Nakshatra Meditation: अपनी कमियों को पहचानने में मदद करे नक्षत्र ध्यान

ज्योतिष, ब्रह्मांड का ऐसा विज्ञान है जो नक्षत्र (तारामंडल), राशी (संकेत) और ग्रह के साथ कार्य करता है। वेदों ने ज्योतिष को “दृष्टि” कहकर सर्वोच्च सम्मान दिया है।

यहां 27 नक्षत्र हैं जो व्यापक रूप से ज्योतिष शास्त्र में पढ़े जाते हैं। नक्षत्रों में पाँच ऊर्जाएं हैं – अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल और आकाश। किसी व्यक्ति का ‘नक्षत्र’ व्यक्ति की विशेषताओं और क्षमता को परिभाषित करता है।

एक व्यक्ति का जन्म नक्षत्र, व्यक्ति के जीवन काल में किसी के नाम, चंद्र राशि और महादशा के प्रथम वर्णमाला को प्रभावित करता है और यह किसी व्यक्ति के जीवन पर 70% प्रभाव डालता है।

किसी व्यक्ति के जन्म का नक्षत्र, ग्रह आदि का प्रभाव पूरे जीवन में रहता है। हम सभी का जन्म किसी ना किसी नक्षत्र में होता है। साथ ही नक्षत्र के पास हमारे सभी जन्मों का लेखा-जोखा होता है और सभी ग्रहों की अच्छी और बुरी गुणवत्ता नक्षत्रों के आधार पर ही सामने आती है। आज हम आपको इसी Nakshatra Meditation के बारे में बताने जा रहे है।

Nakshatra Meditation: खुद को अनंत ब्रह्मांड से जोड़ने के लिए करें नक्षत्र ध्यान, जाने इसे करने की विधि

Nakshatra Meditation

नक्षत्र ध्यान तकनीक

  • नक्षत्र ध्यान तकनीक अद्वितीय है और यह ब्रह्मांड के साथ एक व्यक्ति को जोड़ने की क्षमता रखती है। ज्योतिष के प्राचीन विज्ञान में इस ध्यान तकनीक की जड़ें हैं, जो आपके जन्म नक्षत्र के अनुसार निर्मित होती हैं।
  • यह ध्यान तकनीक किसी व्यक्ति में एक उच्च चेतना को जागृत करने में मदद करती है क्योंकि वह इस दौरान ब्रह्मांड के साथ एक हो जाता है और इसके विशाल ऊर्जा को खींचता है।
  • नक्षत्र दोनों सकारात्मक और नकारात्मक बलों के प्रक्षेपण के लिए सक्षम हैं। वे एक व्यक्ति को महान ऊँचाइयों तक उठा सकते हैं।
  • प्रत्येक नक्षत्र में एक विशिष्ट आकृति, प्रतीक और मौलिक ऊर्जा की भूमिका होती है जो इसे पूरे जीवन के दौरान एक सक्रिय भूमिका निभाने में सक्षम बनाती है। नक्षत्र भी एक व्यक्ति की ताकत और कमजोरियों का निर्धारण करते हैं।
  • नक्षत्र ध्यान एक ऐसी तकनीक है जो अलग अलग नक्षत्रो में जन्मे लोगो के स्वभाव, शक्ति और सीमाओं के अनुकूल हो जाती है।
  • यदि कोई अपने जन्म के नक्षत्र पर ध्यान कर सकता है और अपनी जटिलताओं को समझ सकता है तो उसके जीवन में चमत्कार हो सकते हैं।

नक्षत्र मेडिटेशन को करने का तरीका

नक्षत्र मेडिटेशन को 4 स्टेप में पूरा किया जा सकता है। जानते है इसे कैसे कर सकते है।

पहला स्टेप

  • सबसे पहले आप एक आसन पर पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाए। इसके बाद अपनी आँखों को बंद कर ले। इस प्रकार बैठे की आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहे।
  • फिर आंखे बंद करके साँस को बाहर की तरफ छोड़े। जब साँस पूरी तरह से फेफड़ों से बाहर निकल जाए तो इसके बाद साँस को अंदर की तरफ ले और अपने सामर्थ्य के अनुसार साँस को रोक कर रखे। साँस को रोकते हुए आप किसी छोटे मंत्र जैसे ॐ का जाप भी कर सकते है।
  • अपना ध्यान रीढ़ की हड्डी के मूल पर लगाए। इसके बाद धीरे धीरे साँस को बाहर की तरफ छोड़े। फिर साँस को थोड़ी देर तक रोक कर रखे।
  • अब अपना ध्यान सिर के शीर्ष पर लगाए। इस प्रक्रिया को 10 मिनट तक दोहराये।

