मन की शांति और स्वास्थ्य लाभ के लिए करें सुखासन

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पालथी मारकर बैठना भारत की पुरानी परंपरा रही है लेकिन बदलती जीवनशैली में यह सब छूट गया है| चाहे भोजन करना हो या टॉयलेट सभी जगह बैठक कुर्सी की तरह हो गयी है| जो की शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक है| अगर आप भी दिन भर में कुछ समय भी पालथी मारकर नहीं बैठ पाते है तो यक़ीनन आप एक बड़ी समस्या को बुलावा दे रहे है| जब आप भी Sukhasana Yoga in Hindi के लाभ जानेंगे तो अचंभित रह जायेंगे|

सुखासन का शाब्दिक अर्थ होता है सुख को देने वाला आसन, इस आसन को करने से सच में आत्मीय शांति और सुख की प्राप्ति होती है इसलिए इसे सुखासन कहा जाता है| अगर आप योग की शुरुआत कर रहे है तो यह आसन आपके लिए बेहतर है क्योकि यह सबसे सरल आसन है| जो लोग इस आसन को करते है उनका मन शांत तथा चित्त एकाग्र हो जाता है| यह ध्यान और श्वसन के लिए लाभदायक है|

प्राचीन काल से इस आसन को ऋषि मुनियो ने प्रचलित किया| यह बस वैसा ही है जैसे पालथी मारकर बैठना| ऐसा करने से घुटने 90 डिग्री मुड़ते है, जिससे उन्हें दर्द में आराम मिलता है| सुखासन को करने से पैरों में रक्त का संचार कम हो जाता है जिससे अतिरिक्त रक्त शरीर के अन्य भागो मे पहुँच जाता है और उन्हें क्रियाशील बनाता है| इस आसन को करने से छाती और पैर मजबूत होते है| वीर्य रक्षा में मदद मिलती है तथा रीड की हड्डी मजबूत बनती है|

Sukhasana Yoga in Hindi: जानें इसकी विधि और लाभ

Sukhasana Yoga in Hindi

कैसे करें सुखासन: जानें इसकी विधि

सुखासन में दोनों पैरों को एक क्रॉस की मुद्रा में दबाकर रखा जाता है जिसे कमल मुद्रा भी कहते है ध्यान के लिए यह उपयुक्त आसन होता है| आइये जानते है सुखासन करने की विधि –

  • समतल जमीन पर आसान बिछाकर पालथी मोड़कर बैठ जाएं|
  • अपने सिर गर्दन और पीठ को सीधा रखें, उन्हें झुकाएं नहीं|
  • कंधो को थोड़ा ढीला छोड़े|
  • दोनों हाथों को घुटनों पर तथा हथेलियों को ऊपर की और रखें|
  • सिर को थोड़ा ऊपर उठाये और आँखे बंद कर लें|
  • अब अपना ध्यान अपनी श्वसन क्रिया पर लगाएं और लम्बी और गहरी सांस लेते रहे|
  • इस आसन को कभी भी एकांत में बैठकर 5-10 मिनट तक कर सकते है|
  • अगर आप आध्यात्मिक दृष्टि से यह योग कर रहे है तो पूर्व या उत्तर दिशा में इसे करें|
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सुखासन के लाभ

दार्शनिक पॉल ब्रंटन ने अपनी पुस्तक “इन द सर्च ऑफ़ सीक्रेट इंडिया” में भारतीय साधु संतों और उनकी आसन क्रियाओं की विधियों के बारे में लिखा है| उनके अनुसार सिद्ध और चमत्कारी साधुओं की शक्ति का मुख्य रहस्य उनका स्थिरता पूर्वक बैठना था| उनके अनुसार सभी योगासनों के अपने अलग लाभ है जो मनुष्य शरीर को बीमारियो से तो बचाता है साथ ही शरीर में ऊर्जा का विकास भी करता है| आइये जानते है Sukhasana Benefits in Hindi.

  1. इस आसन को प्रतिदिन करने से मन में शांति तथा एकाग्रता बढ़ती है|
  2. रीड की हड्डियों की परेशानियों से निजाद मिलता है|
  3. इस आसन से छाती और पैर मजबूत होते है तथा वीर्य रक्षा में मदद मिलती है|
  4. इस आसन को करने से रक्त का संचार पूरे शरीर में एकसमान होता है| जिससे शरीर अधिक ऊर्जावान बनता है|
  5. सुखासन में बैठकर खाना खाने से मोटापा, कब्ज, अपच आदि पेट से संबंधित बीमारियों से छुटकारा मिलता है|
  6. सुखासन से मानसिक तनाव कम होता है साथ ही मन में सकारात्मक विचारों को उत्पत्ति होती है|

सावधानियां

  1. पैरों में किसी भी तरह का दर्द या परेशानी हो तो यह आसन नही करना चाहिए|
  2. साइटिका के रोगियों को यह आसान नहीं करना चाहिए|
  3. रीड के निचले हिस्से या घुटनों में दर्द, सूजन या किसी तरह की बीमारी होने पर भी यह आसान नहीं करना चाहिए|

एक अध्ययन के अनुसार व्यक्ति को अपने मानसिक स्तर को बढ़ाने के लिए जप, तप और मंत्र के साथ साथ स्थिरता पूर्वक बैठना भी बहुत उपयोगी है| दोनों में से एक भी गड़बड़ हुआ तो कठिनाई आ सकती है| भारत में तो Sukhasana Yoga in Hindi या पालथी लगाकर सब लोग आसानी से बैठ जाते है लेकिन बाहर के देशों में ध्यान या योग की कक्षा में सुखासन में बैठना सिखाया जाता है| आप भी इस आसन को नियमित रूप से करें और अपने शारीरिक, मानसिक स्तर को बढ़ाए|

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