पाचनक्रिया दुरुस्त करने और एकाग्रता बढ़ाने में मददगार है सिद्धासन

आजकल की अनियमित जीवनशैली के चलते शरीर कई बीमारियों से घिरा रहता है और व्यक्ति हर पल आलस महसूस करता है| लेकिन यदि योग आसनो का अभ्यास किया जाये तो शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर स्वस्थ रहता है| योग के अंतरगत कई आसन आते है और उन्ही में से एक है सिद्धासन|

सिद्धासन का नाम पद्मासन के बाद आता है। अलौकिक सिद्धियाँ प्राप्त करने वाला होने के कारण या फिर हम अन्य शब्दों में कहे तो सिद्धों द्वारा सेवित होने के कारण इस आसन का नाम सिद्धासन पड़ा है। यह सिद्ध योगियों का सबसे प्रिय आसन है। जब साधु ध्यान करते है तब वे इसी आसन में बैठते है|

सिद्धासन करने से शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिलते है। इससे समस्त नाड़ियों का शुद्धिकरण होता है। आइये विस्तार से जानते है Siddhasana in Hindi.

Siddhasana in Hindi: जानिए सिद्धासन की विधि और लाभ

Siddhasana in Hindi

सिद्धासन जैसा कोई अन्य आसन नहीं है| सिद्धासन महापुरूषों का आसन है। सामान्य व्यक्ति यदि इस आसन को करना चाहते है तो पहले किसी योग गुरु की सलाह ले और उसे अच्छे से सीखे| अन्यथा लाभ के बदले हानि होने की सम्भावना होती है|

Siddhasana Steps in Hindi: सिद्धासन की विधि

  • सबसे पहले समतल जगह पर आसन बिछाकर बैठ जाये और पैर खुले छोड़ दें।
  • इसके पश्चात अपने बायें पैर की एड़ी को गुदा और जननेन्द्रिय मध्य भाग में रखिए।
  • किन्तु दाहिने पैर की एड़ी को जननेन्द्रिय के ऊपर इस तरह रखना है की जननेन्द्रिय और अण्डकोष के ऊपर दबाव न पड़े।
  • अब बहिने पैर के पंजे को बाई पिंडली के ऊपर रखिए। आप चाहे तो पैरों का क्रम बदल भी सकते हैं।
  • आपके दोनों पैरों के तलुवे जंघा के मध्य भाग में होना चाहिए। घुटने जमीन पर टिके होना चाहिए|
  • हथेली ऊपर की और होना चाहिए तथा दोनों हाथ एक दूसरे के ऊपर गोद में रखें।
  • दोनों हाथों को दोनो घुटनों के ऊपर ज्ञानमुद्रा में रखें।
  • अब आज्ञाचक्र में ध्यान केन्द्रित करें और श्वासोच्छोवास को आराम से स्वाभाविक चलने दें।
  • आप पाँच मिनट तक इस आसन के अभ्यास को कर सकते हैं।
  • इसे करते वक्त आपका मेरुदंड सीधा होना चाहिए|
आप यह भी पढ़ सकते है:- शरीर के आंतरिक भागों तक ऑक्सीजन पहुँचाये भस्त्रिका प्राणायाम

Siddhasana Benefits in Hindi: सिद्धासन के लाभ

विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद

विद्यार्थियों के लिए सिद्धासन का अभ्यास बहुत लाभदायक है| इस आसन में बैठकर जो कुछ पढ़ा जाता है वह अच्छी तरह याद रह जाता है। इस आसन को करने से जठराग्नि तेज होती है। दिमाग स्थिर बनता है तथा स्मरणशक्ति बढ़ती है।

रोगों को दूर भगाए

जब हमारी पाचन क्रिया नियमित नहीं होती है तो इसके वजह से हमें कई रोग होने लगते है| Siddhasana Yoga के अभ्यास से पाचनक्रिया नियमित होती है। पाचन क्रिया को सुचारु करने के अलावा यह श्वास के रोग जैसे क्षय, दमा, हृदय रोग, मधुप्रमेह, मरोड़ा, अतिसार आदि रोगों को दूर करने में मदद करता है| आप शायद नहीं जानते होगे लेकिन पद्मासन के अभ्यास से जो रोग दूर होते हैं वे सिद्धासन के अभ्यास से भी दूर हो जाते है|

