सिंहासन योग (Lion Pose) कैसे करे और इसके फायदे क्या है

सिंहासन को करते समय आपकी निकली हुई जीभ के साथ चेहरा, बिलकुल दहाड़ते हुए शेर के समान दीखता है| इसलिए ही इस आसन को सिंहासन योग कहा जाता है| अंग्रेजी में इस आसन को लॉयन पोज़ भी कहते है।

सिंहासन योग का चेहरे, आंखो व गर्दन को स्वस्थ रखने में अहम योगदान होता है। साथ ही यह आपकी आवाज को भी अच्छा करता है| यह तनाव को कम करके स्मरण शक्ति बढ़ाता है साथ ही इससे दिमागी शांति भी प्राप्त होती है।

चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में भी यह बहुत लाभकारी होता है। सिंहासन योग को एक प्रकार का एंटी एजिंग योग भी कहा जाये तब भी गलत नहीं होगा| यह आँखों के लिए भी एक अच्छी एक्सरसाइज है इससे आंखे स्वस्थ रहती हैं।

इसके इतने सारे फायदे है इसलिए इसे सर्व रोग हरण आसन भी कहा जाता है| इस आसन को आप कुर्सी पर भी कर सकते है| Simhasana Yoga करने में भी आसन है और खास बात यह है की रोगी व्यक्ति भी इसे आसानी से कर सकता है तो आइये जानते है इसे कैसे करना है।

Simhasana Yoga: गले के रोग से पीड़ित लोग रोज करे

Simhasana Yoga

Lion Pose Steps: सिंहासन को करने की विधि

  • इसे करने के लिए सबसे पहले समतल जगह पर योगा मेट बिछा ले।
  • योगा के लिए मैट इस्तेमाल करने के फायदे क्या है यह भी जानिए|
  • इसके बाद वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • दोनों घुटने को जितना हो सके उतनी दुरी पर रखे।
  • अब दोनों हांथो को घुटने के बीच में रखे, हांथो की उंगलिया आपके शरीर के तरफ होनी चाहिए।
  • दोनों हांथो को सीधा रखते हुए आगे की तरफ झुके।
  • इसके बाद सर को पीछे की तरफ झुकाये और साथ ही मुँह को जितना संभव हो खोल ले।
  • फिर जीभ को बाहर निकाल ले।
  • आँखों को खोल ले और आँखों से दोनों भोहों के बीच देखे।
  • इसके बाद नाक से सांस अंदर की तरफ ले। फिर मुँह से धीरे धीरे आवाज निकालते हुए साँस को बाहर छोड़े।
  • इस आसन के अंत में पुनः थोड़ी देर वज्रासन में बैठ जाए| इसके 5 मिनट बाद शवासन करे।
  • एक स्वस्थ व्यक्ति को इसे प्रतिदिन 10 बार करना चाहिए। साथ ही रोगी व्यक्ति को इसे प्रतिदिन कम से कम 15 से 30 बार करना चाहिए।
  • यदि आप कोई समस्या के चलते वज्रासन की स्थिति में नहीं बैठ पा रहे है तो इसे कुर्सी पर बैठ के भी कर सकते है।

Lion Pose Benefits: इसे करने से होने वाले लाभ

  1. सिंहासन योग को प्रतिदिन करने से अस्थमा के रोगियों को फायदा मिलता है|
  2. सिंहासन योग को नियमित रूप से करने से आपकी वाणी मधुर और स्पष्ट होती है।
  3. जो बच्चे हकलाकर बोलते है उनके लिए यह योग रामबाण की तरह काम करता है|
  4. इसे करने से नाक, कान और गले से सम्बंधित रोग दूर हो जाते है|
  5. सिंहासन योग करने से मेरुदंड लचीला और मजबूत बनता है और साथ ही शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक तरीके से होता है|

सिंहासन में बरते जाने वाली सावधानिया:-

  • यदि गले में दर्द हो तो इस आसन को ना करे।
  • अगर घुटने में दर्द हो तब भी इस आसन जो नहीं करना चाहिए|
  • पीठ में दर्द होने पर भी सिंहासन का अभ्यास नहीं करना चहिये|

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