कपालभाति प्राणायाम – सुंदरता बढाने और वजन घटाने में फायदेमंद

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हर व्यक्ति अच्छा दिखना चाहता है| अच्छे दिखने की बात की जाये तो दमकते हुए निखरे चेहरे की छवि सबसे पहले मन में आती है| लेकिन तनाव भरे माहौल में रहना, या फिर सही तरह का खान पान ना होने की वजह से चेहरे की रौनक ही चले जाती है|

लोग चेहरे की खूबसूरती पाने के लिए कई तरह के सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल करते नजर आते है। अकसर यह देखा गया है की हजारो रुपये खर्च करके भी लोग प्राकृतिक सुंदरता नहीं पाते है| बाजारों में मिलने वाले उत्पादों से उन्हें सुंदरता तो मिलती है, लेकिन वो सिर्फ कुछ वक्त के लिए होती है| ऊपर से यदि किसी की त्वचा नाजुक हो तो उल्टा सौंदर्य दिलाने वाले प्रोडक्ट्स का उनके चेहरे पर विपरीत परिणाम होता है।

सुंदरता पाने के लिए ऊपरी तौर से प्रयास करने से कुछ नहीं होता है| चेहरे पर आने वाला निखार और लालिमा अंदर से आनी चाहिए| इसके लिए अगर सबसे अच्छा उपाय है तो वो है कपालभाती प्राणायाम का अभ्यास|

“कपालभाती” शब्द संस्कृत भाषा का है। ‘कपाल’ का मतलब होता है माथा और ‘भाती’  का मतलब होता है प्रकाष। नियमित रूप से कपालभाती करने से व्यक्ति के चेहरे पर निखार और कांती आ जाती है| इसके अलावा इसे करने के और भी कई फायदे है| यहाँ जानिए Kapalbhati in Hindi के बारे में और कई बाते|

Kapalbhati in Hindi: इस प्राणायाम को करने की विधि

Kapalbhati in Hindi

स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए कपालभाति से अच्छा और असरदारी दुसर कोई विकल्प नहीं है। कपालभाती प्राणायाम, हठयोग के अंतर्गत आता है। दरहसल हठयोग में 6 क्रियाए है, त्राटक, नेती, कपालभाती, धौती, बस्ती और नौली| प्राणायामों में कपालभाती प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। इसके अभ्यास को करने से बहुत लाभ मिलता है, आइये जाने इसे करने का तरीका|

  1. इसे करने के लिए समान, सपाट जगह पर चद्दर बिछाकर बैठ जाए। हमेशा स्वच्छ हवादार जगह का चुनाव करे|
  2. बैठने के लिए कोई भी आसन जैसे की पदमासन या वज्रासन चुन सकते है|
  3. अब बैठने के पश्चात अपने पेट को ढीला छोड़ दे।
  4. अब नाक से तेजी से श्वास को बाहर निकलने की क्रिया करे। श्वास को बाहर निकालते वक्त पेट को भीतर की ओर खिचे।
  5. इसके बाद श्वास को अंदर लिया जाता है| ऐसा करते वक्त संतुलन बनाये रखे|
  6. अब Kapalbhati Yoga की  इस प्रक्रिया को दोहराइए| आप इसे दस बार से 70 बार तक कर सकते है| शुरुवाती तौर पर जितने बार आपसे यह करते बने तब तक ही करे|
  7. इस अभ्यास को करते वक्त आप चाहे तो बीच बीच में आराम भी ले सकते है|

कपालभाति प्राणायाम को बैठकर और खड़े होकर दोनों तरह से किया जा सकता है। इसे करते वक्त  सांस लेने व छोड़ने की गति जितनी तेज होती है, कपाल भांति का लाभ उतना ही अधिक मिलता है|

Kapalbhati Benefits in Hindi: कपालभाति के लाभ

  1. इससे कफ का विकार ठीक होता है, स्मरण शक्ति बढ़ती है आदि|
  2. कपालभाति बालो की भी कई समस्याओँ से छुटकारा दिलाता है|
  3. यह योग क्रिया को करने से वजन कम होता है और शरीर की बढी चर्बी घटती है|
  4. इसे करने से नकारात्मक भाव दूर होते है और सकारात्मक सोच मिलती है|
  5. इससे पेट की कई बीमारियां ठीक होती हैं तथा दमा, एलर्जी व साइनस में भी लाभ पहुँचता है|
  6. यह मधुमेह (डायबिटीस), कोलेस्ट्रोल यहाँ तक की कैंसर जैसी बीमारी में भी फायदा पहुचता है|
  7. कपालभाति क्रिया में श्वास क्रिया तेज होने के कारण स्वच्छ वायु फेफड़े में आती है, फलस्वरूप शरीर से दूषित तत्व बाहर निकल जाते है|
  8. कपालभाति प्राणायाम करने से आँखों की रौशनी लौटती है और आँखों की अन्य समस्याए भी दूर होती है|
  9. इसको करने से पसीना अधिक आता है, नतीजनत् शरीर स्वच्छ रहता है। इसके अभ्यास से चेहरे पर कांति व चमक भी आती है।
  10. Kapalbhati for Weight Loss भी है| इसको नियमित रूप से करने पर पेट की बढ़ी हुई अतिरिक्त चर्बी कम होती है। यह आपके कमर के आकार को शेप में लाने में मदद करता है।

आज आपने जाना Kapalbhati in Hindi के बारे में| खाना खाने के बाद 5 घंटे तक कपालभाती नहीं करना चाहिए और कपालभाती करने के आधा घण्टे बाद तक कुछ नहीं खाना चाहिए| श्वास संबंधी बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति इस योग क्रिया को ना करें। इसके अलावा कपालभाति करने से पहले किसी योग गुरु से इस क्रिया को सीख लें या फिर उनकी देखरेख में ही इसे करें।

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