Yoga for Menstruation Problems: मासिक धर्म की समस्या से निजात दिलाये

हर महिला के लिए मासिक धर्म चुनौतीपूर्ण होता है। कुछ लोगो के लिए इसका दर्द असहनीय होता है तो कुछ लोगो के लिए इसका दर्द कम होता है परन्तु दर्द होना स्वाभाविक है।

मासिक धर्म के समय महिलाओं के पेट में, कमर में, पैरो में और पेडू में दर्द होने लगता है। साथ ही सिर दर्द, जी मिचलाना, थकान, कब्ज़ और भारीपन लगना जैसे भी तकलीफें महिलाओं को इस समय में सहन करनी पड़ती है।

अत्यधिक दर्द और मासिक ऐंठन को चिकित्सीय रुप में डिसमेनोरिया कहते है। कुछ लोग मासिक धर्म के दर्द को कम करने के लिए जो गोलियां खाते है, परन्तु इससे उस समय तो दर्द में आराम मिल जाता है लेकिन यह कोई स्थाई समाधान नहीं होता है।

जब हमारा शरीर गोलियों का आदी हो जाता है तो उसका असर होना कम हो जाता है। इसी कारण गोलियों की मात्रा और बढ़ानी पड़ती है, जिससे नुकसान होने लगता है। इसलिए बेहतर है की इस समस्या को दूर करने के लिए आप योग का सहारा ले| यहाँ जानिए Yoga for Menstruation problems.

Yoga for Menstruation problems: पीरियड्स में होने वाले दर्द तथा ऐंठन को दूर करे

Yoga for Menstruation Problems

मत्स्यासन

  • इस आसन को फिश पोज़ भी कहा जाता है।
  • इसे करने समय शरीर की आकृति फिश के समान हो जाती है इसलिए इसे मत्स्यासन कहते है।
  • सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाएं और धीरे-धीरे पीछे झुकें और पूरी तरह पीठ के बल लेट जाएं।
  • बाएं पांव को दाएं हाथ से और दाएं पांव को बाएं हाथ से पकड़ें।
  • कोहनियों को जमीन पर टिका रहने दें, घुटने जमीन से लगे होने चाहिएI
  • इसके बाद सांस लेते हुए अपने सिर को पीछे की ओर लेकर जाएं।धीरे धीरे सांस लें और छोड़े, फिर लम्बी सांस छोड़ते हुए अपने आरम्भिक अवस्था में आएं।
  • यह एक चक्र हुआ।

विशेष:  कमर दर्द के लिए मत्स्यासन बहुत ही लाभकारी होता है।

भुजंगासन

  • भुजंगासन को कोबरा पोज़ भी कहा जाता है।
  • इसे करने के लिए सबसे पहले आसन बिछाकर पेट के बल लेट जाएं। फिर अपने हथेली को कंधे के सीध में लाएं।
  • दोनों पैरों के बीच की दुरी को कम करें और फिर पैरों को सीधा एवं तना हुआ रखें।
  • इसके बाद सांस लेते हुए शरीर के अगले भाग को नाभि तक उठाएं। याद रहे की कमर पर ज्यादा खिंचाव न आये।
  • धीरे धीरे साँस लें और छोड़े, इसके बाद अपनी प्रारंभिक अवस्था में आना हो तो गहरी स्वाँस छोडते हुए आएं।
  • इस तरह से एक चक्र पूरा हो जायेगाI

विशेष: कमर दर्द कम करने के लिए लाभकारी होता है| साथ ही स्त्री रुगो को भी दूर करता है।

यदि आप चाहते है की पीरियड्स के दिनों में आपको किसी तरह की परेशानी ना हो तो उपरोक्त आसनो के अलावा एक पदा राजा कपोतासाना, जानु शिरासन, धनुरासन, उस्त्रासन, उष्ट्रासन, मलासना, त्रिकोणासन, वज्रासन, ताड़ अासन और पर्श्वोत्तनासन आदि का नियमित रूप से अभ्यास करा करे|

महिलाओ में मासिक धर्म की अनियमितता दूर करने के अलावा यह आसन पैरों, घुटनों, एड़ियों तथा हाथों को भी मजबूत बनाते है| साथ ही पीठ और कंधों को मजबूती प्रदान करते है|

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