प्राणायाम को करने से पहले इसके सही नियमो को जरुर जान ले

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योग के आठ अंगों में से चौथा अंग प्राणायाम है| प्राणायाम दो शब्दों से मिलकर बना है प्राण+आयाम| प्राण का अर्थ जीवात्मा होता है| लेकिन यहाँ प्राण का तात्पर्य शरीरांतर्गत वायु से है| वही आयाम का अर्थ होता है नियंत्रण|

यदि सामान्य भाषा की बात की जाये तो जिस तरीके में हम श्वास लेने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते है, उसे ही प्राणायाम कहा जाता है| इसे करने के कई फायदे है जैसे इससे मानसिक शांति मिलती है| इससे आपके अन्दर आने वाले कई सारे बुरे विचार दूर हो जाते है|

दरहसल प्राणायाम का अभ्यास मन और मस्तिष्क की साफ़ सफाई करता है| इसका अभ्यास हमारे अन्दर से कई बीमारियों को ख़तम कर सकता है| योगासनों के बाद हर व्यक्ति को प्राणायाम करना चाहिए, इससे उसे दोगुना लाभ मिलता है| प्राणायाम को अपने हिसाब से नहीं करना चाहिए, बल्कि उसके बताये गए क्रम अनुसार ही इसे करना चाहिए|

आपको किसी भी चीज़ का फायदा तभी मिलता है जब आप इसे सही तरीके से करते है| बस यही रूल प्राणायाम में भी फॉलो होता है| आप इसका फायदा तभी उठा सकते है, जब आप इसे नियमित रूप से करते है| आइये आज के लेख में हम आपको बता रहे है Pranayam Rules in Hindi.

Pranayam Rules in Hindi: सकारात्मक प्रभाव के लिए जाने नियम

Pranayam Rules in Hindi

खाली पेट करे

यदि आपने कुछ खाया हुआ है यहाँ तक अगर कोई तरल पदार्थ भी पिया है| तो आप तब इसका अभ्यास ना करे| Rules of Pranayam के अनुसार कुछ तरल लेने के बाद कम से कम 2 घंटे बाद ही प्राणायाम करे और सॉलिड (ठोस) सामान खाने के बाद कम से कम 5 घंटे बाद प्राणायाम करे।

रीढ़ की हड्डी एक दम सीधी रखे

प्राणायाम का अभ्यास करते समय कभी भी झुककर ना बैठे, अपनी रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधी रखे| इसके अतिरिक्त आपका चेहरा भी सीधा होना चाहिए| दरहसल कुछ लोग अपने चेहरे को सामने करने के चक्कर में या तो चेहरे को ऊपर उठा देते है या तो कुछ लोग इसे जमींन की तरफ झुका देते है| इस तरह प्राणायाम करना गलत है|

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दरी बीछाकर ही करे

कभी भी डायरेक्ट जमींन पर बैठ कर प्राणायाम नहीं करना चाहिए| हमेशा किसी दरी या चटाई पर बैठकर ही प्राणायाम करे| यहाँ तक की आपको प्राणायाम करने के 5 मिनट बाद ही जमींन पर पैर रखने चाहिए| हम आपको बता दे की केवल ऐसी छोटी छोटी सावधानियों का पालन नहीं करने से भी प्राणायाम से फायदे के जगह नुकसान पहुचता है|

सुबह के समय करे

सुबह सुबह प्राणायाम करने से ज्यादा लाभ मिलता है| इस वक्त प्राणायाम करने के पीछे तीन बड़े कारण है| इस वक्त हवा भी शुद्ध मिलती है, पर्यावरण में कोई प्रदुषण नहीं होता है, हमारा पेट सुबह के वक्त खाली ही होता है साथ ही साथ इस वक्त हमारा मन भी शांत होता है|

बिमारी होने पर चिकित्सक से पूछ कर करे

यदि आपको किसी तरह की बिमारी है तो चिकित्सक से पूछ कर ही प्राणायाम करे| कुछ अवस्थाओ में हो सकता है की डॉक्टर आपको इसे करने से मना कर दे| यदि आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है तो प्राणायाम का अभ्यास बहुत शांति पूर्वक करे|

भगवान से प्रार्थना करे

प्राणायाम करते वक्त कोई भी विचार मन में ना आने दे| इस वक्त केवल भगवान् से प्राथर्ना करे| आपको मन में भगवान से प्रार्थना करनी है कि, हे भगवन हमारे शरीर के सारे रोग शरीर से बाहर निकाल दें और हमारे शरीर में सारे ब्रह्मांड की सारी उर्जा और तेजस्विता हमारे शरीर में डाल दें|

अन्य नियम इन्हें भी जानिए:-

  1. प्राणायाम करते अपने शरीर को बिलकुल ढीला रखे, किसी भी प्रकार के तनाव के साथ इसे ना करे| ना ही आपके मन में और ना ही शरीर में किसी तरह का तनाव होना चाहिए|
  2. साँसों को लेने औए छोड़ने में जोर न दे| साँस का आना जाना बिलकुल आराम से होना चाहिए।
  3. आप प्राणायाम करते वक्त किसी भी आसन का चुनाव कर सकते है जैसे सुखासन, सिद्धासन, पद्मासन आदि| लेकिन आप जिसमें आप अधिक देर बैठ सकते हैं, उसी आसन में बैठें।
  4. यदि किसी तरह का ऑपरेशन हुआ है तो 6 महीने के बाद ही प्राणायाम का अभ्यास करे वो भी डॉक्टर की सलाह से|

ऊपर आपने जाना Pranayam Rules in Hindi. आप भी प्राणायाम का अभ्यास कर सकते है| यदि आपको यह लगता है की केवल बीमार लोगों के लिए ही प्राणायाम है तो ऐसा कुछ नहीं है यदि आप बीमार नहीं भी हैं तो सदा निरोगी रहने के लिए प्राणायाम का अभ्यास कर सकते है|

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