क्रिया योग – आध्यात्मिक विकास करने में सहायक

यदि आप संस्कृत जानते हो तो क्रिया के अर्थ से भी आप परिचित होंगे| क्रिया का अर्थ होता है ‘करना’| वही जब योग की बात करते है तो वहा भी आपको कुछ कार्य करना है जैसे की आपको योग का अभ्यास करना है, आपको ध्यान का अभ्यास करना है, साथ ही आपको ईश्वर की प्राप्ति के लिये त्याग भी करना है| आपको ऐसे कर्म करने है जो आपके लिए जरुरी है|

क्रिया योग की यदि हम बात करे तो इसे प्राचीन योग पद्धति के रूप में जाता है| सन 1861 के आसपास महावतार बाबाजी के शिष्य लाहिरी महाशय ने पुनः इसकी शुरुवात की| क्रिया योग में ऐसी तकनीके है जो आपकी आध्यात्मिक विकास की प्रक्रिया को तेज करती है|

इसे करके आप ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त कर सकते है| इस क्रिया योग में सभी प्रभावी प्राक्रियां शामिल की गयी है| इसके बारे में और विस्तृत जानकारी जानने के लिए पढ़े Kriya Yoga in Hindi.

Kriya Yoga in Hindi – क्रिया योग क्या है और इसके फायदे

Kriya Yoga in Hindi

क्रिया योग एकाग्रता के लिए और आत्म जागृति के लिये सबसे अच्छा रास्ता है| यदि आप इसका अनुभव करना चाहते है तो उध्येशपू्र्ण जीवन, सच का ज्ञान और ध्यान का अभ्यास करने की जरुरत है|

क्रिया योग का पाच शाखाओ में संश्लेषण किया गया है:-

  1. क्रिया हठ योग
  2. क्रिया कुण्डलिनी प्राणायाम
  3. क्रिया ध्यान योग
  4. क्रिया मंत्र योग
  5. क्रिया भक्ति योग

क्रिया हठ योग – अधिकतर क्रियाए हम शरीर की देखभाल के लिए करते है| लेकिन इसे ईश्वर का वाहन समझकर किया जाता है|

क्रिया कुण्डलिनी प्राणायाम – यह व्यक्ति की सुप्त चेतना एवं शक्ति को जगाने में मदद करता है|

क्रिया ध्यान योग – यह मन की शुद्धि करने में फायदेमंद है| इससे आप अपने अन्दर एकाग्रता का विकास कर सकते है|

क्रिया मंत्र योग – इसमें आपका ज्ञान, बुद्धि तथा शरीर के सात चक्र जाग्रत होते है| इससे अवचेतन प्रवृत्तियों की शुद्धि होती है|

क्रिया भक्ति योग – इसमें साधक के सभी कार्य संभव होने लगते है| इसमें कीर्तन, पूजा तथा यज्ञ आदि चीज़े सम्मलित है|

इन बातो को भी जानिए:- 

  1. क्रिया योग, आध्यात्मिक मार्ग को चुनने और उस पर चलने का एक बहुत शक्तिशाली और चुनौतीपूर्ण तरीका है। यदि हम इस तरीके की बात करे तो यह इंसान से बहुत ज्यादा अपेक्षाएं रखता है।
  2. इसे करने के लिए व्यकित में स्थिरता, एकाग्रता तथा खास तरह का अनुशाशन चाहिए होता है|
  3. यदि आप क्रिया मार्ग पर जाना चाहते है तो आपका गुरु आपको पैर ऊपर और सिर नीचे करके सोने के लिए कहे, तो आपको बिना कोई सवाल पूछे वैसे ही करना है|
  4. यदि आप किसी भी चीज़ के लिए मूर्खतापूर्ण सवाल पूछते हो तब भी यह क्रिया नहीं की जा सकती।
  5. इससे आपको केवल आत्मज्ञान नहीं मिलता, आप जीवन की प्रक्रिया को भी अच्छे से जान पाते है|
  6. आपका सबसे बड़ा दुश्मन आपकी बुरी आदते है| जब तक आप इसे पूरी तरह ख़तम नहीं कर देते, यह आपका पीछा नहीं छोडती है| यदि आप इसे दूर करना चाहते है, तो आपको खुद को इससे करना होगा| Kriya Yoga Benefits  इसमें आपकी मदद करता है|
आप यह भी पढ़ सकते है:- जानिए योग क्या है और इसके समस्त प्रकारों का वर्णन

जैसे यदि आपको पिने की आदत है तो आपको उन लोगो के साथ रहना होगा जो पीते नहीं है| साथ ही यदि आप बीमार रहते है तो आपको उन लोगो के साथ रहना होगा जिनके दिमाग में भी कभी बिमारी का ख्याल नहीं आता| यदि आप अपने जीवन में बार बार फ़ैल होते है तब आपको उन लोगो के साथ रहना चाहिए, जो हमेशा सफल रहते है| आप खुद देखेंगे की आपके जीवन में बदलाव आना शुरू हो जायेगा|

आपकी हर एक आदत आपके मस्तिष्क में एक मार्ग बनाएगी| जिसके चलते आप अपनी इच्छाओ के विरुद्ध व्यवहार करने लगेंगे| अब आप एक स्वतंत्र व्यक्ति नहीं है| अर्थात आपके पास आपकी बुरी आदतों का शिकार रहने का वक्त नहीं है| आप धीरे धीरे सारी बुरी आदतों को बेअसर कर पाएंगे| आप अच्छी कंपनी और अच्छे माहोल के बिना, अपनी बुरी आदतों को सुधार नहीं सकते|

ऊपर आपने जाना Kriya Yoga in Hindi. यदि आप आराम के बिना नहीं रह सकते तो इस तरह की इच्छाए क्रिया योग के लिए सही नहीं है| साथ ही यदि आप लापरवाह है तो यह योग आपके लिए नहीं है|

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