मत्स्यासन: जानिए इस योग क्रिया की विधि, लाभ और सावधानिया

comment 0

जैसा की हम सभी जानते है की आज की जीवनशैली में अधिकतर बीमारियों का तनाव से कुछ ना कुछ संबंध होता है| रोजमर्रा के जीवन का तनाव हमारे शरीर पर कई तरह से प्रभाव डालता है| मधुमेह, कैंसर, हृदय के रोग से लेकर इसका असर शरीर के पूरे प्रतिरोधी तंत्र पर भी पड़ता है| योग से केवल तनाव ही नहीं कई शारारिक बीमारियो से छुटकारा पाया जा सकता है| शायद यही वजह है की आज के वक्त में पुरे विश्व में योग के प्रशंसक और अभ्यास करने वाले हैं|

कहा जाता है की योग की शुरुआत भारत में पूर्व-वैदिक काल में हुई है| योग शब्द से भारत ही नहीं चीन, श्रीलंका, जापान, पूर्व एशिया, या हम कह सकते है की लगभग पूरा विश्व ही अब इससे परिचित है| योग से हमारे शरीर को अनेको लाभ मिलते है| योग से व्यक्ति सकारात्मक सोच पता है| योग के अंतर्गत कई आसान आते है| जैसे कपालभाति, अनुलोम विलोम, ताड़ासन आदि| सभी योग क्रियाओ का अपना अलग अलग महत्व है|

योग की कई क्रियाओ में से एक है “मत्स्यासन”। मत्स्य का अर्थ होता है मछली| इस आसन के दौरान शरीर का आकार मछली जैसा बनता है, इसलिए इस आसान को मत्स्यासन नाम दिया गया है| अंग्रेजी में इसे फिश पोज़ के नाम से भी जाना जाता है| जिन लोगो को कमर दर्द और गले से सम्बंधित समस्याए है, उन्हें यह आसान जरूर करना चाहिए| तो आइये जाने Matsyasana in Hindi, इस आसान के बारे में और भी विस्तारित जानकारी|

Matsyasana in Hindi-  मत्स्यासन योग कैसे करे

Matsyasana in Hindi

मत्स्यासन करने की विधि:

  • मत्स्यासन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम पद्मासन में बैठ जाए।
  • अब पीछे की और झुखे और लेट जाये|
  • फिर अपने दोनों हाथो को एक दूसरे से बांधकर सिर के पीछे रखे और पीठ के हिस्से को ऊपर उठाकर गर्दन मोड़ते हुए सिर के उपरी हिस्से को जमीन पर टिकाए।
  • अब अपने दोनों पैर के अंगूठे को हाथों से पकडे और ध्यान रहे की कोंहनिया जमीन से सटी हुई हो|
  • एक से पांच मिनिट तक अभ्यास करे।
  • इस स्थिति में कम से कम 5 सेकंड तक रुके और फिर पूर्व अवस्था में वापिस आ जाये|
  • यह आसन करते समय श्वसन की गति नियमित रखे, और 5 मिनट तक इस योग क्रिया का अभ्यास कर सकते है|
आप यह भी पढ़ सकते है:- हस्त मुद्रा के फायदे जानिए और बनाइये शरीर को स्वस्थ एवं निरोगी

योग की शुरुवात करने वालो के लिए टिप

शुरुआती तौर पर कभी कभी इस मुद्रा को करने पर गर्दन में तनाव महसूस होता है। शुरुवात में इसे करने पर हो भी सकता है की आप अपनी गर्दन या गले में असुविधा महसूस करे| इसलिए आपको यदि इसे करने पर परेशानी महसूस हो रही हो तो इस Fish Yoga Pose को करते वक्त सिर के पीछे की और कम्बल रखे|

Matsyasana Benefits: मत्स्यासन योग से मिलने वाले लाभ

  1. यह योग दमे के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है|
  2. यह शुद्ध रक्त का निर्माण तथा संचार करता है।
  3. मधुमेह के रोगियों के लिए यह आसान बहुत फायदेमंद है|
  4. इसके अभ्यास से स्त्रियों के मासिक धर्म संबंधी रोग दूर होते हैं।
  5. मत्स्यासन योग के नियमित अभ्यास से छाती और पेट के रोग दूर होते हैं।
  6. इस योग के अभ्यास से खाँसी दूर होती है और पाचन तंत्र सुधरता है|
  7. मत्स्यासन चेहरे और त्वचा को आकर्षक तथा शरीर को कांतिमान बना देता है।
  8. यह कब्ज दूर कर भूख बढ़ाता है तथा भोजन पचाता है और पेट की गैस दूर करता है।
  9. जो लोग अपने बड़े हुए पेट को कम करना चाहते है, उन्हें यह योग क्रिया को जरूर करना चाहिए|
  10. जो लोग इस आसान का अभ्यास करते है उनमे रक्ताभिसरण की गति बढ़ती है, जिससे चर्म रोग नहीं होता है|

मत्स्यासन के पहले की प्रारंभिक मुद्राए

सिर्फ सर्वांगासन ही मत्स्यासन के पहले की प्रारंभिक मुद्रा नहीं है| दरहसल कंधो पर किये जाने वाले कई आसनो के बाद मत्स्यासन को किया जा सकता है| ये है वो आसान

  • बढ़ा कोनासन
  • भुजंगासन
  • धनुरासन
  • सलभसाना
  • सेतु बंधा सर्वांगासन
  • सुप्त विरासना
  • उर्ध्वा मुख्य स्वानासन
  • वीरासन

मत्स्यासन के बाद किये जाने वाले पोसेस

  • गोमुखासन
  • सेतु बंधा सर्वांगासन
  • सुप्त वीरासन
  • उष्ट्रासन
  • वीरासन

मत्स्यासन आसन के चिकित्सीय लाभ

  1. कब्ज
  2. सांस की बीमारिया
  3. पीठ में दर्द
  4. थकान
  5. चिंता
  6. मासिक धर्म में दर्द

ऊपर आपने जाना Matsyasana in Hindi. आप भी यदि उपरोक्त लाभ चाहते है| तो इस योग क्रिया को अपनी जीवन शैली में जरूर शामिल करे|

Related Post