शरीर को निरोग रखना व्यक्ति के हाथों में होता है। यदि वह चाहे तो स्वस्थ्य रहने के लिए प्रयास कर सकता है।

स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए योग को बनाया गया है। जिसमे हठ योग प्रमुख होता है। हठ योग में पांच प्रमुख मुद्राओं का वर्णन किया गया है।

मुद्राएं ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित करके शरीर में (पंचतत्व) अर्थात - पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश के संतुलन को बनाये रखती है। कुछ मुद्राओं को हाथों के जरिये किया जाता है। जिनमे से एक है अग्नि मुद्रा। यह मुद्रा शरीर के अंदर अग्नि को उत्तेजित करती है।

अग्नि मुद्रा के द्वारा बलगम, नजला और साँस के रोगों को दूर करने में मदद मिलती है। यह मुद्रा थायरॉइस ग्रथि को भी उत्तेजित करती है। आइये जानते है कैसे की जाती है Agni Mudra.

Agni Mudra: जाने इसके करने की विधि, लाभ और सावधानियां

Agni Mudra in Hindi

अग्नि मुद्रा करने की विधि

  • इस मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले एक समतल स्थान पर दरी या चटाई बिछा ले।
  • इसके बाद उस पर पद्मासन, सुखासन या वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • मुद्रा में बैठने के बाद अपने दोनों हाथों के अंगूठे को बाहर की तरफ रखे और दोनों हांथो की अंगूलियों की मुट्ठी बना ले।
  • इतना करने के बाद दोनों हाथों के अंगूठे को पास लाये और उनके शीर्ष को आपस में मिलाये।
  • ध्यान रहे कि इसमें हथेलियाँ नीचे की तरफ होनी चाहिए।
  • इस स्थिति में आँखों को बंद कर ले और सांसो को सामान्य रखे।
  • साथ ही इस मुद्रा में अपने मन को अपनी साँस की गति पर केंद्रित कर ले।
  • 15 - 45 मिनट तक इसी अवस्था में रुके।

अग्नि मुद्रा करने का समय

  • अग्नि मुद्रा को नियमित रूप से प्रतिदिन कर सकते है। इससे जल्द ही लाभ मिल जाता है।
  • अग्नि मुद्रा का अभ्यास सुबह और शाम के समय करना अच्छा होता है।
  • अग्नि मुद्रा को 15 से 45 मिनट तक कर सकते है।

अग्नि मुद्रा को करने के फायदे

  • अग्नि मुद्रा का नियमित अभ्यास करने से सर्दी - जुखाम जैसी समस्या ठीक हो जाती है।
  • इसके नियमित अभ्यास से सिर दर्द और माईग्रेन भी ठीक हो जाता है।
  • मोटापे को कम करने के लिए अग्नि मुद्रा का अभ्यास करना लाभकारी होता है।
  • जिन लोगों को अधिक ठण्ड लगती है उनके लिए इसका अभ्यास लाभकारी होता है।
  • अग्नि मुद्रा निमोनिया के लिए भी फ़ायदेमंद होता है।
  • शरीर में मौजूद अग्नि को बढ़ाने के लिए इसका उपयोग अच्छा होता है।

अग्नि मुद्रा को करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां

  • अग्नि मुद्रा को हमेशा खाली पेट ही करना चाहिए।
  • अग्नि मुद्रा को करते समय अपना पूरा ध्यान मुद्रा पर ही केंद्रित करना चाहिए।