तनाव और चिंता से मुक्ति दिलाने में कारगर है योगासन का अभ्यास

comments 2

आजकल की दिनचर्या बहुत व्यस्त होती जा रही है| काम के बोझ के चलते लोगो में तनाव की स्तिथि बड़ते जा रही है| आजकल केवल बड़े ही नहीं छोटे बच्चे भी तनाव में रहने लगे है| तनाव किसी भी प्रकार का हो सकता है, पारिवारिक, सामाजिक आदि| इस तनाव के चलते व्यक्ति में गुस्सा बढ़ने लगता है| तनाव से ग्रस्त व्यक्ति कोई काम भी ठीक तरीके से नहीं कर पाता है|

यदि यह तनाव लगातार बना रहे तो व्यक्ति धीरे धीरे मनोरोग के तरफ बड़ने लगता है| स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो तनाव को दूर करने का कोई कारगर तरीका है तो वो है योग| योग एक प्राचीन उपचार पद्धति है जिसमे ध्यान, नियंत्रित सांस लेने की तकनीक और विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए व्यायाम भी शामिल है।

योग अवसाद, तनाव और चिन्ताओ से राहत दिलाने का सबसे अच्छा तरीका है। आइये जानते है Yoga for Stress in Hindi, यहाँ आपको तनाव से लड़ने और अपने मन को शांत रखने के लिए आसनों के बारे में जानकारी मिलेगी|

Yoga for Stress in Hindi – तनाव से निजात दिलाये

Yoga for Stress in Hindi

 

शवासन

वैसे तो तनाव लिए बहुत सी दवाइयां बाजार में उपलब्ध हैं किन्तु इन दवाओं का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ऐसे में यदि आप शवासन का अभ्यास करते है तो बिना दवा के ही तनाव से छुटकारा मिलता है| यह एक Stress Relieving Yoga है| शवासन करने से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के तनाव से राहत मिलती है|

  • शवासन से तनाव और थकान में बहुत राहत मिलती है।
  • इस आसन का अभ्यास मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढाता है|
  • इससे सिरदर्द और अनिद्रा की समस्या दूर होती है|
  • शवासन का अभ्यास 1 या 2 मिनट से लेकर 20 मिनट तक कर सकते है|
  • शवासन को बड़े और बच्चे सभी कर सकते है|

शवासन की विधि:-

इस आसन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम किसी समतल और साफ़ जगह पर दरी बिच्चाकर पीठ के बल लेट जाएं। आपके दोनों पैरों में तक़रीबन डेढ़ फुट का अंतर रखें। हथेलियों का रुख उपर की ओर और दोनों हाथो को कमर से सटाकर रखे| आपका सिर एकदम सीधा रहना चाहिए, आप चाहे तो इसके लिए सिर के नीचे एकदम पतला तकिया रख सकते है।

अब शरीर को तनाव रहित करने के लिए सभी अंगों को ढीला छोड़ दें तथा आंखों को बंद कर लें। ध्यान रहे की सांस लेते वक़्त शरीर का कोई भी हिस्सा हिलना नहीं चाहिए, आपको शरीर को उस तरह रखना है जैसे की मुर्दा रखा होता है। लंबी साँसें लें और खुद को तनाव रहित महसूस करें। यदि कोई विचार मन में आता है तो उसे साक्षात देखें किन्तु उससे जुड़े नहीं। कुछ ही देर में आपको मानसिक रूप से शांति महसूस होने लगेगी। कुछ मिनट्स इसी मुद्रा में रहे|

पश्चिमोत्तानासन

यदि आप मन को तनाव पूर्ण रखना चाहते है तो पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करे| यह आपके विचलित मन को शांत रखता है और तनाव से राहत दिलाने में मदद करता है|

  • इस आसन को करने से तनाव से मुक्ति मिलती है|
  • इससे रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है|
  • साइनसाइटिस के दौरान होने वाले सिरदर्द से आराम दिलाने में भी यह लाभप्रद है|

पश्चिमोत्तानासन की विधि:-

जमीन पर दरी बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों पैर को फैलाकर रखें। अब दोनों पैरों को आपस में मिलाये तथा अपने पूरे शरीर को बिल्कुल सीधा तान कर रखें। अब अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाते हुए एक झटके के साथ कमर के ऊपर के भाग को उठा लें। अब अपने दोनों हाथों से धीरे धीरे पैरों के अंगूठों को पकड़ने की कोशिश करें। ऐसा करते वक्त अपने पैरों तथा हाथों को बिल्कुल सीधा रखें।

यदि आपको इस आसन को लेट कर करने में परेशानी हो रही है तो आप इसे बैठे बैठे भी कर सकते है| इसे करते समय अपने चेहरे को घुटने से मिलाने की कोशिश करे और हाथो को पैरो के तलवे से। इस प्रकार यह क्रिया 1 बार पूरी होने के बाद 10 सैकेंड तक आराम करें और पुन: इस क्रिया को दोहराएं| इस आसन का अभ्यास केवल 3 बार ही करे|

आप यह भी पढ़ सकते है:- जानिए योग से मिलने वाले मानसिक और मनोवैज्ञानिक लाभ

सुखासन

इस आसन का नाम ही केवल सुखासन नहीं है| यह तनाव को दूर करके हमें सुखपूर्वक जिंदगी जीने में मदद करता है| इस आसन की मुद्रा को आप मैडिटेशन भी कह सकते है| इसके अभ्यास से आप मानसिक और शारीरिक थकावट को दूर कर सकते हैं। सुखासन की विधि जानने के लिए पढ़े Sukhasana in Hindi.

  • सुखासन हमें शांति और आत्मानंद का अनुभव देता है।
  • इससे छाती और पैर मजबूत बनते हैं।
  • पैरों में किसी भी प्रकार का कष्ट हो तो यह आसन नहीं करना चाहिए|

ऊपर आपने जाना Yoga for Stress in Hindi. इसके अलावा बालासन, उर्ध्वोत्तानासन, जानुशीर्षासन आदि आसन भी तनाव दूर करने में मदद करते है| आप भी इनका अभ्यास कर तनाव से मुक्ति पा सकते है| यदि आप योग के लिए नए है तो योग गुरु के निर्देशों में ही योग का अभ्यास करे|

Related Post