Mermaid Pose: छाती और कंधों में खिंचाव लाने में सहायक

मरमेड मुद्रा एक उन्नत आसन है जो की पीठ को बेंड करने में मदद करता है। यह ‘एक पाद राज कपोतासन’ से थोड़ा अलग होता है। जब तक आप ‘एक पाद राज कपोतासन’ में निपुण नहीं हो जाते तब तक इसका अभ्यास करना कठिन होगा।

यह मुद्रा करने में आसान नहीं है इसके करने के लिए किसी कुशल शिक्षक की आवश्यकता होती है। इसका नियमित अभ्यास करने पर इसे आसानी से सीखा जा सकता है।

मरमेड मुद्रा छाती और कंधों के लिए एक गहरी और आरामदायक खिंचाव प्रदान करता है। साथ ही साथ यह कमर और जांघों में भी खिचाव लाने में सहायक होता है।

यह आसन आंतरिक अंगों को भी उत्तेजित करता है। मरमेड मुद्रा हिप्स और पीठ के निचले हिस्सों को मजबूत व् लचीला बनाता है। जानते है Mermaid Pose को करने का तरीका,उसके फायदे और ध्यान रखने योग्य सावधानियों के बारे में।

Mermaid Pose: जानिए इसे करने की विधि, इसके अद्भुत फायदे और ध्यान रखने योग्य सावधानियां

Mermaid Pose in Hindi

मरमेड मुद्रा को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक समतल जमीन पर मैट बिछा कर उस पर अधोमुख श्वान आसन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • इसके बाद अपनी उंगलियों को बाहर की ओर फैलाएं और कूल्हे को ऊपर की तरफ उठाये। एड़ियों की सहायता से अपने शरीर को संतुलित करने का प्रयास करे।
  • सांसो को छोड़ते हुए अपने दाए घुटने को मोड़े।
  • इसके बाद अपने दाए टखने को बायीं कलाई के पास ले जाये।
  • अब बाए पैर को पीछे की तरफ फैलाये ताकि पैर की उँगलियाँ जमीन को स्पर्श कर सके।
  • इस स्थिति में आने के बाद अपने उंगलियों पर दबाव डाले। साथ ही अपने शरीर में खिचाव लाये। इतना खिचाव लाये की आपकी टेल बोन बायीं एड़ी से पास आ जाए।
  • अपने पैरों को फैलाते हुए रीढ़ की हड्डी को जितना संभव हो उतना लंबा करने का प्रयास करे।
  • इसके बाद दाए हाँथ को दाए जांघ पर रखे।
  • इसके बाद यही प्रक्रिया अपने बाए घुटने के साथ करे।

मरमेड मुद्रा को करने के लाभ

  • मरमेड मुद्रा को करने से पीठ दर्द से राहत मिलती है इसलिए इसका अभ्यास नियमित रूप से कर सकते है।
  • इस मुद्रा से साइटिका के दर्द से भी राहत दिलाने में मदद मिलती है।
  • मरमेड मुद्रा को करने से शरीर को संतुलित किया जा सकता है।
  • इस आसन के द्वारा एक शक्तिशाली पाचन तंत्र और प्रजनन प्रणाली निर्मित होती है।
  • मरमेड मुद्रा के जरिये अपनी यौन इच्छाओं पर बेहतर नियंत्रण करने में समर्थ हो सकते है।
  • यह आसन कंधो और छाती को भी मजबूत बनाने में सहायक होता है।

मरमेड मुद्रा को करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां

  • यदि पीठ, कमर या फिर घुटने में किसी प्रकार का दर्द या फिर चोट हो तो इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • यह आसन करने में थोड़ा कठिन है इसके लिए आपको नियमित अभ्यास के साथ साथ धैर्य की भी आवश्यकता पड़ेगी।
  • यदि आपके कंधो और कूल्हों में किसी प्रकार की समस्या है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • अपनी क्षमता के अनुसार ही इस आसन का अभ्यास करे। क्षमता से अधिक करने का प्रयत्न नहीं करना चाहिए।

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