योगासन करें, मांसपेशियों को मजबूत बनाएं और हर्निया से बचें

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आमतौर पर हम बहुत सी बीमारियों और उनके दुष्परिणामों से अनजान होते है| यह हमारी फितरत है कि हम छोटी-छोटी परेशनियों या बीमारियो को तब तक नजरअंदाज करते रहते है जब तक वह कोई बड़ा रूप ना धयान कर ले| ऐसी ही एक बीमारी है हर्निया |

यह भी एक ऐसी ही बीमारी है जिस पर लोग समय रहते ध्यान नहीं देते, लेकिन अगर इसे समय से पूर्व Hernia Treatment न किया जाये तो यह एक बड़ी समस्या का कारण बन सकता है| अधिकांश लोग यह नहीं जानते है कि हर्निया क्या है तथा सामान्यतः लोग यह समझते है कि यह ऊतकों की वृद्धि या वासा का जमा होना होता है|

चिकित्सकों के अनुसार, पेट की मांसपेशियां या आम भाषा में कहें तो पेट की दीवार कमजोर हो जाने से जब आंत बहार निकल जाती है तो उसे हर्निया कहा जाता है| हर्निया में जांघ के विशेष भाग की मांसपेशियां कमजोर होने के कारण पेट के हिस्से से बहार निकलने लगती है| यह जन्मजात बीमारी हो सकती है| ऐसी स्थिति में इसे Congenital Hernia कहते है| यह एक वक्त के बाद किसी को भी हो सकता है| आइये जानते है Yoga for Hernia in Hindi.

Yoga for Hernia in Hindi: जानिए योगासन की विधि और लाभ

Yoga for hernia in hindi

यह एक ऐसी बीमारी है जिसमे त्वचा के निचे एक असामान्य उभार आ जाता है। हर्निया कई तरह का होता है लेकिन इस प्रकार का हर्निया अधिकतर लोगो में देखा जाता है| इसके अलावा इंगुइंल हर्निया, फेमोरल हर्निया, एपिगास्त्रिक हर्निया, एम्ब्लाइकल हर्निया भी इसके प्रकार है, जो बहुत ही कम लोगो में पाया जाता है। आइये जानते है Hernia Treatment in Yoga

Dhanurasan – Bow Pose

इस योगासन को करने पर हमारा शरीर धनुष के सामान होता है इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है| अंग्रेजी में इसे Bow Pose कहते है| यह हमारे शरीर के सभी हिस्सों में खून के प्रवाह को सामान रखता है और पाचन प्रणाली को मजबूत बनाता है|

विधि

  1. सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं|
  2. अब पेरो के घंटो को मोड़े और एड़ियों को कुल्हो की तरफ ले जाएं|
  3. अब हाथों को सीधा रखते हुए पैरों को पीछे की ओर खींचना हैं और कूल्हों के ऊपर उठाना हैं। यह क्रिया करते समय साँस को अंदर लेना हैं।
  4. इस अवस्था में आप जांघो को और सर को जितना ऊपर कर सकते है उतना अपनी क्षमतानुसार प्रयास करें|
  5. 10-20 सेकंड तक इस प्रक्रिया को करें और साँस छोड़ते हुए पेरो तथा सिर जमीन पर ले आएं|

उष्ट्रासन – Camel Pose

इस आसान को करते समय शरीर को ऊंठ के समान आकर देना होता है इसलिए इसे अग्रगी में कैमल पोज़ कहा जाता है| यह शारीरिक और मानसिक रूप से शरीर के लिए फायदेमंद होता है साथ ही कमर दर्द, हर्निया और साइटिका, स्लिप डिस्क की समस्या से भी मुक्ति दिलाता है| यह आसन अन्य आसनों की तुलना में कठिन है इसलिए इसे किसी योग विशेषज्ञ की उपस्थिति में ही करना बेहतर होगा |

विधि

  1. इसे करने के लिए दोनों पैरों को मोड़कर वज्रासन की स्तिथि में बैठ जाएं|
  2. अब धीरे-धीरे घुटने के बल ऊपर की ओर खड़े हो जाएं|
  3. दोनों हाथो को कमर पर रखकर शरीर को पीछे झुकाने का प्रयास करें|
  4. अब धीरे-धीरे दोनों हाथो को हथेलियों के जरिये पेरो की एड़ियो को पकड़ने का प्रयास करें|
  5. अब सिर को पीछे की और झुकाएं, कुछ समय इस स्थिति में रहने का प्रयास करें|
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सर्वांगासन – Shoulder Stand Pose

इस आसान को करने पर सम्पूर्ण शरीर का व्यायाम होता है इसलिए इसे सर्व-अंग-आसान= सर्वांगासन नाम दिया गया है अंग्रेजी में इसे शोल्डर स्टैंड पोज़ कहा जाता है|

विधि

  1. समतल जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और पैर मिले हुए तथा दोनों हाथ शरीर से लगाकर और हथेली जमीन पर रखें|
  2. अब साँस अंदर लेते हुए, हाथो की सहायता से पैरों को पहले 30 डिग्री, फिर 60 डिग्री और अंत में 90 डिग्री तक उठाएं|
  3. अगर आप 90 डिग्री तक पेरो को ना उठा पाये तो हाथो को कमर के पीछे लगाकर ऊपर उठने का प्रयास करें|
  4. कुछ सेकंड इस स्थिति में रहकर पैरों को धीरे-धीरे जमीन पर लाएं|

Yoga for Hernia in Hindi दूसरे आसनों की अपेक्षा थोड़े कठिन है इसलिए इन्हे योग शिक्षक की सलाह और मदद लेकर ही करें|

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