पाचन तंत्र मजबूत बनाने के लिए रोज करे नौकासन

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आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या के चलते किसी के पास व्यायाम के लिए समय नहीं है| व्यायाम ना करना और गलत खान पान के चलते हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है| नतीजनत् शरीर को बीमारिया घेर लेती है| शरीर के स्वस्थ्य रहने के लिए पाचन तंत्र का सुचारू रूप से काम करना बहुत जरुरी है|

यदि आप स्वस्थ रहना चाहते है तो नियमित योग करे| योग का अभ्यास करने से शरीर के सारे अंग सही तरह से काम करते है| योग एक बेहद ही अच्छा व्यायाम है| योग के अंतर्गत कई आसन है| उन्ही आसनो में से एक है नौकासन| यह आसान पाचन तंत्र को ठीक करता है|

नौकासन पीठ के बल लेटकर किये जाने वाले आसनो में से एक है| नौकासन में शरीर का नाव के समान होता है इसलिए इस आसन का नाम नौकासन दिया गया है| नौकासन करते वक्त आपके कमर, हिप्स, पैर, पेट और मेरूदंड, इन सभी अंगो का इस्तेमाल होता है| इसलिए इस योग मुद्रा के अभ्यास से इन सभी अंगों का व्यायाम होता है नतीजनत् इन अंगो में दृढ़ता और संतुलन आता है|तो आइये जानते है Naukasana in Hindi, इसके लाभ और इसे करने की विधियों के बारे में|

Naukasana in Hindi – जानिए नौकासन की संपूर्ण जानकारी 

Naukasana in Hindi

स्वस्थ पाचनतंत्र के लिए नौकासन श्रेष्ठ आसन है। इसका रोजाना अभ्यास से पेट से जुड़ी सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। यहाँ तक की यदि आप अपनी बढ़ती हुई तोंद की वजह से तनाव में हैं तो नौकासन से आपकी यह समस्या भी दूर हो जाएगी| शरीर के लिए नौकासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद है।

Naukasana Yoga Benefits in Hindi: जानिए नौकासन के फायदे 

  1. इस योग से शारीरिक अंगो में संतुलन बनता है|
  2. हर्निया रोग में भी यह आसन फायदेमंद है।
  3. पाचन संबंधी समस्याओं को ठीक करने में नौकासन बहुत फायदेमंद है|
  4. जो लोग अपने पेट की चर्बी कम करना चाहते है वो लोग नौकासन (Boat Pose) जरूर करे|
  5. नौकासन के नियमित अभ्यास से रीढ की हड्डियां सीधी और मजबूत होती हैं|
  6. यह आसन शरीर को लचीला बनाने में मददगार है| इससे पाचन तंत्र भी सुधरता है|
  7. नौकासन करने से अपर और लोवर एब्स की मांसपेशियां टाइट रहती हैं और इसमें फैट् नहीं जमता|
  8. जिन लोगो को नींद अधिक आती है वो भी इस आसन का अभ्यास कर नींद पर नियंत्रण पा सकते है|
  9. इस योग के अभ्यास से पेट की मांसपेशियां संतुलित होती है और कमर और हिप्स भी सुदृढ़ एवं संतुलित रहते हैं|
  10. इस आसन को करते वक्त अँगूठे से अँगुलियों तक खिंचाव होने के कारण शुद्ध रक्त तीव्र गति से प्रवाहित होता है, जिससे की काया निरोगी बनी रहती है।
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Naukasana Yoga Steps: नौकासन की विधि

  1. नौकासन करने के लिए सबसे पहले किसी समतल जगह पर मैट बिछाएं|
  2. इसके पश्चात पीठ के बल सीधा लेट जानिए|
  3. अब अपने शरीर के ऊपरी हिस्से और पैरों को ऊपर की और उठाये|
  4. इस वक्त आपके पैर कम से कम 30 डिग्री का कोण बनाना चाहिए|
  5. अब अपने हाथों से पैरों को छूने की कोशिश करें|
  6. आपको इसी अवस्था में कम से कम 20-30 सेकंड रहना है|
  7. इसी अवस्था को नौकासन कहते हैं।
  8. कुछ देर इसी पोजीशन में रहें और फिर पुन: धीरे-धीरे हाथ, पैर और सिर को जमीन पर ले आएं।
  9. इस आसन को दस बार दोहराएं और धीरे-धीरे 30 बार तक कर सकते हैं।

नौकासन में सावधानियां:- 

यदि आपको शरीर के पिछले भाग में किसी प्रकार की तकलीफ हो या फिर पेट में किसी तरह की परेशानी हो तो आपको नौकासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए| इसके अतरिक्त जो व्यक्ति हृदय सम्बन्धी रोग से पीड़ित हैं उन्हें भी इस योग का अभ्यास नहीं करना चाहिए|

  • इस आसन का अभ्यास करते समय दोनों पैरों को एक समान स्थिति में रखना चाहिए|
  • शरीर के पीछले हिस्से और मेरूदंड को भी बिल्कुल सीधा रखना चाहिए|
  • नौकासन में शरीर अंग्रेजी के “V” के समान होने पर आप समझ सकते हैं कि आप बिल्कुल सही स्थिति में बैठे हैं|

ऊपर आपने जाना Naukasana in Hindi. यदि आप भी अपने पेट की बढ़ी हुई चर्बी को कम करना चाहते है और पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाना चाहते है तो नौकासन का अभ्यास करे| लेकिन यदि आप किसी गंभीर समस्या से पीड़ित है तो डॉक्टर के परामर्श लेकर ही इसका अभ्यास करे|

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