दूसरा स्टेप

  • इसके बाद अपना ध्यान हृदय चक्र पर केंद्रित कर दे।
  • अपनी दृष्टि को सर से लेकर पैर तक लाये। इसके बाद अपने आंतरिक शारीरिक अंगों को अंदर की तरफ से भी देखने का प्रयास करे।
  • आपके शरीर के आतंरिक अंग किस प्रकार कार्य करते है आपको इसका अनुभव होगा।
  • इस प्रक्रिया को 10 मिनट तक करे ।

तीसरा स्टेप

  • फिर से अपना ध्यान हृदय पर लाये और अपनी आँखों को बंद कर ले। अपनी सांसो को सामान्य रखे।
  • अब आंखे बंद करके अपने 3 साल की उम्र से लेकर अपने अतीत में जाने का प्रयास करे। जब आप अपने अतीत में देखेंगे तो आपको कुछ घटनाएं ऐसी याद आएंगी जो पहले घट चुकी है लेकिन ऐसा लगेगा की वह अभी ताजा घटना है।
  • यदि आपकी घटनाएं नकारात्मकता को दर्शाती है तो उनको भूल जाना चाहिए। अपने मन को पूरी तरह से खाली कर ले। इस प्रक्रिया को 10 मिनट तक करे ।

चौथा स्टेप

  • अपनी आँखों को बंद करके सामान्य रूप से साँस ले।
  • अपने ध्यान को हृदय चक्र पर केंद्रित करे। आपको बता दे की देवी भग नक्षत्र-मंडल की वैदिक देवी है। जो की आनंद की देवी है। शिव लिंग और देवी का ध्यान करे।

प्रत्येक स्टेप्स को लगभग 10 मिनट तक करना चाहिए।

नक्षत्र ध्यान तकनीक के लाभ

  • नक्षत्र ध्यान तकनीक का अभ्यास चेतना के लिए सुधार के क्षेत्रों पर कार्य करता है।
  • यह खुद को सुधारने और सशक्त बनाने में सहायता करता है।
  • यह लक्ष्यों को प्राप्त करने और बेहतर व्यक्ति बनाने के लिए किसी व्यक्ति की क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा।
  • जब कोई व्यक्ति अनंत होना चाहता है तो उसे अपनी सीमाओं के बारे में पता होना चाहिए।
  • एनएम टेक्निक एक व्यक्ति को अपनी बाधाओं के बारे में जागरूक करने और उसकी सीमाओं का एहसास करने में सक्षम बनाता है।
  • व्यक्ति कैसे अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकता है वह आप इस आसन के द्वारा समझ सकते है।
  • लौकिक चेतना दिमाग की क्षमता से परे है, इसलिए जब मन अस्तित्व में रहता है तो अस्तित्व में चेतना खुद को प्रकट करती है।
  • अपने जन्म नक्षत्र, अपने भीतर के स्रोत के साथ सीमित कनेक्ट न रहें और अपनी आत्मा की अनंतता का अनुभव करें।
  • बीमारियाँ भी नकारात्मक हैं जिनसे मनुष्यों को सामना करना पड़ता है। यह तकनीक उपचार प्रक्रिया में उत्प्रेरक के रूप में भी कार्य करती है। रोगों से मुक्ति दिलाने में यह मददकार योग है।
  • इस मेडिटेशन के जरिये आप एकाग्रता को बढ़ा सकते है जो किसी साधक के लिए बहुत ज़रूरी होती है।

यह तकनीक एक व्यक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है और व्यक्ति को अपनी नक्षत्र के साथ ब्रह्मांड में जोड़ने में मदद करती है जिससे व्यक्ति में असीम संभावनाएं खुल जाती है।

इस मेडिटेशन के जरिये आप अपने आप को पहचान पाते है। अपने आतंरिक रचना को जान पाते है। साथ ही शरीर के चक्रो को जाग्रत भी कर सकते है। इसके लिए इसका नियमित रूप से अभ्यास करे और इसके फ़ायदों का भरपूर लाभ उठाये।

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