शरीर का लचीलापन बढ़ाने में मददगार है तितली आसन

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बार बार मौसम के परिवर्तन होने के कारण गला खराब होना, बदन दर्द होना और बुखार आदि समस्याएं हो जाती हैं। वैसे तो यदि आप स्ट्रांग हो तो मौसम का इतना असर नहीं पढता| लेकिन जिनका इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है, उन्हें मौसम के परिवर्तन का असर बहुत जल्दी होता है|

लेकिन यदि खानपान में सावधानी बरती जाये और योग का अभ्यास किया जाये तो मौसम के बदलने पर होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है| योग से ना केवल प्रतिरोधक तंत्र मजबूत बनता है बल्कि शरीर से कई बीमारियाँ जैसे मधुमेह, कोलेस्ट्रोल आदि का खात्मा भी होता है|

योग के अंतर्गत कई आसन आते है| सभी से शरीर को भिन्न भिन्न लाभ मिलते है| कुछ आसन करने में बेहद ही सरल होते है तो कुछ कठिन| आप योगा क्लासेज लगा कर आसनो को सिख सकते है| लेकिन यदि आप घर पर ही आसन करना चाहते है, तो सरल आसनो का चयन करना बेहतर है| क्योकि आसनो को करने से भले ही आपने केवल फायदों के बारे में सुना है| लेकिन यदि इन आसनो को गलत किया जाये तो यह हमारे शरीर को नुकसान पहुँचाते है|

आज हम आपको तितली आसन के बारे में बता रहे है| इसे आप अपने घर पर आसानी से अभ्यास कर सकते है| अंग्रेजी में इस आसन को बटरफ्लाई पोज़ कहा जाता है| तितली आसन करते समय आपके शरीर की मुद्रा तितली के समान हो जाती है| इसलिए इस आसन को तितली आसन कहते हैं। आइये जानते है Titali Asana in Hindi और इससे मिलने वाले लाभ और इसे करने के तरीके के बारे में|

Titali Asana in Hindi – तितली आसन की विधि और लाभ   

Titali Asana in Hindi

दिन भर की भागदौड़ के लिए आपके पैरों की मांसपेशियां का मजबूत होना बहुत जरुरी है। लेकिन व्यायाम की कमी के चलते हमारे पैरो पर चर्बी चढ़ती जाती है| नतीजन पैरो का शेप भी बिगड़ जाता है और पैरो में दर्द आदि समस्याए आती है| इसलिए यदि सुबह सुबह तितली आसन का अभ्यास कर लिया जाये तो पैरों की मांसपेशियां की एक अच्छी कसरत हो जाती है और मांसपेशियां मजबूत भी होती हैं।

दरहसल तितली आसन और पदमासन एक दूसरे के पूरक हैं और जो लोग पदमासन नहीं कर सकते हैं उन्हें तितली आसन का अभ्यास करना चाहिए| इस तरह वे बाद में वे पदमासन का अभ्यास भी आसानी से कर सकते है|

तितली आसन करने की विधि

  • तितली आसन को करने के लिए सर्वप्रथम तो कंबल को समतल ज़मीन पर बिछाकर उस पर बैठ जाएं|
  • इसके पश्चात अपने दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें और दोनों पैरों को घुटनों की तरफ से मोड़ें|  अब अपने दोनों तलवों को आपस में परस्पर मिला लें|
  • अब इस स्थिति में हाथों से पैरों की अंगुलियों को उसके पास से पकड़ें और एड़ियो को ज़्यादा से ज़्यादा शरीर के क़रीब लाने का प्रयत्न करे|
  • लेकिन हां यह करते वक्त ध्यान रहे कि हाथ सीधे रहें और शरीर भी पूरी तरह सीधा होना चाहिए|
  • ऐसा इसलिए करना है ताकि रीढ़ की हड्डी भी सीधी हो जाए|
  • श्वास को सामान्य रहने दें और दोनों पैरों के घुटनों को एक साथ ऊपर की ओर लाएं और फिर नीचे ले जाये, जिस प्रकार तितली अपने पंखो को फैलाती है| उसी तरह आपको अपने पैरो को करना है|
  • अब अपने पैरों को लगातार 15-20 बार ऊपर-नीचे की ओर ले जाएं, ध्यान रखें की ये आसानी से करे, झटका देकर ना करे|
  • इसके पश्चात अपने पैरों को धीरे-धीरे सीधा कर लें और कुछ समय तक शरीर को ढीला छोड़ दें|
  • ऊपर की गयी क्रिया को ही तितली आसन कहा जाता है|
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Butterfly Yoga Benefits: तितली आसन को करने के लाभ

शरीर लचीला बनाये

तितली आसन के नियमित अभ्यास से हमारा शरीर लचीला बनता है और हमें अन्य योग करने में मदद मिलती है| यहाँ तक की इसे करने से मांसपेशियां लचीली व मजबूत भी होती हैं| जो लोगो को अपने पैरों को मोड़कर बैठने में समस्या आती है। यदि वो इस आसन का अभ्यास करते है तो आप आसानी से पैर मोड़कर बैठ सकते हैं।

गर्भावस्था में फायदेमंद

गर्भावस्था में तितली आसन को करने के भी फायदे है| इसे करने से डिलवरी के समय होने वाला दर्द कम होता है। गर्भवती महिलाये इस आसन को पहली तिमाही में ही शुरू कर सकती है। इस आसान से आपके शरीर के ‍पिछले निचले हिस्से व जंघाओं के आतंरिक हिस्से का तनाव कम होकर खुल जाता है साथ ही इससे घुटनों का लचीलापन भी बढ़ता है।

पैरो की थकान दूर करे

Butterfly Pose को करने से जांघों की मांसपेशियों में आया तनाव या खिंचाव कम होता है। इसलिए अधिक देर तक खड़े रहने या फिर चलने के बाद तितली आसन को किया जाये तो इससे पैरो की थकान दूर होती है|

जोड़ो का दर्द दूर करे

तितली आसन करने से पैरों में खून का बहाव ठीक रहता है। गठिया व जोड़ों के दर्द में इस आसन को करने से काफी आराम मिलता है। इससे इम्युनिटी सिस्टम भी स्ट्रांग होता है|

तितली आसन में बरती जाने वाली सावधानियाँ

  1. जिन लोगों को कमर के निचले हिस्से में दर्द हो वे लोग तितली आसन का अभ्यास न करें।
  2. इस आसन को करते समय पैरों को ज्यादा जोर से नहीं हिलाएं। जितना हो सके उतना ही करे| अभ्यास करते रहने से धीरे धीरे आपके पैर अच्छे से मुड़ने लगेंगे|

ऊपर आपने जाना Titali Asana in Hindi. यदि आप भी उपरोक्त लाभ चाहते है तो तितली आसन का अभ्यास जरूर करे|

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