Vajrasana in Hindi: पेट की चर्बी घटाने में सहायक है वज्रासन योग, जानिए इसकी विधि

आजकल अधिकतर लोगो की जीवनशैली अनियमित हो चुकी है। काम की व्यस्तता के चलते लोगो ने अपने शरीर पर ध्यान देना बिलकुल ही छोड़ दिया है। ना ही कोई व्यायाम को समय देता है और ना ही अच्छा खानपान लेता है। और हम सभी जानते है की अधिकतर लोगो का कार्य घंटो बैठने का होता है, जिसके चलते शरीर पर चर्बी जमना सामान्य बात है। और सबसे ज्यादा चर्बी जमती है पेट और कुलहो पर।

इसके अतिरिक्त तनाव भी शरीर पर वसा जमने का एक मुख्य कारण है। शरीर पर जमा हुआ वसा ना केवल आपको बेढोल दिखाता है बल्कि इससे कई बीमारिया होने का खतरा भी रहता है। मोटे शरीर वालो को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रोल आदि होने की सम्भावनाये रहती है।

इन सभी बीमारियों से दुरी बनाने और शरीर की चर्बी घटाने के लिए अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए। योग आपके शरीर को छरहरा रखने और मन को तनाव मुक्त रखने का सबसे अच्छा तरीका है। योग करने में आपको किसी तरह का व्यव भी नहीं लगता है। पेट की चर्बी को कम करने के लिए, पाचन को सुधारने के लिए योगासनों में वज्रासन सबसे प्रभावी है। आइये विस्तार से जाने Vajrasana in Hindi.

Vajrasana in Hindi – वज्रासन कैसे करे और इसके लाभ

Vajrasana in Hindi

वज्रासन दो शब्दों का मेल है वज्र + आसन, वज्र का मतलब होता है कठोर अथवा मजबूत। इस आसन के अभ्यास से शरीर मजबूत बनता है। यह एक साधनात्मक मुद्रा हैं। यह एक मात्र ऐसा आसन है जिसे खाने के बाद भी कर सकते है। इस आसन को दिन या शाम दोनों वक्त कर सकते है।

Vajrasana Steps in Hindi: वज्रासन कैसे करे? जाने इसकी विधि और फायदे

  • Vajrasana Yoga करने के लिए किसी साफ़ समतल जगह पर दरी बिछाये।
  • फिर इस पर घुटनों के बल बैठे तथा पंजों को पीछे फैलाकर एक पैर के अंगूठे को दूसरे अंगूठे पर रख दे।
  • इस मुद्रा में आपके घुटने पास-पास किन्तु एड़ियां अलग-अलग होनी चाहिए।
  • आपका नितम्ब दोनों पंजो के बिच में होना चाहिए और एड़ियां कूल्हों की तरफ।
  • अब अपनी हथेलियों को घुटनो पर रखे।
  • आप अपनी क्षमता के अनुसार वज्रासन का अभ्यास कीजिए।
  • बाद में वापिस सामान्य अवस्था में आ जाये।
  • वज्रासन करने के लिए भोजन के बाद पहले 5 मिनट का समय ले फिर इसे करे।

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Vajrasana Benefits in Hindi: वज्रासन के लाभ

