जानिए पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए योग आसन

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आजकल की व्यस्त जीवन शैली में लोगो के पास व्यायाम करने के लिए समय नहीं है| शारीरिक श्रम दिनोदिन कम होता जा रहा है जबकि मानसिक श्रम बढ़ता जा रहा है| इसके अतिरिक्त लोगो को बाहर का तला-भुना खाना बहुत पसंद आने लगा हैi इसलिए आजकल अधिकतर लोग पाचन तंत्र की समस्या से परेशान है| समय की कमी के चलते बहुत से लोग टाइम पर खाना नहीं खाते, या फिर खाना ही नहीं खाते, या फिर फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करते है|

इन सभी कारणों से पाचन संबंधी समस्याए उत्पन्न होने लगती है| नतीजन पेट में बदहजमी, जलन, कब्ज़ आदि परेशानिया होती है। यदि आपकी पाचन क्रिया सही नहीं है तो पेट संबंधी रोग और लिवर की समस्याएं तो आपको हमेशा ही सताती रहेंगी। वैसे तो पाचन से संबंधित समस्या आजकल आम हैं। लेकिन ये यदि लगातार बनी रही तो परेशानी का कारण बन जाती है|

नियमित योगासन करके पाचन सम्बन्धी समस्याओ से छुटकारा पाया जा सकता है| आप शायद नहीं जानते होंगे लेकिन योग की मदद से कई बीमारियो में लाभ पहुचता है| योग का नियमित अभ्यास करने से पाचन अच्छी तरह से होता है

इसके जरिये शरीर अच्छी तरह से पोषक तत्वों को ग्रहण कर पाता है। योग पेट संबंधी कई समस्या जैसे की गैस, एसिडिटी, कब्ज़ आदि बीमारियों को दूर करने में सहायता प्रदान करता है| इससे हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। तो आइये जाने Yoga for Digestion in Hindi. पाचनतंत्र को मजबूत बनाने वाले योगासन| ताकि इन आसान को करके आप खुद को स्वस्थ रख सके|

Yoga for Digestion in Hindi: पाचनतंत्र को सही बनाने वाले योगासन

Yoga for Digestion in Hindi

योगासन शरीर के पाचन तंत्र को सुधारता है| इसके नियमित अभ्यास से मांसपेशिया भी मजबूत बनती है| यह हमारी हजम करने की शक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है। तो आइये वो कौन से योग के आसन है|

पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करने से हमें सेहत से जुडी कई समस्याओ में फायदा मिलता है| इस आसन के नियमित अभ्यास से पेट और नितम्ब की अतिरिक्त चर्बी हटती है| और कई बीमारियों से भी निजाद मिलती है| पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाने के लिए यह एक बेहतरीन आसन है| दरहसल यह पेट के आसपास के हिस्सों जैसे किडनी, लिवर, पैंक्रियाज आदि को सुचारू करता है, जिससे पाचन क्रिया सुधरती है| इससे कब्ज की समस्या से भी छुटकारा मिलता है|

पश्चिमोत्तानासन एक प्रभावशाली Yoga for Gastric Problem है| पश्चिमोत्तानासन करने के लिए सबसे पहले तो अपने पैरों को अपनी सीध में रख कर बैठे| एक बात का ख्याल रहे कि पैर बिलकुल मजबूती से जमीन पर रखे हुए हो| इसके पश्चात सांस लेते हुए, अपने दोनों ही हांथो को ऊपर की ओर उठाएं और ध्यान रहे की रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। अब सांस को छोड़ते समय पेट को अंदर की ओर ले जाये और आगे की और झुखे|

हलासन

अगर आप पीठ सम्बन्धी समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते है तो हलासन आपके लिए एक अच्छा विकप्ल है| इस आसन को करते रहने से पेट बाहर नहीं निकलता है और शरीर का शेप मेन्टेन रहता है|

इस आसान को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेटें| इस वक्त दोनों पैर एक दूसरे से मिले हुए हों| दोनों हाथों की हथेलियां जमीन पर और कमर के पास लगी हुई हों| मुंह उपर आसमान की तरफ हो और अपने दोनों नेत्र बंद करे| इसके पश्चात धीरे-धीरे दोनों पैरों को उपर की ओर उठाइये। ऐसा करते वक्त सांस अंदर की और ले| फिर अपने दोनों पैरों को सिर के पीछे लगाने कि कोशिश करें|

हाथो के सहारे पीठ और कमर को पैरों के साथ पीछे की तरफ मोड़े| अब अपनी क्षमता के अनुसार पैरों को मोंड़ें और थोड़ी देर इसी मुद्रा में बने रहे| अब पहले वाली अवस्था में वापिस आ जाये|

भावनात्मक संतुलन और तनाव से मुक्ति पाने के लिये यह आसन लाभप्रद है। इस आसन से रीढ़ की हड्डियां लचीली बनी रहती है नतीजनत् शरीर फूर्तिला और जवान बना रहता है।

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भुजंगासन

भुजंगासन को पेट के बल लेट कर किया जाता है| यह आसन भी पेट की मसल्स के लिए काफी फायदेमंद है। भुजंगासन योग क्रिया को करने के लिए सबसे पहले तो पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। इसके पश्चात अपने दोनों हाथों से कमर को ऊपरी हिस्से को ऊपर की और उठाये|

इस वक्त एक बात का ख्याल रहे कि इस दौरान आपकी कोहनी मुड़़ी होनी चाहिए। हथेलियां को खुला और जमीन पर फैला कर रखे। फिर शरीर के बाकी हिस्से को धीरे-धीरे चेहरे के ऊपर की तरफ लाएं। थोड़ी देर के लिए इस स्थिति में रहें और बाद में सामान्य अवस्था में आ जाये|

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  1. नौकासन का नियमित अभ्यास करने से भी पाचन तंत्र बेहतर होता है| इसके अतरिक्त इसे करने से हर्निया की समस्या में भी राहत मिलती है।
  2. सर्वांगासन आसान के तो नाम में ही इसका सार छुपा हुआ है| इस आसान को करने से शरीर के सम्पूर्ण अंगों का व्यायाम होता है | यह आसन पाचन क्रिया को शुद्ध करता है तथा शरीर में रक्त की वृद्धि भी करता है|
  3. प्लाविनी प्राणायाम को करने से पाचनचंत्र मजबूत होता है। इससे मलद्वार की क्रियाशीलता भी बढ़ती है|
  4. धनुरासन आसान में शरीर की मुद्रा धनुर के सामान होती है| इसे करने से गले के तमाम रोग नष्ट हो जाते हैं। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है| यह पेट संबंधी रोगों, सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस और कमर दर्द आदि में लाभकारी है|

ऊपर आपने जाना Yoga for Digestion in Hindi. यह आसान न केवल आपके पाचन तंत्र के लिए बल्कि कई तरह से आपके लिए फायदेमंद है। इसलिए इन आसनो का अभ्यास नियमित रूप से करना चाहिए। लेकिन हमारी एक सलाह है कि कोई भी आसन योग शिक्षक की रेख देख में ही करें।

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