वीर्य की रक्षा करे

इस आसन से वीर्य की रक्षा होती है| 72 हजार नाड़ियों का मल इस आसन के अभ्यास से दूर होता है। स्वप्नदोष के रोगी को यह आसन का अभ्यास जरूर करना चाहिए। इससे मानसिक शक्तियों का विकास भी होता है।

मन को एकाग्र करे

सिद्धासन को करने से विचार पवित्र बनते हैं और मन एकाग्र होता है। दरहसल सिद्धासन के अभ्यास से शरीर की समस्त नाड़ियों का शुद्धिकरण होता है, फलतः मन को एकाग्र करना सरल बनता है।

अन्य लाभ इन्हे भी जाने:-

  1. कुण्डलिनी शक्ति को जागृत करने के लिए सिद्धासन प्रथम सोपान है।
  2. यह कामवासना को शांत करता है और मन को चंचलता से दूर रखता है।
  3. सिद्धासन को करने से छः मास के भीतर ही कुम्भक सिद्ध हो होता है।
  4. बवासीर तथा यौन रोगों में इस आसन को करना लाभप्रद माना जाता है|
  5. इस आसन को करने से विचार पवित्र होते है तथा एकाग्रता बढ़ती है|
  6. सिद्धासन के अभ्यास से काम वासना पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
  7. इससे स्मरण शक्ति बढ़ती है, इसलिए विद्यार्थियों को यह आसन जरूर करना चाहिए|
  8. सिद्धासन के प्रताप से ना केवल निर्बीज समाधि सिद्ध होती है बल्कि मूलबन्ध, उड्डीयान बन्ध और जालन्धर बन्ध अपने आप होने लगते हैं।

ऊपर आपने जाना Siddhasana in Hindi. कुण्डलिनी शक्ति जागृत करने वाला ये आसन  शुक्रदोष, श्वास संबंधी रोगों, हृदय रोगों आदि को दूर करने में सहायक है।

Related Post

Chatushpadasana: पैरो की मांसपेशियों को मजबूत कर प... योग का अभ्यास एक ऐसा अभ्यास होता है जो सम्पूर्ण शरीर को लाभ प्रदान करता है। योग में अनेक योगासन बनाए गए है जो कि शरीर के अलग अलग अंगों को स्वस्थ्य रखन...
Kapalbhati Side Effects: कपालभाती प्राणायाम को करन... कपालभाती प्राणायाम को करने के अनेक फायदे होते है। इसे नियमित रूप से करने पर कई रोगों से मुक्ति मिलती है और शरीर स्वस्थ रहता है। यह व्यक्ति का मोटाप...
स्टैंडिंग बेकबेंड पोस – आपके दिल और मूड दोनों का ख... आप अपने दिन की शुरुवात कैसे करते है? योग करने वाले अधिकतर लोग अपने दिन की शुरुवात आरामदायक स्तिथि में बैठकर किये जाने वाले आसनों जैसे बालासन आदि से कर...
गुदाद्वार को रोग रहित रखने के लिए अवश्य करें अश्वि... मनुष्य शरीर को स्वस्थ और दुरुस्त बनाए रखने के लिए हमारे योग ऋषियों द्वारा कई प्रकार के योगासन, प्राणायाम, ध्यान, क्रियाएं और मुद्राओं का निर्माण किया|...
जानिए हठयोग का महत्व और इसके 7 अंगो की सम्पूर्ण जा... योग का बहुत महत्व है| इससे मिलने वाले फायदों से कोई भी अज्ञात नहीं है| योग से ना केवल शरीर को शक्ति मिलती है, बल्कि कई रोगो से निजाद दिलाने में भी योग...
Parsvottanasana Yoga – तनाव दूर कर मस्तिष्क ... पर्श्वोत्तनासन तीन शब्दों से मिलकर बना है। पार्शवा, उत और तन. पार्शवा का अर्थ होता है किनारा, उत का अर्थ होता है अधिक और तन का अर्थ होता है खिंचाव। ...

Leave a Reply