योग करें, कैंसर से मुक्ति पाएं और स्वस्थ जीवन व्यतीत करें

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चर्बी, मांस, आंत, गुर्दे, मस्तिष्क, श्वास नलिका, कोशिकाएं, स्नायु तंत्र और खून आदि शरीर के सभी आंतरिक भाग योग और प्राणायाम के द्वारा स्वस्थ और पुष्ट रहते है| कैंसर मुख्यतः कोशिकाओं, ऊतकों और रक्त सम्बंधित रोग है| यह जितना भयानक होता है उतनी ही आसानी से इसे समाप्त किया जा सकता है|

आज के युग में ह्रदय रोग, मधुमेह, ब्लड प्रेशर के अलावा अब कैंसर भी अन्य रोगो की तरह प्रचलन में आने लगा है| अधिकतर लोग यह मानते है कि कैंसर का कोई इलाज नहीं है लेकिन आधुनिक तकनीको के कारण बड़े हुए इस कैंसर का इलाज भी संभव है|

योग प्रणाली में कैंसर कोशिकाओं को क्रिमिनल के तोर पर देखा जाता है| कोशिकाओ के यह समूह खतरनाक साबित होते है, क्योकि यह बहुत बड़ी दिक्कत पैदा कर सकते है|

इसी तरह कैंसर कोशिकाएं हमारे सारे शरीर में मौजूद रहती हैं, लेकिन उनमें से कुछ हमारे जीवन या शरीर को उस तरह प्रभावित नहीं करती| जब तक वे अकेली हों तो कोई समस्या नहीं| हालांकि यही कोशिकाएं जब बढ़ने लगती हैं, तो उनका हमारी सेहत पर बुरा असर दिखाई देने लगता है|

योग की कुछ क्रियाएँ ऐसी है जो चमत्कारी तरीके से कैंसर को पूर्ण रूप ख़त्म कर देती है, बस जरुरत है तो मन में विश्वास और मेहनत की| आइये जानते है Yoga for Cancer in Hindi.

Yoga for Cancer: कैंसर के लिए प्रभावशाली योग आसन

Yoga for Cancer

योग कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने में भी बेहद मददगार साबित हो सकता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर योग को पोषण शिक्षा से जोड़ा जाए तो कम उम्र के कैंसर मरीजों को इस बीमारी से लड़ने में सक्षम किया जा सकता है।

शवासन

शारीरिक और मानसिक तनाव और थकान से पीड़ित व्यक्तयों के लिए यह आसन बहुत ही लाभ प्रद होता है| यह हमारे शरीर के तापमान, हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है| शवासन को कैंसर पीड़ितों के लिए सर्वश्रेष्ठ आसन माना जाता है| यह एक बेहतरीन Yoga for Cancer Treatment है|

विधि

  1. समतल जमीन पर चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं|
  2. दोनों हाथो को शरीर से 6 इंच तथा पैरों को 1 फुट की दुरी पर रखें|
  3. अब धीरे-धीरे पुरे शरीर को शिथिल करें|
  4. आँखे बंद, गर्दन सीधी, पूरा शरीर तनाव रहित अवस्था में हो|
  5. धीरे साँस ले और छोड़े और अपना पूरा ध्यान केवल अपनी श्वास पर रखें|
  6. कुछ समय यही प्रक्रिया करे|

सेतुबंधासन

यह आसन शरीर और रीड की हड्डियों को मजबूत और लचीला बनाता है|

विधि

  1. समतल जमीन पर चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं|
  2. अब साँस भरते हुए, धीरे धीरे कमर को जमीन से ऊपर उठाये, कमर को इतना उठाये की छाती, थोड़ी को छूने लगे|
  3. अब हथेलियों को कमर के निचे लगाये, कोहनियो को जमीन से चिपका कर रखें|
  4. इस प्रकार शरीर का सारा भार आपकी कलाइयों और हथेलियों पर आने दे, इस समय साँस सामान्य रखें|
  5. इस स्थिति में 10 से 20 सेकंड तक रहे|

वीरभद्रासन

यह आसान आपके पैरों, जांघो, शरीर की मसल्स आदि को मजबूत बनाता है| इस आसान की मुद्रा पहाड़ो पर चढ़ने के सामान होती है

विधि

  1. इस आसन की शुरुवात ताड़ासन से करते है|
  2. अब अपने एक पैर को पीछे की ओर खींचे तथा दूसरे पैर को आगे कूदने की मुद्रा में बना लें|
  3. इस समय आपके घुटने 90 डिग्री मुड़े होना चाहिए|
  4. अब हाथो को जोड़कर सिर के ऊपर तक ले जाएं|
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वीरासन

वीर का अर्थ होता है बहादुर, इस आसान के अभ्यास से हाथ पैर मजबूत होते है| वज्रासन और वीरासन में कुछ खास फर्क नही होता है| यह आसन कई और स्थितियों में भी किया जाता है| यहाँ हम आपको इसकी सामान्य स्थिति की विधि बता रहे है|

विधि

  1. समतल जमीन पर चटाई या मुलायम आसन बिछाकर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाये अर्थात घुटनो को मोड़कर बैठ जाएं|
  2. अब पेरो को थोड़ा फैलाकर अपने कूल्हों को जमीन से लगाने की कोशिश करें|
  3. अब दोनों हाथो को घुटनो पर तानकर रखें|
  4. कंधे को आराम की मुद्रा में सीधा तानकर रखें, सिर को सीधा रखें और सामने की देखें|
  5. इस मुद्रा को 30 सेकंड से 1 मिनट तक करें|

यदि प्रारंभिक अवस्था में किसी भी प्रकार के कैंसर का पता लगता है तो सबसे पहले अनुलोम-विलोम का अभ्यास दिन में तीन से चार बार करना चाहिए और रात में सोने से पूर्व भी 5 मिनट भी इसका अभ्यास करें| Yoga for Cancer in Hindi का नियमित अभ्यास आपको कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचा सकता है|

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