नटराजासन – मोटापा घटाने और तनाव दूर करने में सहायक

योग के महत्वों को हम सभी जानते है| लेकिन यदि हम इसे नहीं करते है और कोई हमें इसे करने की सलाह देता है| तो हमारे मन में बस यही ख्याल आते है की योग आसन क्या हैं? इसे करने के क्या फायदे है, आदि तरह के सवाल हमारे मन में आते है|

आप शायद नहीं जानते होंगे किन्तु भगवान ब्रह्मा द्वारा पारित किया गया भी एक आसन है| जिसे नटराजासन कहा जाता है| नटराज’ शिव के ‘तांडव नृत्य’ का प्रतीक है।

नटराज के इस नृत्य की बात करे तो यह विश्व की पांच महान क्रियाओं का निर्देशक है| 1. सृष्टि, 2. स्थिति, 3. प्रलय, 4. तिरोभाव, 5 अनुग्रह। इस नटराज की मूर्ति में धर्म, शास्त्र और कला का अनूठा संगम दिखाई देता है। इसी नृत्य मुद्रा के आधार पर आसन का नाम नटराजासन पढ़ा|

इस आसन को करने के कई फायदे है| जैसे यह हाथ एवं पैर के स्त्रायुओं का विकास करता है| इसके अभ्यास से शारीरिक स्थिरता आती है और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है। इसकी मदद से शरीर के उन हिस्सों जहां चर्बी घटाना मुश्किल है, जैसे की कूल्‍हों और जांघों की चर्बी घटती है| आइये आज विस्तारपूर्वक जानते है Natarajasana in Hindi.

Natarajasana in Hindi – जाने विधि, लाभ और सावधानियाँ

Natarajasana in Hindi

आज के समय में बहुत से लोग तनाव से घिरे है, और खासकर वर्किंग लोग| जो लोग बाहर कार्य करते है उन्हें अपने टारगेट अचीव करना, सैलरी को लेकर परेशानी, आगे बढ़ने की होड़, घर और ऑफिस में संतुलन बिठाना आदि परेशानियां होती है, जिसके चलते वह पूरा वक्त तनाव से घिरे होते है| तनाव कुछ समय के लिए हो तब तक तो ठीक है, लेकिन यदि यह लगातार बने रहे तो व्यक्ति में एकाग्रता नहीं रहती, अवसाद की परिस्थिति बन जाती है आदि|

लेकिन जो लोग नटराजासन का अभ्यास करते है उनके साथ यह समस्याए कभी नहीं होती| यह तनाव को दूर कर, याद्दाश्‍त बढ़ाने में मदद करता है| साथ ही साथ बच्चों के लिए भी यह आसन बहुत फायदेमंद है| आज के समय में बच्चे अच्छे खानपान से दूर होकर फ़ास्ट फ़ूड आदि ज्यादा पसंद करने लगे है| जिसके चलते उनके शरीर का संतुलन ठीक नहीं रहता और उनके शरीर का वजन कहीं से भी बढ़ने लगता है, ऐसे में यह आसन बच्चों के लिए बहुत प्रभावी है। आइये जानते है Natarajasana Steps in Hindi:-

नटराजासन की विधि 

नटराजासन करने के लिए सबसे पहले सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएं। इसके पश्चात किसी एक बिंदु पर फोकस करें और धीरे से अपने बाएं पैर पर पूर्ण वजन डाले और संतुलन बनाने की कोशिश करे| अपने दाएं पैर को घुटने से हल्‍का मोड़े और उसे बाएं पैर के घुटने पर भगवान नटराज के समान मुद्रा में रखें। फिर अपने हाथों को सीधा रखे| इस वक्त आपको सामान्य रूप से सांस लेना है और इसी अवस्‍था में 20 सेकेंड तक खड़े रहना है। अब पुन: अपनी सामान्‍य अवस्‍था में आ जाएं। इसे 3 से 4 बार करे| आप चाहें तो दाएं पैर पर वजन डालकर बाएं को ऊपर रख सकते हैं।

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शुरुआती के लिए टिप्स

  • यदि शुरुवात में आप इसे करते वक्त संतुलन नहीं स्थापित कर पाते है तो आप इसे करने के लिए दिवार का सहारा ले सकते है|
  • जिस पैर को आप ऊपर की और मोड़ रहे है, उसे आसानी और आहिस्ता से करे| नहीं होने पर जबरजस्ती ना करे| इस तरह आप ऐंठन से बच सकते है|

Natarajasana Benefits: नटराजासन के लाभ

  1. यह मुद्रा एकाग्रता लाने में फायदेमंद है| इससे शरीर का संतुलन सुधरता है|
  2. इसका नियमित अभ्यास करने पर आप स्वस्थ शरीर पाते है और आपका बॉडी शेप सुधरता है|
  3. यह वजन बढ़ने और मोटापे पर प्रतिबन्ध करने में मदद करता है|
  4. यह आपकी छाती, जांघों और टखनों को मजबूत बनाता है|
  5. इस आसन को करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है|
  6. यह जांघों, कमर, और पेट के अंगो को स्ट्रेच करता है|
  7. इसके नियमित अभ्यास से नितंबों से संबंधित विकार सही होते है|
  8. यह तनाव को ख़त्म कर अपने मन को शांत करता है|

नटराजासन में सावधानियां

  • इस आसन का अभ्यास विशेष मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए।
  • जिन लोगो को निम्न रक्तचाप की समस्या है उन्हें इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|
  • आपको इसे करते वक्त अपने शरीर को ज्यादा नहीं खीचना चाहिए; क्योंकि यह कुछ मोच या मामूली चोटें भी पैदा कर सकता है।

ऊपर आपने जाना Natarajasana in Hindi. नटराजासन की मदद से आप भी अपने शरीर की काया सुधर सकते है| लेकिन इस तरह के आसन को करने से पहले चिकित्सक की राय लेना सही है| क्योकि हो सकता है कि यह आप के लिए नहीं हो, और इससे आपके शरीर को उल्टा नुकसान पहुचे|

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