Supta Baddha Konasana – मांसपेशियों में तनाव कम कर थकान को दूर करे

सुप्त बंध कोणासन एक बहुत ही आरामदायक योग आसन है। यह एक रेस्टोरेटिव पोज़ होता है जो शरीर, मन और आत्मा को आराम देता है। यह आसन थकान, चिंता और अनिद्रा को दूर करता है।

इसके अभ्यास से कमर और आंतरिक जांघ की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग होती है। यह गहरी साँस लेने के लिए छाती को खोलता है। सुप्त बंध कोणासन करने से तंत्रिका तंत्र में तनाव कम हो जाता है।

यह आसन जांघो का भीतरी हिंसा और गले की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है। यह आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करता हैI

अंग्रेजी में इस आसन को रीक्लाइनिंग बाउंड एंगल पोज़ भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त रीक्लाइंड कॉब्लर पोज़ और रीक्लाइंड गॉडेस पोज़ इसके अन्य नाम है| आइये आज के लेख में जानते है Supta Baddha Konasana की विधि और इसके फायदे।

Supta Baddha Konasana: जानिए इसे करने का तरीका तथा इसके फायदे

Supta Baddha Konasana

सुप्त बंध कोणासन को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए जमीन पर सीधे और पीठ के बल लेट जाए।
  • फिर अपने दोनों हाथो और पैरो को बाहर की और फैलाले|
  • अब घुटनों को मोड़ते हुए पैरों के दोनों एड़ियों को मिलाले|
  • आपके शरीर की मुद्रा चित्र में दिखाए अनुसार होनी चाहिए|
  • जब आप कम्फर्ट महसूस करने लगे, कम से कम पांच गहरी सांसे ले।
  • आप चाहे तो अपनी पीठ के निचे सपोर्ट के लिए सिलेंडर तकिया रख सकते है|

सुप्त बंध कोणासन के फायदे

  1. यह मन को शांत करता है और सिरदर्द से राहत देता है।
  2. यह आसन तनाव से राहत देता है और डिप्रेशन को ठीक करता है|
  3. सुप्त बंध कोणासन का अभ्यास अंडाशय, प्रोस्टेट ग्रंथि, गुर्दे और मूत्राशय को सक्रिय करता है।
  4. इस आसान को नियमित करने से हृदय उत्तेजित होता है और रक्त परिसंचरण में सुधार आता है।
  5. यदि आप हिप्स को शेप में लाना चाहते है तो सुप्त बंध कोणासन इसका अच्छा विकल्प है|
  6. सुप्त बंध कोणासन मांसपेशियों में तनाव कम कर देता है और आपको थकावट और अनिद्रा से राहत देता है।
  7. सुप्त बंध कोणासन को रोज करने से आपके Groin(पेट और जांध के बीच का भाग), आंतरिक जांघों और घुटनों में एक अच्छा खिंचाव आता है।
  8. यह आसन पाचन और प्रजनन प्रणाली को ठीक करता है और आंत्र सिंड्रोम, बांझपन, रजोनिवृत्ति जैसी स्तिथियो का इलाज भी करता है।

सुप्त बंध कोणासन में सावधानिया

  • यदि आपको घुटने में चोट, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, कंधे की चोट या फिर हिप में चोट हो तो इस आसन को ना करे।
  • गर्भवती महिलाओं को एक प्रशिक्षक की देखरेख में ही इस आसन को करना चाहिए।

Supta Baddha Konasana Preparatory Poses: इसके पहले करने वाले आसन

  1. बंध कोणासन
  2. वीरासन
  3. वृक्षासन
  4. सुप्त पादंगुष्ठासन

Supta Baddha Konasana Follow-up Poses: इसके बाद करने वाले आसन

  1. गोमुखासन
  2. पद्मासन
  3. मालासन

सुबह के समय इसका अभ्यास करना अच्छा होता है परन्तु यदि आप सुबह अभ्यास करने में असमर्थ है तो इसे शाम को भी कर सकते है। परन्तु भोजन और अभ्यास के बीच कम से कम चार से छह घंटे का अंतर होना चाहिए।

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