  • इस आसन के अभ्यास से पेट और कमर की चर्बी घटती है।
  • हर्निया के रोगियों को इसका अभ्यास करने से फायदा मिलता है।
  • वज्रासन करने से शरीर में रक्तसंचार सुधरता है।
  • वज्रासन से अमलता और गैस की समस्या से निजात मिलती है।
  • वज्रासन से तनाव कम होता है तथा मन को शांति मिलती है।
  • इससे रीढ़ की हड्डी सीधी होती है, तथा बॉडी का पोश्चर सुधरता है।
  • इससे यौन अंगों को शक्ति मिलती है तथा पेशाब की समस्या से निजात मिलती है।
  • वज्रासन Yoga for Weight Loss भी है, तथा इससे जांघो के आसपास की चर्बी भी घटती है।
  • जो लोग अपने शरीर को सुडौल बनाना चाहते है वो इस आसन का अभ्यास जरुर करे।
  • इसका नियमित अभ्यास रीढ़ के नीचले भाग तथा पैरों के तनाव को दूर करता है।
  • भोजन करने के बाद वज्रासन का अभ्यास करने से पाचन प्रणाली सुधरती है और अपचन की समस्या नहीं होती।
  • इसके नियमित अभ्यास से साइटिका में फायदा मिलता है।
  • वज्रासन का नियमित अभ्यास करने से ज्वाइंट पेन, वेरिकोज वेन्स, गठिया आदि रोंग नहीं होते।
  • यह आमाशय और गर्भाशय की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है। इसलिए यह आसन महिलाओं के शिशु जन्म में सहायक है।
  • सभी दूसरे योगासनों की तरह जब वज्रासन किया जाता है तो यह श्वसन क्रिया को बेहतर बनाने का काम करता है और साथ ही यह तनाव और चिंता से मुक्ति दिलाने में भी सक्षम होता है।
  • यह शरीर से विषाक्त पदार्थो को निकालने में भी मददगार होता है। इसका अभ्यास कई बीमारियों में फायदेमंद होता है।
  • वज्रासन का नियमित रूप से अभ्यास करने से स्ट्रेस एवं एन्जाइटी कम होती है और जिससे मनुष्य का मन प्रसन्न रहता है और टेस्टोस्टेरॉन नामक हॉर्मोन बढ़ता है जो शरीर को एनर्जी प्रदान करने में मदद करता है।
  • Vajrasana Yoga स्टेमिना बढ़ाने में भी काफी मददगार होता है।
  • वज्रासन का अभ्यास मूड स्विंग की समस्या में भी राहत मिल जाती है क्योंकि इसे करने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट सही रहता है जो शरीर में अच्छे हॉर्मोन को उत्पन्न करने में सहायक होता है जो मूड को अच्छा रखते है।
  • वज्रासन न केवल स्वास्थ्य संबंधित फायदे प्रदान करता है बल्कि यह त्वचा संबंधित समस्या में भी फ़ायदेमंद साबित होता है।
  • इस आसन को रेगुलर करने से त्वचा कोमल और स्मूथ बनती है साथ ही साथ ग्लो करने लगती है।

Vajrasana Precautions: वज्रासन में सावधानिया

  • जिन लोगो को घुटनो में किसी तरह की परेशानी है उन्हें इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • बवासीर के मरीजो के लिए भी वज्रासन का अभ्यास मना है।
  • इस आसन को खाने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है। इससे पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है
  • इस आसान को करने के लिए सीधे बैठे इससे रीढ़ की हड्डी में भी फायदा मिलता है।
  • जिन लोगो को जोड़ों से जुड़े कोई विकार हो या फिर रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कोई बीमारी तो डॉक्टर की सलाह से ही यह आसन करे।
  • पैरों और घुटनो में ज्यादा समस्या होने पर इस आसान को ना करे।
  • इस आसन को स्लिप डिस्क की समस्या होने पर भी ना करे।
  • इसी के साथ जिन लोगो को चलने फिरने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत होती है तो उन्हें इस आसन को काफी सावधानी से करना चाहिए।
  • Vajrasana को हड़बड़ी में बिलकुल भी ना करे।  आराम से करें और ध्यान पूर्वक करें।
  • अगर टखनो, घुटनो और ऐड़ियो पर किसी तरह का कोई ऑपरेशन करवाया हो तो इस आसन को ना करें।
  • इस आसन को करते समय चक्कर आने की समस्या या फिर पीठ दर्द, या फिर शरीर का कोई ओर हिस्सा ज्यादा दर्द करने लगे तो इस आसान को करना वही छोड़ दें।

ऊपर आपने जाना Vajrasana in Hindi. आप भी वज्रासन का अभ्यास कर उपरोक्त लाभ पा सकते है। वज्रासन का अभ्यास करते वक्त आपको एडी में दर्द, या फिर कोई अन्य परेशानी हो रही है तो इसे करना छोड़ दे और चिकित्सक की सलाह से ही इसे करे।

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