सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए फायदेमंद है शीर्षासन योग का अभ्यास

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योग करने के कई फायदे है| इसके अंतर्गत कई आसन आते है| कुछ आसनो को करने से तनाव दूर होता है, तो कुछ आसान पाचन सम्बन्धी फायदे पहुँचाते है| हर आसन को करने का अपना अलग महत्व है| योग के कई आसनो में से एक शीर्षासन भी है| इस आसन को सिर के बल किया जाता है इसलिए ही इसे शीर्षासन कहा जाता है| इसमें पुरे शरीर का संतुलन सर या हाथों पर टिका होता है।

यह एक ऐसा आसन है जिसे करना काफी मुश्किल है। लेकिन इसके अभ्यास से हम सदैव बड़ी-बड़ी बीमारियों से दूर रहते हैं। इसे करने से पाचनतंत्र सुचारू रहता है| इसे करने से रक्त का प्रभाव बेहतर बनता है। शीर्षासन के नियमित अभ्यास से शरीर को बल प्राप्त होता है। योग में शीर्षासन के कई लाभ बताये गए हैं।

आप शायद नहीं जानते होंगे लेकिन विदेशों में शीर्षासन को “इन्वर्जन थैरेपी” के नाम से जाना जाता है इसमें फ्लेक्सिबल बिस्तरनुमा टेबल पर इस आसन का अभ्यास किया जाता है। इसमें पैरों को ग्रिप में बांधकर शरीर को उल्टा लटकाया जाता है। जिसके चलते पूरे शरीर का बोझ, सिर या हाथों को नहीं उठाना पड़ता है और चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।

यदि आप नियमित शीर्षासन करते हैं तो इससे आपको कई फायदे मिलते है| डिप्रेशन के शिकार लोगों के लिए भी यह लाभप्रद है। किन्तु शीर्षासन का अभ्यास हर व्यक्ति के लिए सहज नहीं है। तो आइये जानते है शीर्षासन करने की विधि, Shirshasana Benefits in Hindi और इसमें ख्याल रखने वाली बातो के बारे में|

Shirshasana Benefits in Hindi: शीर्षासन के स्वास्थ्य लाभ

Shirshasana Benefits in Hindi

 

इसे करने से पहले हम आपको इसमें बरते जाने वाली सावधानियों से परिचित करवाना चाहेंगे ताकि, आप यह समझ पाये इसे करना आपके लिए अनुरूप है या नहीं|

शीर्षासन योग से जुडी कुछ सावधानियाँ:-

  1. जिन लोगो को ब्लड प्रेशर की शिकायत है, उन्हें इस आसन को नहीं करना चाहिए|
  2. यदि आंखों की कोई बीमारी है तो भी इस आसन को ना करें|
  3. जिन लोगो को गर्दन में दर्द या फिर कोई अन्य समस्या है तो उन्‍हें भी यह आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|

ऊपर दी गयी परेशानी होने पर या फिर यदि आप पूर्णत: स्वस्थ नहीं है तो भी इस आसन के अभ्यास से पहले किसी योग शिक्षक से परामर्श अवश्य करें। यदि आप को उपरोक्त परेशानी नहीं भी है और आप इस आसन का अभ्यास करना चाहते है तो शुरुवात में इसे दीवाल के सहारे टिक कर ही करे| अपने पैरो को कभी भी झटके से ऊपर करने की कोशिश ना करे| नियमित अभ्यास करने पर धीरे धीरे आप स्वतः इसे कर पाएंगे|

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Shirshasana Steps: शीर्षासन की विधि

  • इस आसन को करने के लिए के सर्वप्रथम दरी बिछा कर समतल स्थान पर वज्रासन की स्तिथि में बैठ जाएं।
  • इसके पश्चात आगे की ओर झुककर अपने दोनों हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें।
  • अब अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें।
  • फिर सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे-धीरे रखें।
  • इस वक्त सांस सामान्य रखें।
  • सिर को जमीन पर टिकाने के पश्चात धीरे-धीरे से शरीर का पूरा भार सिर पर छोड़ते हुए शरीर को ऊपर की उठाये|
  • शरीर का भार सिर पर लें और शरीर को सीधा कर लें।
  • शरीर की इस अवस्था को शीर्षासन कहा जाता है।
  • यह आसन सिर के बल किया जाता है इसलिए ही इसका नाम शीर्षासन है|

Shirshasana Yoga Benefits: शीर्षासन के लाभ

  1. शीर्षासन के अभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ता है| और किसी भी प्रकार का डर मन से निकल जाता है।
  2. इस आसन से शारीरिक बल मिलता है साथ ही इसे करने से पूरे शरीर की मांसपेशियां एक्टिव हो जाती है।
  3. इसे करने से सिर नीचे की ओर मुड़ जाता है जिसके चलते चेहरे में चमक आती है और वह ग्‍लो करने लगता है और चेहरे पर लालिमा आती है|
  4. शीर्षासन का नियमित अभ्यास पेट में स्थित अंगों जैसे आमाशय, लिवर, किडनी आदि को एक्टिव करता हैं और पाचन तंत्र को भी सुचारू करता है|
  5. Shirshasana Yoga for Hair Growth भी है| इसे करने से सिर के सफेद बाल अपने आप ही काले होने लग जाते हैं। क्योंकि इसे करने से सिर की ओर पोषण और खून का फ्लो होने लगता है|
  6. जो लोग इसका नियमित अभ्यास करते है उनकी स्मरण शक्ति काफी अधिक बढ़ जाती है। क्योकि जब हम इसका अभ्यास करते है तो इससे मस्तिष्क का रक्त संचार बढ़ता है|
  7. शीर्षासन के अभ्यास से चेहरे की झुर्रियाँ गायब हो जाती हैं। दरहसल उल्टा खड़े होने की स्थिति में ताजा पोषण और ऑक्सीजन चेहरे की तरफ संचारित होने लगता हैं, नतीजनत् त्वचा में चमक आती है|

ऊपर आपने जाना Shirshasana Benefits in Hindi.  शीर्षासन करके कई लोग लाभ प्राप्त कर रहे है| सिर्फ अभी ही नहीं बल्कि ईसा पूर्व विख्यात ग्रीक फिजिशियन हिप्पोक्रेट्स भी उनके रोगियों को रस्सियों और पुली की सहायता से सीढ़ियों पर उल्टा लटकाते थे। यदि आप भी उपरोक्त लाभ पाना चाहते है तो नियमित शीर्षासन का अभ्यास करे| लेकिन ऊपर दी गयी सावधानियों का ख्याल रखे और योग शिक्षक से पहले शिक्षा लेले|

 

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