जानिए सीत्कारी प्राणायाम को करने की विधि और इसके लाभ

योग करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है| योग बहुत ही विस्तारित है| योग के आठ अंग होते है उन्ही में से चौथा अंग है प्राणायाम। प्राणायाम को दो शब्दों से मिलकर बनाया गया है  प्राण+आयाम। प्राण का अर्थ जीवात्मा वही आयाम के दो अर्थ है- प्रथम नियंत्रण और दूसरा रोकना|

ऐसा कहा जाता है की जब भी हम सांस लेते हैं तो अंदर जाने वाली वायु पांच भागों में विभक्त हो जाती है| और वही दूसरे शब्दों में कहा जाये तो वह शरीर के भीतर पांच जगह स्थिर हो जाती है। शरीर के पांच भागों में गई वायु पांच तरह से शरीर को लाभ प्रदान करती है|

परन्तु कई बार जो लोग श्वास लेते हैं वह वायु सभी अंगों को नहीं मिल पाती है| जिस कारण से आप बीमार रहते हैं। इसलिए प्राणायाम करना चाहिए ताकि आपके पुरे शरीर को वायु मिल सके, जो की शरीर के लिए जरुरी है|

प्राणायाम कई तरह के होते है| उन्ही में एक है सीत्कारी प्राणायाम| यह एक बेहद ही सरल प्राणायाम है। यह हमारे शरीर को शीतलता प्रदान करता है| यह शरीर की भीतरी सफाई कर इसे शुद्ध बनता हैं| आइये विस्तार से जाने Sitkari Pranayama Benefits in Hindi.

Sitkari Pranayama Benefits in Hindi: सीत्कारी प्राणायाम के लाभ

Sitkari Pranayama Benefits in Hindi

  1. सीत्कारी प्राणायाम करने में बहुत आसान है| इस प्राणायाम को सित्कार भी कहा जाता है| इस प्राणायाम को करते वक्त ‘सीत्‌ सीत्‌’ आवाज निकलती है| इसी वजह से इसका नाम सीत्कारी प्राणायाम रखा गया है|
  2. कुछ लोगो को गर्मी के दिनों में पेट में जलन की समस्या होती है| सीत्कारी प्राणायाम करने से शरीर में स्थित अतिरिक्त गर्मी दूर हो जाती है और पेट में जलन नहीं होती है|
  3. सीत्कारी प्राणायाम शरीर में शीतलता प्रदान करता है| यह शरीर की भीतरी सफाई कर इसे शुद्ध बनाने में मददगार है| इसलिए जिन लोगो को अधिक पसीना आने की परेशानी हो वो दूर होती है|
  4. इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शरीर में शुद्ध वायु का संचार होता हैं| इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं होती हैं जिससे पुरे दिन शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।
  5. सीत्कारी प्राणायाम आपकी शारीरिक आभा को बढाता है। यह प्राणायाम आपके चेहरे की सुंदरता को बढ़ाता है। इससे चेहरे की सौंदर्य वृद्धि होती है|
  6. इसके निरंतर अभ्यास से रात में नींद अच्छी आती हैं| शारीरिक तेज में वृद्धि होती है। भूख-प्यास ना लगने की समस्या दूर होती है| इससे शरीर सतत स्फूर्तिवान बना रहता है।
  7. सीत्कारी प्राणायाम करने से शरीर शीतल रहता है। यह रक्त को शुद्ध करता है। इसको करने से कई तरह के रोग जैसे दंत रोग, पायरिया, गले और मुंह के रोग, नाक और जीभ के रोगो से निजात मिलती है|
आप यह भी पढ़ सकते है:- जानिए पेट की चर्बी दूर करने के लिए प्रभावी योगासन

सीत्कारी प्राणायाम करने की विधि:-

  • सीत्कारी प्राणायाम को करने के लिए सबसे पहले सिद्धासन की मुद्रा में बैठ जाये|
  • इसके पश्चात नीचे के दांतों को ऊपर के जबड़े के दांतों पर रख दे|
  • अब दांतों के पीछे जीभ को लगाये और अपने मुंह को थोडा सा खोले ताकि सांसों को मुख के अन्दर लाया जा सके|
  • अब धीरे से मुंह से साँस को अंदर की और रोक कर रखे फिर बाद में नाक से निकाल दें|
  • इस ‍क्रिया को अपनी क्षमता के अनुसार दस से पन्द्रह बार तक करने का प्रयास करें।
  • इस क्रिया को करने से आपके मुंह के अंदर की लार सूख जाती हैं|

सावधानी:

मुह में कफ व टॉन्सिल के रोगियों को सीत्कारी प्राणायाम का अभ्यास नहीं करना चाहिए। इसके अत्रिरिक्त शीतकाल में इस प्राणायाम कम करना चाहिए।

ऊपर आपने जाना Sitkari Pranayama Benefits in Hindi. यदि आप भी उपरोक्त लाभ पाना चाहते है तो सीत्कारी प्राणायाम को जरुर अपनाये|

You may also like...