रोज मयूरासन करें – पेट रोग और अन्य अंगों की बीमारियों से बचें

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मयूरासन जैसा की इसके नाम से ही साबित होता है मयूर + आसन । मयूर का अर्थ होता है मोर, इस आसन के समय हमारे शरीर की आकृति मोर के सामान नजर आती है इसलिए इससे मयूरासन कहते है|

इस मुद्रा के नियमित अभ्यास से शरीर के पाचन अंगो में रक्त का प्रवाह ठीक तरीके से होता है। जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। भूख न लगना एवं अपच की समस्या में यह आसन बहुत लाभप्रद होता है|

इस आसन को करते समय बहुत सी सावधानियों का ध्यान रखना होता है क्योंकि इस आसान को करते समय शरीर का पूरा भार केवल हमारे हाथो पर होता है|

मयूरासन कई प्रकार से हमारे शरीर के लिए लाभप्रद है| इस मुद्रा में आगे की ओर झुका जाता है जिससे की रक्त का बहाव हमारे चहरे की तरफ होता है। इससे त्वचा में चमक आती है। साथ ही इस आसान के प्रयोग से तनाव भी काम होता है।

यह एक आसान है जो पेट की भट्टी में ऐसी आग लगता है जिससे जो भी हम कहते है सब हजम हो जाता है| पेट की गैस, एसिडिटी या बदहजमी जैसी अनेक पेट से सम्बंधित परेशानियों से निजात पाने का यह चमत्कारिक उपाय है| तो आइये जाने Mayurasana in Hindi.

Mayurasana in Hindi: जानिए इसकी विधि, लाभ और सावधानियाँ

Mayurasana in Hindi

Mayurasana Steps in Hindi: मयूरासन करने की विधि

आइये जानते है Mayurasana Steps

  1. सबसे पहले समतल जमीन पर घुटनों को टीकाकार बैठ जाएं, अब अपने हाथो की हथेलियों को जमीन पर इस प्रकार रखे कि सब उंगलिया पेरो की दिशा में हो और आपस मे चिपकी रहें|
  2. इसके बाद दोनों कोहनियों को मोड़कर पेट की नाभि के आसपास लगा लें। अब आगे झुककर, दोनों पैरों को पीछे की ओर लम्बे करें|
  3. साँस को बाहर कि ओर निकालकर, दोनों पेरो को जमीन से ऊपर उठाएं और सर वाला भाग नीचे झुकाएं। पूरा शरीर जमीन के बराबर सामानांतर रहे इस प्रकार की स्थिति बनाये|
  4. इस स्तिथि में शरीर का पूरा भार आपकी दोनों हथेलियों पर रहेगा|
  5. जितना समय आप इस स्थिति में अपने शरीर को रख पाये उतनी देर तक इससे ऐसा ही रहने दे फिर सामान्य अवस्था में आ जाये|
  6. इस मुद्रा को करने के लिए संतुलित शरीर बनाये रखना आवश्यक है जो पहली बार में संभव नहीं है। यदि आप नियमित मयूरासन का अभ्यास करेंगे तो निश्चित तौर पर आप इससे आसानी से कर पायेंगे|
  7. शुरुवात में इस आसान को एक बार ही करे, धीरे-धीरे क्षमतानुसार इसका नियमित अभ्यास करें|
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Mayurasana Benefits Hindi: जानिए इसके लाभ

इस आसान को नियमित करने से पेट से सम्बंधित सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है। आइये जानते है Mayurasana Benefits

  1. मयूरासन करने से गुर्दे, अग्नाशय, यकृत, तिल्ली के साथ साथ आमाशय आदि को भी लाभान्वित करता है|
  2. यह मुद्रा फेफड़ो के लिए बहुत उपयोगी है। इसके भयास से वक्षस्थल, फेफड़े, पसलियां और प्लीहा को शक्ति मिलती है|
  3. यह पाचन शक्ति को मजबूत बनता है। पेट से सम्बंधित रोग जैसे कब्ज, अपच, गैस आदि में फायदेमंद साबित होता है| इसे करने से पाचन तंत्रो की ओर रक्त का प्रवाह बढ़ने से अंग मजबूत और कार्यशील बनते है| साथ ही यह जठराग्नि को प्रदिप्त करता है|
  4. मधुमेह से पीड़ित रोगियों के लिए भी यह मुद्रा लाभकारी है। इस आसन को करने से क्वोथ ग्रंथि पर दबाव पड़ता है जिस कारण मधुमेह रोगियों को लाभ मिलता है। इस आसान के अभ्यास से मधुमेह बिलकुल ठीक हो जाता है।
  5. कंधे मजबूत होते है, तनाव दूर होता है तथा चेहरे की चमक और सुंदरता बढ़ाता है|
  6. बाजुओं और कंधो को मजबूत तथा जार्डन और मेरुदण्ड (रीढ़ ) के लिए लाभदायक होता है|
  7. यह शरीर में रक्त के संचार को नियमित करता है तथा आँखों से सम्बंधित रोगों को दूर करने में सहायक होता है|
  8. सामान्य रोगों के अलावा मयूरासन के अभ्यास से आंतो व् अन्य अंगों में मजबूती आती है। मूत्राशय सम्बंधित रोगों से मुक्ति मिलती है|

जानिए इसकी सावधानियाँ

इस आसन को करते समय कुछ सावधानिया रखना बहुत जरुरी है, क्योकि यह मुद्रा अन्य आसनों की तुलना में थोड़ा कठिन है|

  1. कंधे में चोट या किसी भी प्रकार का शारीरिक दर्द होने पर इसको नहीं करना चाहिए|
  2. गर्भवती महिलाओ को और मासिक धर्म होने पर इसका अभ्यास न करें|
  3. अगर आपको पेट में अल्सर की समस्या या किसी प्रकार का ऑपरेशन हुआ हो, तब भी यह आसन न करें|

Mayurasana in Hindi को योग शिक्षक की उपस्थिति में करें तथा अच्छी तरह अभ्यासरत हो जाने पर ही घर पर करने का प्रयास करें और इससे होने वाले फायदों से शरीर को स्वस्थ बनाएं|

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