Yoga for Rheumatoid Arthritis: जोड़ों में दर्द तथा जकड़न दूर करे

रुमेटाइड आर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी होती है, जो व्यक्ति के जोड़ों में विकृति व विकलांगता उत्पन्न कर सकती है। इसके कारण जोड़ों में दर्द व सूजन आ जाती है जिसके चलते बॉडी मूवमेंट में कमी आ जाती है।

यह बीमारी ज्यादातर हाथों व पैरों के जोड़ों में पायी जाती है। एक समय पर इस रोग को बुढ़े लोगों की बीमारी माना जाता था। लेकिन अब यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती हैI विशेष कर महिलाये इससे ज्यादा ग्रसित होती है।

सामान्यतः इसके लक्षण 40-60 की उम्र के बीच सामने आते हैं| इसके प्रारंभिक लक्षण होते है बुखार का बने रहना, जोड़ो में जकड़न होना और भूख न लगाना आदि|

जोड़ों में जकडऩ की परेशानी या तो सुबह के समय एक-दो घंटे हो सकती है या फिर दिनभर भी हो सकती है। रूमेटाइड अर्थराइटिस को रोकने के लिए योग काफी मददगार होते है। आइये जानते है Yoga for Rheumatoid Arthritis.

Yoga for Rheumatoid Arthritis: जोड़ो में जकड़न को दूर करने वाले योग

Yoga for Rheumatoid Arthritis

सर्पासन

  • इसे भुजंगासन भी कहा जाता है। सर्पासन का अभ्यास रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीज के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।
  • इस आसन को करने से कमर में दर्द से भी आराम मिलता है। साथ ही यह जोड़ो में जकड़न को भी दूर करता हैI
  • यहाँ आप सर्पासन की विधि जान सकते है|

सेतुबंध आसन

  • इसे ब्रिज पोज़ भी कहा जाता हैI इसे करने से पेनक्रियाज, लीवर और आंतों में खिंचाव का अनुभव होता है।
  • इसे करने से पेट सम्बन्धी समस्या जैसे की कब्ज की समस्या ख़त्म हो जाती है।
  • खिचाव होने से यह रुमेटाइड आर्थराइटिस रोग को दूर करने में भी मददगार होता है।

कपोत आसन

  • इस आसन को कबूतर की मुद्रा भी कहते है क्यूंकि संस्कृत में कबूतर को कपोत कहा जाता है।
  • यह आसन जंघा और हिप्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।
  • इस आसन के द्वारा घुटनों सहित पेट, कंधो और जंघाओं का भी व्यायाम हो जाता है।
  • इस आसन के द्वारा जोड़ो का भी व्यायाम होता है जिससे रुमेटाइड आर्थराइटिस बीमारी दूर होती हैI

कपालभाती

  • यह वजन को कम करने के लिए सबसे अच्छा योग माना जाता है।
  • इस आसन में स्वच्छ हवा फेफड़ो में जाती है और शरीर से दूषित तत्व बाहर निकल जाते है।
  • इस आसन के द्वारा वजन को कम करने से रुमेटाइड आर्थराइटिस बीमारी नहीं होती है।

पवनमुक्तासन

  • इस आसन के जरिये शरीर से दूषित वायु को बाहर किया जाता है।इससे हानिकारक गैस को बाहर निकलने में मदद मिलती है।
  • इसी कारण पवनमुक्तासन को गैस रिलीजिंग योग भी कहते हैI
  • यह आसन रुमेटाइड आर्थराइटिस के लिए भी महत्वपूर्ण है।

बालासन

  • इस आसन को करने से पुरे शरीर में खिचाव आता है।
  • यह वार्मअप करने के लिए भी अच्छा होता है, इसे चाइल्ड पोज़ भी कहते है।
  • यह आसन रूमेटाइड अर्थराइटिस के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।

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