जानिए उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) को दूर करने के लिए योगासन

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आज के समय में भागदौड़ भरी दिनचर्या से हमारी जीवन शैली में तनाव, थकान और चिड़चिड़ापन तेजी से बढ़ता जा रहा है| इन सभी चीज़ो के चलते हमारा मन अशांत होता जाता है। तनाव और अशांति होने के कारण हमारे शरीर में कई तरह के रोग जन्म ले रहे है| आप शायद नहीं जानते होंगे लेकिन उच्च रक्तचाप नामक रोग भी इसी की देन है|

उच्च रक्तचाप को कई लोग हाई ब्लड प्रेशर के नाम से जानते है| यह रोग एकदम से नहीं होता है| यह रोग धीरे-धीरे शरीर में पनपता है और फिर इसके लक्षण सामने आते है| तनाव के अलावा और भी कई चीज़े है जो इस रोग के लिए मुख्य तौर से जिम्मेदार होती है वो है दूषित खानपान और व्यायाम का अभाव।

हम आपको बताना चाहते है की गलत खान पान जैसे की अधिक तले हुए वसायुक्त पदार्थों का सेवन, खाने में ज्यादा नमक और मिर्च-मसाले का इस्तेमाल, चाय, काॅफी, योगाभ्यास न करना, नींद पूरी न लेना आदि चीज़ो के कारण शरीर की धमनियां संकरी होती जाती हैं| नतीजन धमनियों का लचीलापन कम होता जाता है। जिसके चलते काॅलेस्ट्राॅल बढ़ने लगता है, और उच्च रक्तचाप की समस्या जन्म लेती है।

वैसे तो मधुमेह, पाचन तंत्र की गड़बड़ी भी शरीर में रक्तचाप बढ़ाने में जिम्मेदार होती है| लेकिन आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है| योग के जरिये उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर किया जा सकता है| योग एक ऐसी चिकित्सक पद्धति है जिससे न केवल ब्लड प्रेशर बल्कि अन्य रोग भी दूर हो जाते है| तो आइये जानते है Yoga for High Blood Pressure in Hindi.

Yoga for High Blood Pressure in Hindi: उच्च रक्तचाप के लिए योग

Yoga for High Blood Pressure in Hindi

योग द्वारा उच्च रक्तचाप का उपचार किया जाता है| तो आइये जानते है वो कौन से योगासन है जिससे उच्च रक्तचाप की समस्याओ को दूर किया जा सकता है|

शवासन योग क्रिया

उच्च रक्चाप की समस्या को दूर करने के लिए शवासन रामबाण की तरह कार्य करता है। इस आसन को करते वक्त शरीर की स्थिति मुर्दे के समान हो जाती है। इसीलिए इसे शवासन नाम दिया गया है| Savasana Yoga Benefits ब्लड प्रेशर के लिए भी है|

इसे आसान को करने के लिए सबसे पहले तो पीठ के बल लेट जाएं। लेटने के बाद समस्त अंगों तथा मांसपेशियों को बिलकुल ढीला छोड़ दें। आपके शरीर में बिलकुल भी अकड़न नहीं होना चाहिए। अब अपनी आँखे बंद करले| इसके पश्चात अब धीरे-धीरे गहरी सांस ले और छोड़े।

आपकी सांसें जितनी अधिक गहरी और शान्त होंगी उतना अच्छा है। शरीर को एकदम ढीला रखें। शरीर को जितना ढीला रखेंगे, उतना ही जल्दी आप लाभ प्राप्त करेंगे। अब अपनी बांहों को दोनों बगल में शरीर से थोड़ा हटाकर फैलाएं और उन्हें ढीला छोड़ दें। इस आसान को दिन में दो बार 10-10 मिनट के लिए करे|

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शीतली प्राणायाम

शीतली प्राणायाम करने से भी उच्च रक्तचाप नियंत्रित रहता है| इससे मन शांत रहता है और इससे क्रोध को भी नियंत्रित रखने में मदद मिलती है| इस आसान को करने से तन-मन शीतल होता है| इस  प्राणायाम को करने के लिए सबसे पहले सुखासन की स्तिथि में बैठ जाएं। इसके पश्चात अपने दोनों हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें। अपनी आंखें मूंद कर मन-मस्तिष्क को शांत रखे।

जीभ के दोनों किनारों को ऊपर की तरफ मोड और गोल नली के समान बना लें और फिर श्वास को अपने मुंह से लें। अब आप जब तक श्वास को रोक सकते हैं रोकने का प्रयास करे और दोनों नाकों के छिद्रों से श्वास बाहर छोड़े। इस क्रिया को कम से कम 10 बार करे| इस आसन को करने से पित्त, कब्ज, पेट के रोग, चर्म रोग, पेट की गर्मी, गले के रोग ठीक हो जाते हैं।

पवन मुक्तासन

पवन मुक्त आसन भीं शरीर के लिए बहुत लाभप्रद है। इस योग क्रिया को करने से गैसटिक, पेट की खराबी आदि में फायदा मिलता है। जो लोग अपने पेट की चर्बी घटाना चाहते है उनके लिए भी यह आसान बहुत फायदेमंद है| इस आसन को करने से मेरूदंड और कमर के नीचे के हिस्से में मौजूद तनाव दूर होता है।

पवन मुक्तासन करने के लिए सबसे पहले तो चटाई बिछा कर उस पर लेट जायें। अब पूरक करके फेफड़ों में श्वास भर लें। इसके बाद किसी भी एक पैर को घुटने से मोड। फिर दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में मिलाकर उसके द्वारा मोड़े हुए घुटनों को पकड़कर पेट से स्पर्श करे|

अब सिर को ऊपर उठाकर मोड़े हुए घुटनों पर नाक लगाएं। दूसरा पैर ज़मीन पर सीधा होना चाहिए| इस क्रिया के दौरान श्वास को रोककर कुम्भक चालू रखें। इस प्रक्रिया को दोनों पैरों को बारी-बारी से मोड़कर करें। दोनों पैर एक साथ मोड़कर भी इस आसान को किया जा सकता है|

ऊपर आपने जाना Yoga for High Blood Pressure in Hindi. यदि आपको भी उच्च रक्तचाप की समस्या है तो ऊपर दिए गए आसनो को जरूर अपनाये| यहाँ योग के कुछ ही आसनो का विस्तार किया गया है| इसके अलावा योग के और भी कई आसन लाभप्रद है जिन्हे आप कर सकते है| वो इस प्रकार है पवनमुक्तासन, शवासन, पद्मासन,  योगनिद्रा, शशांकासन, कूंर्मासन, शीतली प्राणायाम, मकरासन आदि|

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