एड़ियों पर टिकाना जरुरी है|

हस्त मुद्राओ में बरती जाने वाली सावधानी

हस्त मुद्राओ को करते वक्त एक मुद्रा को कम से कम आधे घंटे तक किया जा सकता है| यदि इन मुद्राओ को करने पर आपको किसी तरह की परेशानी होती है, तो जरुरी नहीं है की आप इन्हे एक बार में ही करे, इन्हे 2-3 बार में भी किया जा सकता है| इन मुद्राओ को करते वक्त जो अंगुलियां प्रयोग में नहीं आ रही है, उन्हें सीधा रखते है, और उस वक्त हथेली को थोड़ा कस के रखते है| इन मुद्राओ को करते वक्त यदि आपको हांथो में चोट लग गयी हो, या फिर किसी तरह का दर्द हो रहा है, तो चिकित्सक की सलाह लेना ना भूले|

Related Post