Padasana Yoga: शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए उपयोगी योग

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जैसा की हम जानते है की आजकल हमारे शरीर में बीमारियों की संख्या आये दिन बढ़ती जा रही है। लोग अनेक प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं जिसके कारण उन्हें अनेक तरह की दवाओं और उपचार का सहारा लेना पड़ रहा है।

आज कल के दौर के हमारे खान पान में भी पौष्टिक तत्वों की कमी हो गई है और रहन सहन में बहुत सारे बदलाव आदि के कारण भी हमें बहुत सारी समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है।

इन सब समस्याओं से बचने के लिए लोगो में योग के प्रति जागरूकता भी आजकल बढ़ी है । आजकल लोग अपने आप को स्वस्थ और तंदरुस्त रखने के लिए योग के अलग अलग तरह के आसनों का अभ्यास कर रहे हैं ।

योग ही एक ऐसा माध्यम से जो की शरीर को स्वस्थ रखने के साथ साथ बीमारियों से भी बचाव करता है। आज के इस लेख में हम जानते है पादासन योग के विषय में की किस प्रकार वह हमारे लिए लाभकारी है और आप इसे किस प्रकार कर सकते है। इसके लिए पढ़िए Padasana Yoga.

Padasana Yoga: जाने आसन के प्रकार और उन्हें करने के तरीके

Padasana Yoga in Hindi

पादासन योग को करने के कई तरीके होते है जिसे आप नियमित रूप से कर के उनका लाभ प्राप्त कर सकते है।

पादासन योग के प्रकार

उत्तान पादासन

  • उत्तान पादासन को करने के लिए सबसे पहले एक समतल जमीन पर मैट या फिर दरी को बिछा ले।
  • फिर उस पर पीठ के बल लेट जाएँ और अपने पैरों को फैला लें। ध्यान रहे की इसमें आपके पैरों के बीच किसी प्रकार की दूरी नहीं होनी चाहिए।
  • अपने हाथों को अपने शरीर के बगल में रखे।
  • इतना करने के बाद साँस को अंदर लेते हुए अपने पैरों को सीधा रखते हुए 30 डिग्री ऊपर की तरफ उठाये।
  • कुछ देर इसी मुद्रा में रुके रहे और सामान्य साँस ले । इसके बाद अपनी प्रारंभिक स्थिति में वापस आ सकते है।

शीर्ष पादासन

  • इस आसन को करने के लिए एक समतल जमीन पर मैट या फिर दरी को बिछा ले और उस पर पीठ के बल लेट जाए।
  • इसके बाद अपने शरीर को ऊपर उठाने का प्रयास करे । अपने शरीर को इस तरह ऊपर उठाना है की आपका शरीर एक मेज की तरह दिखाई दे जिसमे पैर और हाँथ मेज के पैर की भांति लगने चाहिए।
  • कुछ देर इस स्थिति में रुके और फिर वापिस अपनी मुद्रा में आ सकते है।

एक पदासन

  • इस आसन को भी कई तरीके से किया जा सकता है जिसमे से एक सरल विधि इस प्रकार है।
  • इस आसन को करने के लिए एक समतल जमीन पर सीधे खड़े हो जाएँ । ध्यान रहे की आपका पीठ एक दम सीधा होना चाहिए।
  • फिर अपने दाएं पैर को घुटनों से मोड़ कर बाएं पैर के जांघो पर रख दे।
  • साथ ही अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर प्रणाम की मुद्रा में आ जाएँ । कुछ देर इस स्थिति में रुके और उसके बाद आप इस आसन से बाहर आ सकते है।

उपरोक्त आसनों का नियमित अभ्यास कर के आप शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक सभी तरीके से स्वस्थ रह सकते है। अपने मन को शांत और तनाव मुक्त बना कर अपने कार्यों को आसानी से पूरा कर सकते है। साथ ही एक स्वस्थ और सुखी जीवन व्यतीत कर सकते है।

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