Virasana Yoga: पैरों की थकान को दूर करने के लिए उत्तम आसन

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वीरासन एक संस्कृत शब्द है जिसे हीरो पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। जिसमे वीरा यानि हीरो और आसन मतलब पोज़ होता है।

एक नायक दुनिया के लिए लड़ता है। वह अपने स्वयं की रक्षा और सुरक्षा करता है| वह जब बैठता है तो इस प्रकर बैठता है की उसने अपने दुश्मन को जीत लिया है।

ठीक उसी प्रकार योगी नायक का मतलब होता है कि वह अपने भीतर की अशांति पर काबू पाएं, बीमारियों पर विजय पाकर अच्छा स्वास्थ्य हासिल करे। वीरासन आसन इसी में मदद करता है|

वीरासन पैरों में रक्त के संचलन में सुधार करता है और थके हुए पैरों से राहत दिलाता है। यह उच्च रक्तचाप, अस्थमा और फ्लैट पैर का इलाज करने में सहायता करता है। इसके और भी कई फायदे है, आइये विस्तार से जाने Virasana Yoga के बारे में|

Virasana Yoga – जानिए इसकी विधि, लाभ तथा सावधानियां

Virasana Yoga

Hero Pose Steps: वीरासन को कैसे करे

  • सबसे पहले एक मेट पर बैठ जाये, फिर घुटनो को मोड़कर वज्रासन की मुद्रा में आ जाये|
  • सुनिश्चित करें कि आपके घुटने सीधे आपके कूल्हों के नीचे स्थित हैं और अपने हाथों को अपने घुटनों पर रखे।
  • दोनों घुटनो को पास में लाये, जिससे पैरों के बीच का भाग स्वतः ही चौड़ा जायेगा। यह आपके कूल्हों की चौड़ाई से अधिक होना चाहिए।
  • धीरे धीरे अपने कूल्हों को नीचे की तरफ लाये। ताकि आप अपने चटाई पर बैठ पाए। ध्यान रहे की आपके कूल्हे आपके पैरों के बीच में रहे।
  • आपको यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि जब आप मुद्रा में आते हैं, तो आप अपने घुटनों में दर्द और मुड़ा हुआ महसूस नहीं करते हैं।
  • इसके बाद पैर की अंगुली को बाहर की तरफ और पीछे करे। एड़ियों को इस तरह खींचे की आपके घुटने सुरक्षित रहे।
  • कंधो को आरामदायक मुद्रा में रखें और तनकर बैठें।
  • सिर को सीधा रखकर सामने की ओर देखे, इस स्थिति में 30 सेकंड तक रुके।
  • अब अपनी प्रारंभिक स्थिति में आ जाये।

Hero Pose Benefits: वीरासन के फायदे

  1. वीरासन को नियमित रूप से करने पर पैरो की अच्छी खासी स्ट्रेचिंग होती है|
  2. इस आसन के द्वारा टखनों, जांघों, और घुटनों को एक अच्छा खिंचाव मिलता है, जिससे यह मजबूत होते है|
  3. वीरासन रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करने में भी मदद करता है।
  4. इस आसन को करने से पाचन तंत्र अच्छा रहता है। साथ ही यह गैस से भी राहत देता है।
  5. वीरासन को रोज करने से गर्भावस्था के दूसरे तिमाही के दौरान पैरों की सूजन को कम करने में सहायता मिलती है|

वीरासन के पहले करने वाले पोज़

  • बद्ध कोणासन
  • बालासन

वीरासन के बाद करने वाले पोज़

  • पद्मासन
  • बकासन

सावधानिया:

  • हार्ट से जुडी प्रॉब्लम में इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपके सिर में दर्द है तो इस आसन को करते समय नीचे की और न झुके।
  • यदि आपको घुटने की चोट है तो इस आसन को न करे।
  • यदि आप सुबह के वक्त इस मुद्रा का अभ्यास करते हैं तो यह सबसे अच्छा है।
  • आप चाहे तो इसे शाम को भी इसे कर सकते हैं, इस आसन में यह आवश्यक नहीं है की आपका पेट खाली हो|

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