Yoga Poses For Autism: आटिज्म की समस्या में लाभ पहुंचाए ये योगासन

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आटिज्म एक प्रकार की मानसिक बीमारी होती है। जो की बच्चों में होती है। आटिज्म के लक्षण बच्चों में जन्म से लेकर तीन साल की उम्र में ही विकसित होने लगते है।

इस बीमारी से पीड़ित बच्चों का विकास बहुत ही धीमी गति से होता है क्योंकि यह बीमारी बच्चों के मानसिक विकास को बाधित करती है जिसके कारण मानसिक प्रक्रियाएं रुक जाती है।

सामान्य तौर पर इस बीमारी से पीड़ित बच्चे अपने पेरेंट्स या फिर लोगो के चेहरे को देख कर भी किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं करते है। वह उनसे सही से नजरें मिलाने में भी घबराते है। ऐसे बच्चे आवाज सुनने के बाद भी अपनी प्रतिक्रिया नहीं देते है।

आटिज्म से पीड़ित बच्चों को योग के द्वारा राहत पहुँचाई जा सकती है। योग के कुछ आसान आसनों को करने से उन्हें इस समस्या से बाहर निकाला जा सकता है। इसके लिए जानते है Yoga Poses For Autism.

Yoga Poses For Autism: आटिज्म के निजात के लिए करे यह आसन

Yoga Poses For Autism in Hindi

मार्जरी आसन

  • इस आसन को करने के लिए एक समतल जमीन पर मैट बिछाकर हाथों और घुटनो के बल आ जाये।
  • अपनी गर्दन को सीधा रखे और पीठ को भी। साँस लेते हुए अपनी ठोड़ी को ऊपर की तरफ उठाये और सिर को पीछे की तरफ ले जाए।
  • अपनी नाभि को नीचे की तरफ दबाये। कुछ देर इस स्थिति में रुके। इसके बाद इस प्रक्रिया को विपरीत दिशा में करे।

वृक्षासन

  • इस आसन को करने के लिए एकदम सीधे खड़े हो जाए।
  • इसके बाद अपने दाए पैर को घुटनो से मोड़ते हुए ऊपर की तरफ लाये और बाए पैर की जांघो पर रख दे।
  • अपने हाथों से प्राथना की मुद्रा बनाये। कुछ देर तक इसी स्थिति में रुके और फिर वापस अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाये।

वीरभद्रासन

  • इस आसन को करने के लिए पैरों में दूरी बनाते हुए खड़े हो जाए।
  • इसके बाद अपने दाए पैर को 90 डिग्री और बाएँ पैर को 15 डिग्री धुमाये।
  • इसके बाद अपने हाथों को ऊपर उठाते हुए कंधो तक ले जाए। साथ ही हथेलियों को आकाश की तरफ रखे।
  • इसके बाद दाए घुटने को मोड़े साथ ही सिर को भी घुमाये और दाहिनी तरफ देखे। कुछ देर तक इसी स्थिति में रुके।

सिंहासन

  • सिंहासन को करने के लिए अपने पैरों के पंजों को सबसे पहले आपस में मिला ले और उस पर बैठ जाए ।
  • इसके बाद अपनी दाईं एड़ी बाईं तरफ और बाईं एड़ी दाईं तरफ मोड ले।
  • अपने हाथों को जमीन पर रखे।
  • इसके बाद अपने मुँह को खुला रखे और जितना हो सके अपनी जीभ को बाहर की तरफ निकाले।
  • कुछ देर तक इसी प्रकार करे और फिर अपनी सामान्य मुद्रा में आ जाये।

उत्कटासन

  • इस आसन को करने के लिए अपने पैरों के बल बैठ जाए साथ ही सिर और पीठ को सीधा रखे।
  • इसके बाद पैर के पंजो पर बैठते हुए एडि़यों को ऊपर की तरफ उठाये।
  • अपनी कोहनियों को अपने घुटनों के ऊपर रखे।
  • इसके बाद अपने एक हाँथ को दूसरे के ऊपर रखकर अपनी ठोड़ी पर रखे।
  • कुछ देर तक इसी स्थिति में बने रहे।

उपरोक्त आसनो को करने से आटिज्म की समस्या से निदान मिल सकता है।

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