गर्भावस्था को आसान बनाने के लिए फायदेमंद है योगासन

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गर्भावस्था महिलाओ के जीवन का खास समय होता है| महिला के गर्भावस्था के समय पूरा परिवार बहुत ही खुश होता है| और हो भी क्यों ना परिवार में एक नन्हा मेहमान जो आने वाला होता है| स्वस्थ बच्चे के लिए गर्भावस्था में माँ का ख्याल अच्छे से रखना बहुत ही जरुरी होता है| गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य में कई तरह के उतार-चढ़ाव आते हैं।

महिलाओ को इस समय में कई तरह की परेशानियों से गुजरना पढता है जैसे की कमर और पीठ में दर्द होना, नस चढ़ना, मानसिक अशांति होना आद‌ि। इन परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए महिलाएं ना तो अधिक दवाइयों का सेवन कर सकती है और न ही ज्यादा व्यायाम कर सकती है|

लेकिन इन समस्याओं से निजाद पाने के लिए महिलाओ द्वारा हलके-फुल्के योगासनो को किया जा सकता है| इन योगासनो को करने के लिए अधिक मेहनत भी नहीं करनी पढ़ती है ये आसान पूरी तरह सुरक्षित भी हैं। प्रेगनेंसी में योगा करना बहुत फायदेमंद होता है| यह सांस लेने और शरीर को रिलैक्स बनाने में मदद करता है। यहाँ तक की योग की मदद से प्रसव पीड़ा को सहने की शक्ति भी मिलती है|

योग की मदद से गर्भावस्था के समय होने वाली छोटी-छोटी समस्याओं से निपटने में आसानी मिलती है| तो आइये जाने Yoga during Pregnancy in Hindi. लेकिन किसी भी आसन को करने से पहले अपने डाक्टर से सलाह अवश्य लें।

Yoga During Pregnancy in Hindi: गर्भावस्था में योग

Yoga during Pregnancy in Hindi

तितली आसन

गर्भावस्था में तितली आसन को करना सरल और फायदेमंद दोनों है, इस आसन को तीसरे माह में करना शुरू कर देना चाहिए। यह शरीर का लचीलापन बड़ा देता है, और पुट्टे और जंघाओं के आतंरिक हिस्से को खोल देता है। इससे प्रजनन के दौरान गर्भवती महिलाओ को कोई भी समस्या नहीं होती है। लेकिन इस आसन को 10 मिनट से ज्यादा ना करे| और यदि थकान महसूस हो तो बीच में रेस्ट ले ले|

अनुलोम विलोम

गर्भावस्था में इस आसन को करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है, महिला खुद को तनाव रहित रख पाती है, जिससे ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। इसको करने के लिए दाएं हाथ के अंगूठे से नाक का दाया छिद्र बंद करें और बाये नाक के छिद्र सांस भीतर की ओर खींचे। अब अंगूठे से बाया छिद्र बंद करे और दाए छिद्र से सांस छोड़े| यह भी एक फायदेमंद Yoga in Pregnancy है|

शवासन

गर्भावस्था में शवासन करने से महिलाओ को मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है, इसे करने के लिए चटाई पर सीधा लेट जाएं और पेरो को सीधा कर ले, और जबड़े, हाथ, घुटने, नितम्ब और कन्धों समेत पूरे शरीर को ढीला छोड़ दे। उसके बाद धीरे-धीरे लंबी सांस ले और छोड़ें, और कुछ सेकंड के लिए उसी अवस्था में खुद को रखे|

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वक्रासन

इस आसन को हर उम्र के लोग कर सकते है, ये गर्भावस्था में भी किया जाता है, लेकिन इसको करते वक्त कई सावधानियों को बरतना भी जरुरी होता है| सबसे पहले तो दोनों पैर सामने की ओर फैलाकर सीधे बैठ जाएं। इसके पश्चात सांस भीतर लेते हुए दोनों हाथों को कंधे की सीध में फैलाएं| इस वक्त हथेलियों का मुंह नीचे की ओर हो। अब सांस छोड़ते हुए कमर से ऊपर के भाग को जितना मोड़ सकें, उतना मोड़ें। ज्यादा तनाव न लें। अब सांस लेते हुए सामान्य स्तिथि में आएं। अब इस विधि को दूसरी दिशा में कमर मोड़ते हुए दोहराएं|

पर्वतासन

गर्भावस्था में पर्वतासन को खुली हवादार जगह पर करना चाहिए, इससे कमर और कंधे का दर्द कम होता है। इस आसन को करने के लिए पद्मासन में बैठ जाये, और पीठ को सीधे रखे। इसके बाद धीरे-धीरे सांस भरे और कुछ देर सांस को रोक कर रखें, अब दोनों हाथो को ऊपर की और ले जाये और  हथेलियों को नमस्ते की मुद्रा में जोड़ लें। कुछ समय बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं इसके लिए आप धीरे-धीरे सांस छोड़े और हाथों को नीचे घुटनों तक लाएं, इस आसन को दो या तीन से अधिक न दोहराएं।

मार्जारी आसन

गर्भावस्था में इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाये, फिर आगे की और झुकते हुए हाथो की हथेलियों को जमीन पर टिका ले, और पेरो के बीच थोड़ी दुरी को बनाये रखे। इस आसन को करने से शरीर में फ्लेक्सिब्लिटी आती है| यह आसान दिमाग को शांत रखता है| इससे पाचन क्रिया सही रहती है और रक्त संचार में भी बढ़ोतरी होती है।

ऊपर आपने जाना Yoga during Pregnancy in Hindi. यदि योगा करने में कोई दिक्‍कत आती है या फिर शरीर के किसी भी भाग पर जोर पड़ रहा है| या फिर किसी तरह का दर्द हो रहा है तो उसी समय वो आसान करना बंद कर देना चाहिये।

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