नृत्य एवं योग: शारीरिक व्यायाम व सांस की क्रियाओं का लाभकारी संयोजन

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हम हमेशा टीवी की एक्ट्रेसेस को देखकर सोचते है की आखिर वो इतनी फिट कैसे है| काश हमारा शरीर भी उनकी तरह आकर्षित होता| लेकिन क्या आप जानते है की इस तरह के आकर्षक शरीर के लिए वो कितनी मेहनत करती है|

आकर्षक शरीर के लिए आपको अपनी डाइट से लेकर एक्सरसाइज तक हर चीज का ख्याल रखना होता है| लेकिन आज के समय में हर किसी के पास इतना वक्त नहीं है की वो खुद के लिए व्यायाम को इतना समय दे सके| इसके अलावा बहुत से लोगो को तो व्यायाम करना अच्छा ही नहीं लगता|

इसलिए हमें व्यायाम तो करना है लेकिन स्मार्ट तरीके से| हमें ऐसा कुछ करना है, जो हम कम समय में भी करे, साथ ही साथ जिसे करने में हमें इंटरेस्ट भी आये| योग और डांस का गुटबंदी ऐसे में एक अच्छा विकल्प है| Yoga and Dance की खासियत यह है की यह पुरे शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है|

Yoga and Dance: शरीर को लचीला बनाये, मानसिक संतुलन बनाये

 Yoga and Dance

नृत्य क्या है?

नृत्य एक प्राचीन शैली है और यह हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है| यह एक जन्मजात प्रतिभा है जो हमारी समृद्ध परम्पराओं से जोड़ कर रखने में सहायक है| यह हमें आनन्द से परिपूर्ण कर देती है चाहे हम इसे किसी भी तरह से करे, चाहे आप भंगरा डांस करते हो या भरतनाट्यम, डांस आपको ख़ुशी ही देता है| इसे करने के पश्चात आप अत्यंत सुख व संतोष अनुभव करते हैं|

योग क्या है?

योग आपके शरीर और आत्मा का मिलान है| यह एक एक सीधा विज्ञान है जो की धर्म और आस्था से जुड़ा हुआ है और अंधविश्वास से परे है| यह एक जीवन जीने की कला है। इसे आप पूर्ण चिकित्सा पद्धति भी कहेंगे तो गलत नहीं होगा क्योकि योग के आसन आपको संभाले रखते हैं|

चाहे आप वृद्ध हो या जवान ,हृष्ट पुष्ट हों या कमज़ोर यह सभी को फायदे पहुँचाता है| और इसकी खास बात यह है की योग हमारे लिए कभी भी पराया नहीं रहा है।

हम योग तबसे कर रहे हैं जब से हम शिशु थे चाहे वह ‘बिल्ली खिचाव’ आसन हो जो मेरुदंड बनता हो या ‘पवन मुक्त’ आसन जो पाचन को बढ़ावा देता है। आपने देखा होगा की शिशु दिन भर में कोई न कोई आसन कर रहा होता है। योग जीवन की राह में वाकई सहायक है|

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नृत्य एवं योग का सहयोग

योग शारीरिक व्यायाम व सांस की क्रियाओं का अनूठा मिश्रण है इसलिए इसके अभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है और मन शांत रहता है| इसका अभ्यास शरीर को लचीला व आकर्षक बनाता है। योग डांस करने से नर्तक के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है| योग एक प्रकार का धीमी गति का नृत्य ही है जो शरीर को जरुरत के समय अधिक शक्ति व क्षमता प्रदान करता है|

योगा डांस और आयुर्वेद

प्राकृतिक तत्वों  की बात करे तो यह कई प्राचीन चिकित्सा और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। Yoga Dance भी पांच तत्वों के सिद्धांत का उपयोग करता है।

हालांकि इस कला में कई चिकित्सकीय दृष्टिकोण होते हैं| लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं की बात करे तो यह व्यक्ति और उसके व्यक्तित्व के जैविक संविधान पर आधारित है। और आयुर्वेद भी उसी में विश्वास रखता है।

नृत्य एवं योग की तैयारी

डांस करने से पहले शरीर के विभिन्न अंगों का घुमाव व खिंचाव वाले व्यायाम का अभ्यास करना चाहिए. सरल शब्दों में कहे तो जिसे वार्मअप कहा जाता है आपको वो करना है| सूर्य-नमस्कार के कुछ चक्रों का अभ्यास  भी आपके लिए फायदेमंद है क्योकि यह शरीर को लचीलापन व स्फूर्ति प्रदान करता है|

अगर नृत्य करते वक्त आप हताशा महसूस करते हैं तो भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास सेआपको मदद करता है|

ऊपर आपने जाना Yoga and Dance के बारे में| योगा और डांस का समावेश करने से मनोरंजन तो होगा ही, साथ ही मनोबल भी बढ़ेगा। योगा डांस से मन स्वस्थ रहता है और अच्छे विचार उत्पन्न होते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वाकई अहम है|

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