योग के द्वारा गठिया के दर्द में राहत पाएं

comment 0

गठिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें मनुष्य शारीरिक दर्द से बहुत परेशान रहता है और न ही इसका कोई स्थाई समाधान या इलाज है| इसे आमवात, संधिवात आदि नामों से भी जाना जाता है| इस रोग में ताउम्र शरीर के जोड़ों का दर्द बना रहता है| वैसे तो गठिया का रोग 40 की उम्र के बाद होता है लेकिन आज यह कम उम्र के लोगो में भी देखा जा रहा है|

इस रोग में सबसे पहले शरीर में निर्बलता और भारीपन के लक्षण दिखाई देते है| शरीर के सभी जोड़ों में इतना दर्द होता है कि जरा सा हिलाने पर भी चीख निकल जाये, खासकर सुबह के समय यह बहुत अधिक दर्द दायक होता है|

इसके अलावा कुछ लोगों में शरीर का अधिक गर्म हो जाना और लाल चट्टे पड़ना भी इसके लक्षणों में से एक है| जोड़ों के आसपास सूजन आना। शरीर के अन्य अंगों में जलन और सूजन होना भी इसके सामान्य लक्षण है| कभी कभी जोड़ों के इर्द-गिर्द गोलाकार गठाने भी हो जाती है| यदि आप इस रोग में अपने शरीर को हिलाना बंद कर देते है तो यह आपके शरीर में अकड़न पैदा कर देता है|

इस रोग से निजाद पाने का सबसे अच्छा और लाभप्रद तरीका है योग और व्यायाम Yoga for Arthritis in Hindi के जरिए आपके शरीर को इससे राहत मिल सकती है|

Yoga for Arthritis in Hindi: गठिया रोग का प्राकृतिक उपचार

Yoga for Arthritis in Hindi

अगर आपके परिवार में भी कोई इस रोग से परेशान है या आप खुद इस रोग से पीड़ित है तो यह Easy Yoga for Arthritis आपको दर्द में राहत दिला सकता है|

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार शरीर के समस्त भाग को लचीला करने में सहायक होता है| यह योग आसन शरीर की मांसपेसियों को धीरे कर देता है| जिसके बाद व्यायाम करना चाहिए| यह घुटनो के लिए बहुत लाभप्रद होता है|

सुखासन

सुखासन एक ऐसा आसान है जिसे किसी भी आसान को करने के पहले करना लाभदायक होता है| इसमें घुटने 90 डिग्री तक मुड़ते है, जिससे उनको दर्द में आराम मिलता है| इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को मोड़कर, पालथी मरकर बैठ जाये, कमर, गर्दन और रीड की हड्डी को सीधा रखें|

वज्रासन

वज्रासन बहुत ही सरल आसन है इसे खाना खाने के बाद भी किया जा सकता है| बस पैरो को घुटने से मोड़कर, शरीर का भार पेरो पर रखें तथा पैरो के अंगूठो को एक दूसरे के ऊपर रख लेंगे| फिर एड़ियों को बाहर की ओर फैलाकर रखने के लिए जगह बना लें| हाथो को घुटनो पर रखेंगे| इस आसन को करने से घुटनों के दर्द में आराम मिलेगा|

ताड़ आसन

ताड़ एक पेड़ का नाम है| शरीर को ऊपर की ओर ताड की तरह खीचना ही ताड़ आसान कहलाता है| इस आसन को करने से शरीर के जोड़ों को बल मिलता है और उनमे लचीलापन आता है| यह आसन रीड की हड्डी में खिचाव लाता है जिससे पीठ पर जोर पड़ता है| गठिया के अलावा कमर दर्द, स्लिप डिस्क जैसे रोगों में भी यह लाभप्रद है|

इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं, अब साँस लेते हुए हाथों को ऊपर की और खींचे| शरीर को जितना खींच सकते है उतना खींचे, अपने शरीर का सारा भार अपने पेरो के पंगो पर डालें| कुछ समय इस अवस्था में रहने के बाद साँस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं|

आप यह भी पढ़ सकते है:- शरीर का लचीलापन बढ़ाने में मददगार है तितली आसन

सेतुबंध आसन

यह आसन रीड की हड्डियों को मजबूत, कमर दर्द और शरीर के सभी जोड़ो को आराम पहुँचाने में सहायक है| इस आसन को करने से पेट के सभी अंगों जैसे लिवर, पेन्क्रियाज और आंतो में खिचाव आता है| कब्ज से मुक्ति मिलती है और भूख भी खुलकर लगती है|

इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जायें, फिर घुटनो को मोड़कर, हाथो की सहायता से कमर को ऊपर की और उठाने की कोशिश करे| कुछ समय इस स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाये| पहली बार इस आसान को करने में आपको परेशानी आ सकती है, लेकिन प्रतिदिन अभ्यास से आप इसे आसानी से कर सकते है|

रोग किसी भी तरह का क्यों ना हों लेकिन योग के जरिये आप बड़ी से बड़ी बीमारी से बच सकते है| रोग किसी भी तरह का क्यों ना हों लेकिन योग के जरिये आप बड़ी से बड़ी बीमारी से बच सकते है| रोगो से घबराये नहीं, योग को अपनाये और रोगो से मुक्त रहें| इन सभी Yoga for Arthritis in Hindi के नियमित अभ्यास से आप गठिया से रहत पा सकते है|

Related Post