योग की मदद से पाएं एसिडिटी से छुटकारा

एसिडिटी एक ऐसी समस्या है जो हम सभी को कभी न कभी होती है| इसके पीछे का मुख्य कारण है अनियमित भोजन शैली, जैसे गलत वक्त पर भोजन करना, ज्यादा तेल और मसालेदार भोजन का सेवन करना तथा कैफीन, अल्कोहल आदि अधिक मात्रा में लेना।

देखा जाये तो एसिडिटी बेहद ही आम समस्या है| यदि आपको गैस या एसिडिटी है तो आपको ब्लडप्रेशर या शुगर की बीमारी से ग्रस्त होने की सम्भावना अधिक होती है|

एसिडिटी होने पर पेट में गुड़गुड़ाहट होती है, डकारे आती है, बार-बार गुदा मार्ग से अपानवायु उत्सर्जित होती है आदि| एसिडिटी की समस्या से रक्त संचार व आंतों की गतिविधि पर भी बुरा असर पड़ता है। जिसके चलते ब्लडप्रेश या आंतों के रोग उत्पन्न हो सकते हैं।

योग की मदद से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है| हम सभी जानते है की योग आपके स्वास्थ्य को सुधारने में बहुत फायदेमंद है| आइये जानते है Yoga for Acidity in Hindi.

Yoga for Acidity in Hindi – एसिडिटी से निजात दिलाने वाले आसन

Yoga for Acidity in Hindi

एसिडिटी की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए प्रभावी योगाभ्यास

  1. हलासन
  2. वज्रासन
  3. उष्ट्रासन
  4. पवनमुक्तासन
  5. अनुलोम विलोम
  6. भस्त्रिका प्राणायाम
  7. कपालभाति प्राणायाम
  8. पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास पेट के आसपास के हिस्सों जैसे किडनी, लिवर, पैंक्रियाज को सुचारू करके हमारी पाचन क्रिया को सही बनाने में मदद करता है। यह आंतों को आराम देकर कब्ज से निजात दिलाता है|

  • इससे फेफड़े की निष्क्रियता दूर होती है और अपच, एसीडिटी और गैस जैसी समस्या से निजात मिलती है|
  • यदि आपको दस्त लगे हुये हैं या पीठ की चोट है तो यह आसन ना करें।

सर्वांगासन

यह आसन करने में थोड़ा कठिन होता है| लेकिन इसके फायदे अनेक है| जिन लोगो को माइग्रेन की समस्या है, या रक्त अशुद्ध है उन्हें इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए|

  • यह आसन मन को शांति देता है।
  • इसका नियमित अभ्यास अपच, एसीडिटी, अफारे और गैस आदि से बचाता है।
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वज्रासन

आमतौर पर सभी आसन खाली पेट किये जाते हैं। लेकिन वज्रासन में ऐसा कुछ नहीं है, खाना खाने के बाद इस आसन को किया जाता है|

  • इस आसन को करने से पेट और आंतों में रक्त का प्रवाह बढ़ता है|
  • भोजन को प्रभावी ढंग से पचाने में यह पाचन तंत्र की मदद करता है|

पवनमुक्तासन

पवनमुक्‍तासन बिलकुल अपने नाम के अनुरूप ही है अर्थात यह पेट से गैस आदि की समस्‍या को दूर करता है। जिनको पेट में गैस की समस्‍या होती है उन्‍हें पवनमुक्‍तासन जरूर करना चाहिये। इस योग की क्रिया द्वारा शरीर से दूषित वायु को शरीर से मुक्त किया जाता है| यह एक प्रभावी Yoga for Gas and Acidity है|

  • पवनमुक्तासन का रोजाना अभ्यास अपशिष्ट पदार्थ को हटाने के लिए बहुत जरूरी है|
  • यह मल त्याग करने में मदद करता है, तथा एसिडिटी की समस्या से निजात दिलाता है|
  • इस आसन का अभ्यास भोजन करने के तुरंत बाद नहीं करना चाहिए।
  • कंधों में दर्द तथा पैर मोड़ने में तकलीफ होने पर भी इस आसन को ना करे|

अनुलोम-विलोम

प्राणायाम को करने के हमारे शरीर को कई फायदे मिलते है| अनुलोम विलोम प्राणायाम हमारे  मस्तिष्क के दोनों गोलार्ध में संतुलन लाता है। इससे हमारी विचार करने की शक्ति बढ़ती है|

  • इस योग से सांस संबंधी दिक्कत, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में होती है|
  • इसका नियमित अभ्यास एसीडिटी और गैस में कारगर है।

मयूर आसन

इस आसन का अभ्यास करते समय आपका शरीर मोर के समान दिखाई देता है, इसलिए ही इसे मयूरासन कहा जाता हैं। पेट संबंधी रोगों को दूर करने में भी यह आसन काफी फायदेमंद है|

  • यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में काफी मदद करता है|
  • कब्ज की समस्या, गैस या पेट से संबंधित सामान्य रोगों में भी यह आसन लाभकारी है।

मत्स्यासन

मत्स्य का मतलब होता है मछली, आप नाम से ही समझ गए होंगे की इस आसन को करने पर शरीर की मुद्रा मछली की तरह होती है| इसलिए ही इसे मत्स्यासन कहा जाता है| Acidity Problem के लिए यह योगासन फायदेमंद है|

  • केवल थोड़ी देर इस आसन का नियमित अभ्यास करने से गैस और एसिडिटी की समस्या दूर होती है|
  • इससे कब्ज की समस्या दूर होकर भूख बढ़ती है।
  • इससे पाचन शक्ति भी बेहतर बनती है।

ऊपर आपने जाना Yoga for Acidity in Hindi. एसिडिटी की समस्या से प्राकृतिक रूप से छुटकारा पाने के लिए यह एक अच्छा व्यायाम है| किसी भी बीमारी से निजात पाने के लिए योग को किसी एक्सपर्ट की निगरानी में ही किया जाना चाहिए| आजकल चिकित्सक एसिडिटी और पेट से जुडी समस्याओ से छुटकारा दिलाने के लिए योग करने की सलाह देते है|

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