Yoga for Nipah Virus: जाने किन योगासनों से हम वायरस जनित रोगों में राहत पा सकते है

केरल में निपाह वायरस नाम के एक जानलेवा वायरस के फैलने का खुलासा हुआ है। बहुत सारे लोग इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं। ये वायरस जानवरों से इंसानों में फैला और इंसानों से भी इंसानों में फ़ैल जाता है।

बताया जा रहा है कि फिलहाल इस जानलेवा वायरस से होने वाले Viral Infection का कोई भी इलाज संभव नहीं है। इसके लिए अभी तक कोई भी वैक्सीन नहीं बन पाया है।

इससे निदान के लिए बस इसके लक्षणों को जानना जरुरी है और कुछ बचाव करने की जरुरत होती है जैसे फलों का सेवन नहीं करना, वायरस से पीड़ित व्यक्ति के आसपास नहीं रहना आदि। तो Nipah Virus Treatment तो मौजूद नहीं है पर इससे बचाव जरूर किया जा सकता है।

वैसे योग के माध्यम से भी हम इससे अपना बचाव कर सकते हैं। योग में बहुत सारे योगासन मौजूद हैं जिसका अभ्यास कर के वायरसों से होने वाली समस्याओं के राहत पाई जा सकती है। आज इस लेख में पढ़ें Yoga for Nipah Virus.

Yoga for Nipah Virus: वायरस से होने वाली बीमारियों में कौन सा योग होगा फ़ायदेमंद

Yoga for Nipah Virus in Hindi

नाड़ी शोधन प्राणयाम

  • इस प्राणायाम को करने के लिए सबसे पहले पालथी मारकर बैठें। अब दायें पैर को बाएं पैर पर और बाएं पैर को दायें पैर पर रखें।
  • अपने दोनों हाथ अपने जांघों पर रख कर रिलैक्स हो जाएं और अपनी दोनों आंखें बंद कर लें ।
  • अब अपने दाहिने हाथ के अंगूठे की मदद से अपनी दायीं नासिका छिद्र को बंद करें ।
  • दायीं नासिका छिद्र को बंद कर देने के पश्चात अपनी बायीं नासिका छिद्र से धीमे धीमे एक लम्बी और गहरी सांस लें।
  • सांस लेते हुए जब फेफड़े में पूरी तरह से हवा भर जाए तब उतने वक़्त के लिए अपनी साँसों को रोक कर रखें जितने वक़्त तक आपने सांस ली थी।
  • इसके बाद अपनी सां धीरे धीरे छोड़ें।
  • अब यही क्रिया बायीं नासिका छिद्र को बंद कर के दोहरायें।

सर्वांगासन

  • सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले किसी चटाई या दरी पर पीठ के बल लेट जाएँ और अपने दोनों पैरों को एक साथ मिला लें।
  • अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर रख दें और अपने शरीर को ढीला रखें।
  • अब सांस भरते हुए आराम-आराम से दोनों पैरों को मोड़े बगैर उपर की ओर उठाएं।
  • ध्यान रखें की आप जैसे-जैसे अपने पैर को उपर की ओर उठाएं वैसे-वैसे कमर को भी उपर की ओर उठाएं।
  • अब अपने पैरों तथा पीठ को 90 डिग्री तक उठाने की कोशिश करें और हाथों की मदद से पीठ और कमर को उपर की ओर उठाएं।
  • ध्यान रखें की यह योगासन को करते समय आपका मुह आसमान की ओर और आपकी कोहनियाँ फर्श से सटी हुई हो ।
  • पूरी प्रक्रिया के बॉस वापस अपनी पहले की अवस्था में आ जाएं।

मत्स्यासन

  • इस आसन के अभ्यास के लिए सबसे पहले पद्मासन की अवस्था में बैठ जाएं।
  • अब धीरे-धीरे पीछे की तरफ झुकें और अपने पीठ के बल पर लेट जाएं।
  • अब अपने बाएं पैर को अपने दाएं हाथ से पकड़ लें और दाएं पैर को बाएं हाथ से पकड़ लें।
  • इस दौरान अपनी कोहनियों को फर्श पर टिका रहने दें और अपने घुटने को भी फर्श से सटा कर रखें ।
  • अब सांस भरते हुए हुए अपने सिर को पीछे की तरफ लेकर जाएं या फिर हाथ की मदद से भी आप अपने सिर को पीछे गर्दन की तरफ कर सकते हैं।
  • अब धीरे धीरे सांस लें और फिर सांस छोड़े।
  • इस अवस्था को अपने हिसाब से मेन्टेन कर के रखें ।
  • इसके बाद लंबा सांस छोड़ते हुए आप अपनी आरम्भिक अवस्था में आ जाएं।
  • यह एक चक्र हुआ, इस तरह 3 से 5 चक्र आपको करना चाहिए ।

उपर्युक्त आसनों के अलावा शीतली प्राणायाम, अनुलोम विलोम प्राणायाम और कपालभाती प्राणायाम भी वायरस से होने वाली समस्याओं में लाभ पहुंचाता है ।

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