योग की मदद से पाएं पीसीओएस की समस्या से निजात

आजकल पीसीओएस (पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) की समस्या लड़कियों और औरतो में आम हो गयी है| यह समस्या हार्मोन में असंतुलन के कारण होती है, इसमें ओवरी में सिस्ट बन जाता है जो हार्मोन को प्रभावित कर मासिक धर्म को अनियमित कर देता है| पीसीओएस को पीसीओडी भी कहा जाता है|

देखा जाये तो यह समस्या बहुत आम है| किन्तु पहले यह बीमारी केवल 30 के ऊपर की उम्र की महिलाओं में ही देखने को मिलती थी, लेकिन आजकल यह छोटी उम्र की लड़कियों में भी देखने को मिल रही है| करीब 10 से 15% लड़कियों में यह देखने को मिल रहा है|

यदि चिकित्सकों की माने तो दिन प्रतिदिन इसका आंकड़ा बढ़ता जा रहा है| जो औरते इससे ग्रसित होती है उनमे बालो का झड़ना, मुहासे, वजन का बढ़ना, अनियमित मासिक धर्म आदि समस्या देखने को मिलती है| योग की मदद से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है| यह हॉर्मोन का संतुलन स्थिर कर मासिक चक्र को सही करता है|

इसके साथ ही अपने खाने-पीने का ध्यान ठीक से रखे| यदि आपको स्मोकिंग या ड्रिंक करने की आदत है तो उसे तुरंत छोड़ दे| दिमाग को शांत रखे और सुबह जल्दी उठे, साथ ही योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करे| आइये जानते है Yoga for Pcos in Hindi.

Yoga for Pcos in Hindi – पीसीओएस को ठीक करे योग

Yoga for Pcos in Hindi

योग का नियमित रूप से अभ्यास करने पर पीसीओएस की बीमारी ठीक हो जाती है| क्योकि इसके पीछे का मुख्य कारण तनाव है| और योग का अभ्यास करने से मानसिक शांति पहुचती है और हमारा शरीर भी स्वस्थ रहता है| इसलिए आज के लेख में हम जानेंगे की पीसीओएस क्या है और कौन से योगासन इसमें मददगार है:-

पीसीओएस क्या है?

पीसीओएस की समस्या तब होती है जब सेक्स हार्मोन में बदलाव होता है| जिसका असर मासिक चक्र पे पड़ता है, और ओवरी में छोटी गाठ बन जाती है| आपको शायद जानकारी ना हो किन्तु यदि इसका सही समय पर इलाज नहीं किया जाये तो प्रजनन छमता पर भी इसका असर देखने को मिलता है| कभी कभी तो यह कैंसर का भी रूप ले लेती है|

जब ओवरी में सिस्ट बनने लगते है तो यह स्थिति पोल्य्सिटिक ओवरी सिंड्रोम कहलाती है| इसके कारण अनियमित मासिक धर्म, वजन का बढ़ना, मुहांसे, बालो की ग्रोथ बढ़ना, गर्भधारण में मुश्किल होना जैसी समस्या आती है| यदि आपको यह समस्या हो गयी है तो आपको सबसे पहले अपनी दिनचर्या बदलनी होगी| आपको अपनी दिनचर्या में योग और व्यायाम को शामिल करना होगा, तभी आपका स्वास्थ्य सही रहेगा| आइये जानते हैं कुछ ऐसे Yoga for Pcos Treatment जिनसे महिलाओं में पीसीओएस की बीमारी को ठीक किया जा सकता है|

भद्रासन

  • पीसीओएस की समस्या से ग्रसित लोगो के लिए भद्रासन एक प्रभावी Yoga Postures for Pcos है|
  • भद्रासन का अभ्यास पेट के कई रोगों को दूर करता है|
  • यह आसान करने से तनाव दूर होता है जिसके चलते मासिक धर्म की अनियमितता ठीक होती है|
  • नियमित रूप से इसका अभ्यास करने पर कमर और पीठ के निचले हिस्से को भी ताकत मिलती है।
  • किन्तु इस आसान का अभ्यास ठंडे दिमाग और शांति से किया जाना चाहिए|
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नाड़ीशोधन प्राणायाम

  • नाड़ीशोधन प्राणायाम को भी मासिक धर्म से जुडी अनियमितता को ठीक करता है|
  • इस प्राणायाम में साँस लेने और छोड़ने की विधि को किया जाता है|
  • यह आसन आपके शरीर को शांति और आराम देता है और पीसीओएस की समस्या का प्राकृतिक तरीके से ठीक करता है|
  • इसे रोजाना 10 मिनट तक करने से मन और दिमाग से क्रोध, चिंता, भय और तनाव दूर होता है|

भुजंगासन

  • इस आसन में आपके शरीर की स्तिथि सर्प के समान बनती है इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है|
  • भुजंगासन करते वक्त पेट पर दबाव पढता है| इसलिए इसे करने से पाचन क्रिया सुधरती है, रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है|
  • इससे मासिक धर्म सम्बन्धी समस्याओ से भी छुटकारा मिलता है|

कमलासन

  • कमलासन में बैठने पर शरीर की मुद्रा कमल के समान होती है| इसलिए इस आसान को कमलासन  कहते है|
  • इसे करने से श्रोणि क्षेत्र फैलता है और यह असंतुलित हार्मोन्स को नियंत्रित करने में सहायक है|

चक्रासन

  • इसे रोजाना करने से कंधों और मेरुदंड में ताकत और लचक आ जाती है।
  • जिन लड़कियों  के मासिक चक्र अनियमित रहते है या फिर उन्हें मासिक धर्म के दौरान दर्द रहता है उन्हें चक्रासन योग आसान को करना चाहिए|
  • इसके अलावा इसे करने से कई रोगो से निजाद भी मिलती है|

ऊपर आपने जाना Yoga for Pcos in Hindi. इसके  अलावा योग के अन्य आसान जैसे सुखासन, कोणासन, धनुरासन, शवासन आदि को करने से भी लाभ मिलता है| अपनी दिनचर्या को दुरुस्त करके ही पीसीओएस को ठीक किया जा सकता है|

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