Padma Vrischikasana: गर्दन और पीठ के लिए फ़ायदेमंद, जानिए इसकी विधि

जैसा की हमने पिछले लेख में बताया था की वृश्चिकासन को करने से रीढ़, गर्दन, कंधे, पेट और छाती में मज़बूती आती है। आज के लेख में हम आपको पद्म वृश्चिकासन के बारे में बता रहे है।

वृश्चिकासन को करने से जो लाभ मिलते है वही लाभ पद्म वृश्चिकासन को करने से भी मिलते है। साथ ही यह आसन आँखों के लिए असरकारी होता है एवं कानों और नासिका के लिए भी फ़ायदेमंद होता है।

पद्म वृश्चिकासन को करते समय संपूर्ण शरीर का संतुलन बनाना आवश्यक होता है। और इस आसन में सांसो की स्थिति सामान्य ही रहती है। पद्म वृश्चिकासन को 1 से 3 बार तक दोहराया जा सकता है।

इसका अभ्यास करने से पहले साधक को वज्रासन और ऊर्ध्व पद्मासन का अभ्यास आना चाहिए तभी इसे किया जा सकता है। जानते है Padma Vrischikasana को कैसे किया जाता है?

Padma Vrischikasana in Hindi: जानिए इसे करने का तरीका और इसके फायदे

Padma Vrischikasana in Hindi

पद्म वृश्चिकासन को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए एक दरी या फिर मेट बिछा ले।
  • इसके बाद मेट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • वज्रासन में आने के बाद ऊर्ध्व पद्मासन की मुद्रा में आये।
  • अपने शरीर का संतुलन बनाये रख कर कुछ देर इसी स्थिति में रुके।
  • फिर जो अंगुलियां जकड गयी है उन्हें खोल ले। साथ ही बाजुओं के अग्रभाग के त्रिभुज को भी खोल ले और उन्हें बाहर की तरफ लाये।
  • बाहर की तरफ तब तक लाना है जब तक कि वे समानान्तर न आ जाये।
  • ध्यान रहे की आपकी हथेलियां ज़मीन की तरफ होनी चाहिए।
  • इसके बाद शरीर के संपूर्ण भार को हाथों के अग्रभागों पर लाये।
  • इस स्थिति में पीठ और घुटने सीधे होने चाहिए।
  • अब सिर को उठाये। धीरे धीरे करके सिर को थोड़ा-सा पीछे की तरफ झुकाये। साथ ही फर्श की तरफ दृष्टि कर ले।
  • इसके बाद अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाए।
  • शुरुआत में आप इस आसन का अभ्यास 3 बार कर सकते है। इसके बाद अभ्यास होने पर इसके समय को बढ़ा सकते है।

पद्म वृश्चिकासन को करने के फायदे:-

  • पद्म वृश्चिकासन को करने से बाजुओं और कंधो को मजबूती मिलती है।
  • इस आसन को नियमित रूप से करने पर यह पेट और श्रोणी अंगों के लिए फ़ायदेमंद होती है।
  • मस्तिष्क में रक्त संचार के लिए यह आसन बहुत ही लाभकारी होता है।
  • गर्दन व पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए इस आसन को नियमित करना चाहिए।

पद्म वृश्चिकासन को करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां

  • यदि किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की समस्या हो तो इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • कंधों या कोहनियों की समस्या से यदि कोई ग्रसित है तो भी उसे इस आसन को नहीं करना चाहिए।

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