सिर्फ बड़े ही नहीं बच्चो के लिए भी फायदेमंद है योग

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बदलती जीवन शैली और गलत खान पान का असर हमारे शरीर पर बढ़ता जा रहा है। आजकल हर दूसरे व्यक्ति को कुछ ना कुछ समस्या रहती है। पहले केवल बड़े ही इस बिगडती हुई शैली का शिकार थे। किन्तु अब इसका असर छोटे छोटे बच्चो में भी नजर आने लगा है।

आप लोगो ने खुद ही देखा होगा, आजकल कम उम्र के बच्चे भी मधुमेह, अधिक वजन बढ़ना जैसी बीमारियो का शिकार हो रहे है। कोई भी पेरेंट्स नहीं चाहते की उनके बच्चे किसी भी बीमारी से ग्रसित हो। हर कोई चाहता है की उनका बच्चा स्वास्थ और चुस्त रहे।

अगर आप भी चाहते है की आपका बच्चा बीमारियो से दूर रहे तो आप उन्हें योग करने की आदत डाले। योग करने से बच्चो का ना केवल शारारिक विकास होता है बल्कि बच्चे का मानसिक विकास भी होता है।

कहीं आगे चल कर आपके बच्‍चे अवसाद या कोई और अन्‍य ग्रस्‍त ना हो जाएं इसके लिए जरुरी है कि आप उनमें अभी से ही योग की आदत डाल दें। योग ना केवल उन्‍हें स्‍वस्‍थ्‍य रखेगा बल्कि जीवन में एक अच्‍चा इंसान बनने में भी मदद करेगा। यहाँ तक की यदि आपका बच्चा हफ्ते में चार दिन भी योग को करता है, तो उसके शरीर को स्वस्थ रखने के लिए काफी है। आज इस लेख में हम आपको Yoga for Kids in Hindi, बच्चो के लिए योग और उसके लाभो के बारे में बता रहे है।

बच्चों के बेहतर शारारिक- मानसिक विकास के लिए योग आसन

Yoga for Kids in Hindi

कब करे इसकी शुरुवात?

हम आपको बताना चाहते है की विशेषज्ञों के अनुसार पांच साल की उम्र से ही बच्चे योग सिखने की शुरुवात कर सकते है। इस उम्र में योग सिखने में उन्हें कोई परेशानी भी नहीं आती। लेकिन एक बात का ख्याल रखना जरुरी है की योग करते वक्‍त सांस लेने और छोडने की विधि सही हो। इसलिए किसी अच्छे योग शिक्षक के निगरानी में ही योग को करवाना बेहतर है।

ज्यादातर बच्चे योग करने में रूचि नहीं लेते है। इसलिए उन्हें ऐसे योग सेंटर पर भेजे जहा और भी उनके हम उम्र बच्चे हो। दूसरे बच्चो को देखकर उनमे योग की रूचि खुद जागृत होनी चाहिए।

Yoga Poses for Kids – बच्चो के लिए योग मुद्राए

ट्री पोज़- पेड़ की तरह मुद्रा

बच्चो को शारारिक रूप से स्वस्थ रखने में ट्री पोज़ बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह आपके बच्चे के मन को शांत रखने के साथ साथ एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है।

मंकी पोज़ – हनुमानसना

इस मुद्रा का नाम हनुमान जी की योग मुद्राओ के ऊपर बना है। जैसा की हम सभी जानते है, लंका का विनाश करते वक्त हनुमान जी बहुत तेजी से एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर जा रहे थे। इस पोज़ को उनकी तरह लचीली जांघे पाने के लिए किया जाता है।

बटरफ्लाई पोज़ – तितली की तरह मुद्रा

बटरफ्लाई पोज़ में घुठने मोड़कर तितली की तरह पैर हिलाते है। इस आसान को करने से बच्चो की थकान दूर होती है। इसके अलावा बच्चो के कूल्हों और टखनों में खिंचाव लाने के लिए भी यह काफी अच्छा माना जाता है।

स्नेक पोज – सर्प की तरह मुद्रा

इस आसान में हम अपने शरीर को साप की तरह लिटाते है और ऊपर देखते है। इस आसान को करने से हाथ, पैर, छाती, और रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है।

टॉर्टियस पोज़ – कछुए की तरह मुद्रा

इस मुद्रा में कछुए की तरह बैठना होता है। इस योग को कई लोग कूर्मासना के नाम से भी जानते है। इस Yoga Moves gor Kids को करने से शरीर में लचीलापन आता है। मांसपेशिया मजबूत बनती है और कंधे चौड़े होते है।

डॉग पोज़

बच्चो की रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए डॉग पोज़ मदद कर सकता है। इसके अलावा कुछ बच्चे स्कूल से आने के बाद बहुत थका महसूस करते है। ये योग बच्चो की दिन भर की थकान खत्म को ख़त्म करने और तनाव दूर करने में मदद करता है। इससे अस्थमा जैसी बीमारी होने की संभावना भी खतम हो जाती है।

आपने बच्चो के लिए योग की मुद्राओ और लाभो के बारे में तो जान लिया है लेकिन इन् योगो को करवाते वक्त कुछ बाते ध्यान रखना जरुरी है।

  1. योगासन कराने से पहले इस बात का ख्याल रहे कि बच्चे का पेट खाली हो। भरे पेट योगासन नहीं किया जाता है।
  2. शुरआती दौर मे एकसाथ बहुत देर तक योग करवाने से बच्चे के शरीर पर नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए शुरुवात कम समय जैसे की १५ मिनट से करे।
  3. योग करते वक्त बच्चे थक जाते है। इसलिए बीच-बीच में उन्हें श्वासन जरूर करवाएं। इसे करने से बच्चे को रिलैक्सेशन मिलता है और वो थकते नहीं है।
  4. बच्चों को योग तभी करवाना चाहिए जब आपका बच्चा हफ्ते में कम से कम ४ दिन योग को दे सके। इससे भी कम वक्त योग करने पर उन्हें कोई लाभ नहीं मिलेगा।
  5. योग करते वक्त बच्चों को बोरियत ना हो इसके लिए, घर पर योग करवाने के बजाय उन्हें योगा क्लासेज भेजे। दूसरे बच्चो को देखने से उनका मन इसमें लगा रहता है।

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