Yoga for Sports Person: शरीर को फिट और स्ट्रेस फ्री बनाये रखे

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एक स्पोर्ट्स पर्सन के लिए ज़रुरी होता है कि वह फिट रहे तभी वह अपना खेल बिना किसी तनाव के खेल सकता है और उपलब्धियों तक पहुंच सकता है।

फिट रहने के लिए आहार तो जरुरी होता है साथ ही इसके लिए व्यायाम और योग भी करना आवश्यक होता है।

योग शरीर को फिट और तनाव रहित रखता है। साथ ही आपको शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह बीमारियों से भी आपको बचाता है।

योग सभी तरह की दिमागी परेशानियों को दूर कर उसे शांत करता है ताकि आप अपना फोकस अपने खेल पर लगा सके। इसके लिए यह जानना भी आवश्यक है कि आपको कौन-सा योग करना चाहिए। इसके लिए जानते है Yoga for Sports Person.

Yoga for Sports Person: स्पोर्ट्स पर्सन के लिए लाभकारी आसन

Yoga for Sports Person in Hindi

चक्रासन

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक समतल जमीन पर दरी को बिछा ले।
  • इसके बाद उस दरी पर पीठ के बल लेट जाए।
  • फिर अपने हांथो को सिर के समीप लेकर जाये साथ ही पैरों को भी पास में लाये।
  • हाँथ और पैरों की सहायता से अपने शरीर को ऊपर की तरफ उठाये।
  • कुछ देर के लिए इस अवस्था में रहे और फिर वापस प्रारंभिक अवस्था में आ जाए।

अधोमुखश्वान आसन

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • इसके बाद अपने पैरों की अँगुलियों को मोड़ ले। फिर अपने नितंबों को ऊपर की तरफ उठाये साथ ही अपने घुटने को भी सीधा रखे।
  • अपने हांथो को जमीन पर रखे और इस बात का भी ध्यान रखे की आपकी अंगुलिया फैली रहे।
  • आपकी पीठ आपकी भुजाओ के सेंध में रहनी चाहिए।
  • कुछ देर तक इसी अवस्था में रहे और फिर पहले वाली स्थिति में आ जाये।

बंधकोणासन

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले दंडासन मुद्रा में बैठ जाए और अपने पैरों को सामने की तरफ फैला ले और अपनी पीठ को सीधा रखे।
  • इसके बाद पैरों को घुटनो से मोड़ते हुए दोनों पैरों के तलवों को मिला ले।
  • इसके बाद अपने दोनों हांथो को मिलाये और उन्हें पैरों के पंजों पर रखकर दबाये।
  • फिर पीठ की सहायता से धीरे धीरे झुके और अपनी ठोड़ी को जमीन पर टिका दे। कुछ देर इसी अवस्था में रुके और फिर वापस आ जाये।

वीरभद्रासन

  • इस आसन को करने के लिए अपने पैरों पर खड़े हो जाएँ। इसके बाद दोनों पैरों के बीच दुरी बना ले।
  • फिर अपने बाए पैर को हल्का सा बाए तरफ घुमा ले और अपने दाए पैर को आगे की तरफ लाये।
  • अपने हांथो को सिर के ऊपर ले जाकर नमस्कार की मुद्रा में आ जाएँ।
  • कुछ देर इसी स्थित में रुके और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएँ।

उपरोक्त आसनो के अतिरिक्त वशिष्ठासन और ऊर्ध्व मुख श्वानासन को भी किया जा सकता है। इन आसनों को करने से शरीर फिट रहता है। एकाग्रता में वृद्धि होती है और मन शांत रहता है। इसलिए इनका नियमित अभ्यास करना चाहिए।

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