Yoga For Seniors: इन आसनो के जरिये रहें वृद्धावस्था में भी निरोगी

बुढ़ापा एक ऐसी स्थिति होती है जब व्यक्ति अपने जिंदगी के अंतिम अवस्था में पहुंच जाता है। समय के साथ व्यक्ति की उम्र भी बढ़ने लगती है।

जैसे जैसे उम्र बढ़ती है शरीर की क्रियाओं में भी परिवर्तन होने लगता है। उम्र बढ़ने के साथ साथ शरीर में कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती है जैसे – कमजोरी, दर्द, ऐठन आदि।

उम्र के साथ हड्डियों और जोड़ों में भी कमजोरी आने लगती है और संतुलन भी बिगड़ने लगता है। शरीर के कमजोर होने से व्यक्ति कई बीमारियों से ग्रसित हो जाता है।जिसके लिए उसे कई प्रकार की दवाओं का सेवन भी करना पड़ता है।

योग एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिये आप अपने बुढ़ापे को भी स्वस्थ तरीके से जी सकते है। इसके लिए योग का अभ्यास करना आवश्यक होता है जानते है Yoga For Seniors के बारे में विस्तार से।

Yoga For Seniors: वृद्धावस्था में शरीर को स्वस्थ रखने वाले आसन

Yoga For Seniors in Hindi

आज हम आपको बताने जा रहे है कुछ ऐसे सरल आसन जिसे वृद्ध व्यक्ति बड़ी हीं आसानी से कर सकते हैं और इसके फायदों का लाभ उठा सकते हैं।

बालासन

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाए। आपको अपनी एड़ियों पर बैठना है।
  • फिर अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को अपनी जांघों पर रखे। अब अपने शरीर को आगे की तरफ झुकाएं। आपका सिर जमीन पर होना चाहिए।
  • हथेलियों को सीधा और जमीन के संपर्क में रखे।
  • कुछ देर इसी अवस्था में रुके और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएँ ।

भुजंगासन

  • इस आसन को करने के लिए पहले पेट के बल लेट जाए।
  • इसके बाद अपनी हथेलियों को कंधे के सीध में रख ले।
  • आपके पैर तने हुए और उनके बीच दूरी नहीं होनी चाहिए।
  • इसके बाद साँस लेते हुए शरीर के अग्र भाग को ऊपर की तरफ उठायें ।
  • कुछ देर तक इसी अवस्था में रुके। इसके बाद अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ सकते है।

शवासन

  • शवासन करने में बहुत ही आसान होता है। इस आसन को करने के लिए समतल जमीन पर दरी बिछा लें और उस पर पीठ के बल लेट जाए।
  • अब अपने शरीर से हाथों को कुछ दूरी पर रखें । साथ ही आपके हाथों की हथेलियों को आकाश की तरफ रखे।
  • अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें और अपनी आँखों को बंद कर ले।
  • धीरे धीरे साँस लें और अपना ध्यान अपनी सांसों पर केंद्रित करे।

त्रिकोणासन

  • इस आसन को करने के लिए ताड़ासन में सीधे खड़े हो जाए।
  • अपने पैरों के मध्य दूरी बना लें और बांहो को कंधे तक फैला ले।
  • इसके बाद अपने दाएं हाँथ को सिर के ऊपर ले जाए और शरीर को बायीं तरफ झुकाएं ।
  • फिर आपकी दायीं भुजा जमीन के समानांतर होनी चाहिए और बाईं भुजा पांव के समांतर रहनी चाहिए। कुछ देर इसी स्थिति में रुके और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएँ ।

ताड़ासन

  • ताड़ासन को करने के लिए पैरों को सटाकर खड़े हो जाए।
  • हाथों को शरीर से लगाकर रखें । इसके बाद हाथों को कंधे के बराबर लाएं । फिर अपनी हथेलियों को ऊपर ले जाएँ और एक दूसरे में मिला दे।
  • अब साँस लेते हुए हाथों को ऊपर की तरफ खींचे।
  • इसके बाद अपने पैरों को ऊपर उठाये हुए पंजो के बल खड़े हो जाएँ । साथ ही अपने हाथों के पंजो को भी मोड़ ले।
  • कुछ देर इसी अवस्था में रुके। फिर वापस पुरानी स्थिति में आ जाये।

उपरोक्त आसनों को आप आसानी से कर सकते है और नियमित रूप से करने पर इसका लाभ भी प्राप्त कर सकते है।

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