Pranayama for Beginners: प्राणायाम की शुरुआत करे इन सरल आसनों के साथ

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प्राणायाम यानी गहरी साँस लेने के लिए किया जाने वाला व्यायामI प्राणायाम दो शब्दों से मिलकर बना है प्राण+ आयाम| प्राण यानि ऐसी शक्ति जो हमें जिन्दा रखती है और आयाम यानि नियमित करना।

अर्थात प्राणायाम का अर्थ हुआ खुद की जीवन शक्ति को नियमित करना। योग के आठ अंगों में से चौथा अंग है प्राणायाम। प्राणायाम द्वारा प्राण शक्ति की मात्रा और गुणवत्ता बढ़ती है|

यह रुकी हुई नाड़िया और चक्रों को खोल देता है। प्राणायाम करने से मन में स्पष्टता तथा शरीर में अच्छी सेहत आती है। यदि प्राणायाम को व्यवस्थित और नियमित तरीके से अभ्यास किया जाता है,तो लगभग सभी रोगों को रोका जा सकता है।

इससे शरीर को स्वथ्य रखा जा सकता है। इसलिए यदि आप प्राणायाम करने के इक्षुक है तो आप आसान और सरल प्राणायाम से शुरुआत कर सकते है। जानते है कुछ Pranayama for Beginners जो आपके लिए लाभकारी होने के साथ साथ सरल भी है।

Pranayama for Beginners: इन प्राणायामों द्वारा करे शुरुआत

Pranayama for Beginners

भ्रामरी प्राणायाम

  • भ्रामरी प्राणायाम यह प्राणायाम बहुत ही सरल होता है, इसे दिन में किसी भी समय और कहीं भी किया जा सकता है।
  • मन को शांत करने तथा क्रोध को दूर करने हेतु यह प्राणायाम बहुत ही उत्तम होता है।
  • इस प्राणायाम को करते समय व्यक्ति मधुमक्खी की भांति ही गुंजन करता है|
  • भ्रमर का अर्थ होता है मधुमक्खी, इसी कारण इसे भ्रामरी प्राणायाम कहते है|

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

  • यह आसन भी बहुत ही आसानी से किया जा सकता है।
  • यह साँस संबंधी बीमारियों को दूर करने के लिए लाभकारी होता है।
  • इस प्राणायाम को यदि सुबह के समय खाली पेट किया जाए तो काफी अच्छा होता है।
  • यदि आपको सुबह समय नहीं मिल पता है तो आप इसे शाम के समय भी कर सकते है|
  • पर ध्यान रहे की कम से कम 4 घंटे के पहले ही खाना खाया हो।
  • यह प्राणायाम कोलेस्ट्रॉल को कम करता है जिससे दिल की बीमारिया होने का खतरा कम हो जाता है।

कपालभाति प्राणायाम

  • कपाल का अर्थ है खोपड़ी और भाति का अर्थ है चमकना।
  • इसे करने से सिर चमकदार बनता है इसलिए इसे कपालभाति कहा जाता है।
  • कपालभाति को रोज करने से वजन घटता है साथ ही अस्थमा के रोगियों के लिए भी यह फायदेमंद होता है।

उज्जायी प्राणायाम

  • उज्जायी शब्द का मतलब होता है विजयी या जीतने वाला।
  • इस प्राणायाम द्वारा हम अपनी साँसों पर विजय पा सकते हैं।
  • यह प्राणायाम करते समय समुद्र की आवाज के समान ध्वनि आती हैं इसलिए इसे ओशियन ब्रेथ भी कहा जाता हैI
  • उज्जायी प्राणायाम करने से पाचन क्रिया अच्छी रहती है और यह श्वसन प्रणाली को भी सेहतमंद बनाये रखता है|

भस्त्रिका प्राणायाम

  • इसमें भस्त्र शब्द का अर्थ होता है धौंकनी।
  • यह एक ऐसा प्राणायाम है जिसमें लगातार तेजी से बलपूर्वक श्वास ली और छोड़ी जाती है।
  • यह प्राणायाम पेट की चर्बी को कम करता है, इसे करने से साँस से सम्बंधित समस्या दूर हो जाती है।

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