जाने योगासानो के लाभ और इससे जुडी कुछ सावधानिया

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योगासन करने के बहुत फायदे हैं। योगासन करने से ना केवल आपका स्वास्थ सुधरता है बल्कि इसकी मदद से आप कई बीमारियो पर भी निजाद पा सकते है| योगासन करने से शरीर और मन तरोताजा रहता है| शरीर की खोई हुई शक्ति लाना और आध्यात्मिक लाभ की दृष्टि से भी इसका बहुत महत्त्व है।

योगासन एक ऐसी व्यायाम पद्धति है, जिसे करने के लिए किसी तरह के साधनो की जरुरत नहीं पड़ती और ना ही किसी तरह का व्यव लगता है| इसकी खासियत यह है की चाहे आमिर हो या गरीब हर कोई इससे लाभ उठा सकता है|

योगाभ्यास करने से तनाव कम होता है, कोलेस्ट्रोल कम होता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के साथ-साथ यह वजन घटाने में भी सहायक हैं। योगासन के इन्ही फायदों को देखते हुए पिछले कुछ सालों से इसकी लोकप्रियता और इसे अपनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शायद आप नहीं जानते है की योगासन करने से आपको कितने लाभ पहुंच सकते हैं। इसलिए आज हम आपको Yoga Asanas in Hindi, योगासनो के बारे में बता रहे है|

Yoga Asanas in Hindi- अच्छे स्वास्थ के लिए रोज करे योग आसान

Yoga Asanas in Hindi

कुछ लोग सोचते है की शरीर को महज तोड़ने मरोड़ने का नाम योग है| पर ऐसा नहीं है, असल में योग शब्द का मतलब होता हैं ‘ जोड़ना ‘।  जुड़ना का अर्थ है दो या अधिक चीजो का मिलना। योग के जरिए मस्तिष्क और शरीर का मिलन होता है। योगासनों का सबसे बड़ा गुण यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं। निचे कुछ आसन क्रियाएँ दी जा रही हैं जिन्हें अपनाकर आप सारे दिन की स्फूर्ति अर्जित कर सकती हैं।

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार बेहद ही महत्वपूर्ण आसान है| इसे 12 योगासनों को मिलाकर बनाया गया है| यह अकेला आसान, सम्पूर्ण योग व्यायाम के बराबर लाभ पहुंचाने में समर्थ है। इसे करने से शरीर तेजस्वी बनता है, शरीर में खून का संचार सुधरता है, और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है| नियमित रूप से रोज सुबह सूर्य नमस्कार करने पर आपको कुछ ही दिनों में अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति में अंतर महसूस होने लगेगा|

प्राणायाम

प्राणायाम का भी योग में बहुत महत्व है। प्राणायाम दो शब्दों से मिलकर बना है प्राण+आयाम| प्राण का अर्थ होता है “जीवात्मा” और आयाम का अर्थ होता है “उलटा गमन”। जिन लोगो को अच्छा स्वास्थ चाहिए उन्हें प्राणायाम जरूर करना चाहिए| इस आसान को करने से शांति और सुख का अनुभव होता है| मस्तिष्क से सम्बंधित सभी व्याधिओं को मिटाने के लिये भी यह आसान बहुत लाभदायक है|

कपालभाति

Yoga Asanas for Weight Loss में कपालभाति बेहद फायदेमंद है|जिन लोगो को शरीर की बढी चर्बी घटना है, उन्हें इस आसान को जरूर करना चाहिए| कपालभाती प्राणायाम को धरती की सन्जीवनी कहा जाता है| इस आसान को करते समय मुलाधार चक्र पे ध्यान केन्द्रित करना होता है| इससे मुलाधार चक्र जाग्रत होकर कुन्ड्लिनी की शक्ति जागृत होने मे मदत होती है| इस आसान को करने से किडनी स्वतः स्वच्छ होती है और डायलेसिस करने की जरुरत नहीं पडती है|

शवासन

आजकल के भागदौड़ भरे वातावरण में लोग थकान और तनाव से पीड़ित रहते हैं| ऐसे में शरीर की थकान दूर करने और मन को शांति पहुचाने के लिए शवासन योग सबसे सर्वश्रेष्ठ है| इस आसन में आपको कुछ नहीं करना है। बस इसमें आपको शव याने की डेड बॉडी की तरह लेटना होता हैं| शवासन अकेला ऐसा आसन है, जिसे हर उम्र के लोग कर सकते हैं। इसे पूरी सजगता के साथ करने पर तनाव दूर होता है, उच्च रक्तचाप सामान्य होता है और अनिद्रा की समस्या से भी निजाद मिलती है|

वज्रासन

जिन लोगो का पेट और हाजमा सही नहीं रहता है उन्हें वज्रासन योग जरूर करना चाहिए| यह एकमात्र ऐसा आसन है जिसे खाना खाने के बाद किया जाता है। भोजन करने के बाद दस मिनट तक वज्रासन की मुद्रा में बैठने से भोजन जल्दी पचने लगता है और कब्ज, गैस, और पेट की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। वज्र का मतलब होता हैं कठोर याने की मजबूत। इस आसन को लंबे समय तक करने से हमारे पैर, जांघ मजबूत होते है और शरीर के स्थिर होने के कारण इस आसन को वज्रासन कहा जाता हैं।

योगासन करने से पहले इन् बातो को जरूर जाने:-

  1. इन् आसनो को करने से हमें कई लाभ मिलते है, लेकिन इन्हे करने से पहले हमें कई सावधानिया बरतने की जरुरत होती है| योग आसनो को प्रभावकारी और लाभदायक बनाने के लिए निचे दी गयी बातो को पड़े|
  2. योगासन को हमेशा शौच क्रिया एवं स्नान होने के बाद ही करना चाहिए|
  3. लडकिया और महिलाये मासिक धर्म, गर्भावस्था, बुखार या फिर किसी गंभीर रोग होने पर आसन न करें।
  4. योगासन को करते वक्त कपड़ो का ध्यान रखना भी जरुरी है, इसे करते वक्त टाइट कपडे ना पहने हमेशा ढीले वस्त्र का चयन करे|
  5. योगासन का अभ्यास बाहर खुली हवा में करना चाहिए| और यदि आप इसे घर में करना चाहते है तो खुले एवं हवादार कमरे का चयन करे|
  6. योग करने के पूर्व अंग-संचालन करना फायदेमंद है। इससे अंगों की जकड़न खत्म होती है और शरीर आसनों के लिए तैयार होता है।
  7. Yoga Asanas की शुरुवात कम समय से करे और धीरे धीरे अपना समय बढ़ाये| किसी भी आसन को करते समय अनावश्यक जोर न लगाएँ। इसे आसानी से करें, कठिनाई से नहीं।
  8. यदि रक्त अत्यधिक अशुद्ध हो तो सिर के बल किए जाने वाले आसन को बिलकुल भी ना करे। ऐसे में  विषैले तत्व मस्तिष्क में पहुँचकर उसे क्षति पहुँचा सकते है|

आसन के प्रारंभ और अंत में विश्राम करें। यदि आपको आसन को करने के दौरान किसी भी अंग में अत्यधिक पीड़ा होती है तो इसे करना तुरंत बंद करदे और योग चिकित्सक से सलाह लेकर ही आसन करें।

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