आज हम आपको अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन के बारे में बता रहे है। इसे Half Bound Lotus Standing Forward Bend के नाम से भी जाना जाता है।

अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन पांच शब्दों से मिलकर बना है। जैसे अर्ध, बद्ध, पद्म, पश्चिम, और उत्तान। इसमें अर्ध यानी आधा, बद्ध अर्थात बाँधा हुआ, पद्म यानी कमल का फूल, पश्चिम अर्थात पश्चिम दिशा या शरीर का पिछला हिस्सा और उत्तान अर्थात खिचा हुआ होता है।

अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन हिप्स और घुटनों को खोलने में मदद करता है। साथ ही रीढ़ कि हड्डी को स्ट्रेच करता है और इस आसन द्वारा पाचन क्रिया भी मजबूत होती है।

अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन को करने से पहले आप उत्कटासन, वीरभद्रासन 1, वीरभद्रासन 2 , दंडासन , पाश्चिमोतानासन और पूर्वोत्तानासन कर सकते है। और अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन के बाद त्रिअंग मुखेकपद पश्चिमोत्तानासन और जानुशीर्षासन को कर सकते है। जानते है Ardha Baddha Padma Paschimottanasana को करने का तरीका, उसके सेहतमंद फायदे और ध्यान रखें योग्य सावधानियां ।

Ardha Baddha Padma Paschimottanasana: जाने इसे करने का तरीका व अन्य जानकारी

Ardha Baddha Padma Paschimottanasana

अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन कि विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक आसन पर दण्डासन की स्थिति में बैठ जाए।
  • फिर साँस को अंदर कि तरफ ले और अपनी दाये पैर को ऊपर कि और उठाकर बाए जांघ पर ले जाए। जितना हो सके उतना ऊपर कि तरफ ला सकते है।
  • इस स्थिति में आपके दाये कुल्हे और घुटने पर खिचाव आएगा।
  • इसके बाद अपना दाया हाँथ पीठ के पीछे से आगे कि तरफ लाये और दाये हाँथ से दाये पैर का अंगूठा पकड़ ले।
  • इस स्थिति में साँस को एक से दो बार अंदर कि ओर ले और फिर छोड़ दे।
  • साँस को बाहर कि तरफ छोड़ते हुए आगे की और झुके जैसा की चित्र में द्दिखाया गया है।
  • अब बाए हाँथ से बाए पैर को पकड़ ले।
  • इसके बाद पांच बार सांसो को अन्दर और बाहर कि ओर ले।
  • आप इस आसन में 30 से 60 सेकंड तक रह सकते है।
  • अभ्यास की आदत होने पर आप इसे 90 सेकंड भी कर सकते है। परन्तु ध्यान रहे कि इससे ज्यादा समय के लिए इस मुद्रा को न करे।
  • पांच बार साँस लेने के उपरांत आप इस मुद्रा से बाहर आ सकते है।
  • इस आसन से बाहर निकलते वक्त धड़ को ऊपर कि तरफ उठाये और आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए। तथा हिप्स के जोड़ो से ही वापस ऊपर आये।
  • दाये पैर के अँगूठे को अभी न छोड़े।जब आप पूरी तरह से सीधे बैठ जाए, तब ही अँगूठे को छोड़े। और दाई पैर को नीचे कर ले।
  • इस प्रकार दण्डासन कि मुद्रा समाप्त हो जाएगी।
  • इस मुद्रा को दूसरी तरफ से भी करे।

अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन के फायदे

  • अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन घुटने के जोड़ों के लचीलेपन को बढ़ाता है।
  • इस आसन द्वारा पीठ की मांसपेशियों में वृद्धि होती है और रीढ़ की हड्डी में रक्त परिसंचरण बढ़ता है।
  • अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन को नियमित करने से आंतरिक अंगों की मालिश होती है।
  • यह शरीर को टोन करता है साथ ही यह वजन घटाने के लिए भी फ़ायदेमंद है।
  • यह आसन कब्ज से राहत देता है। और जिगर, गुर्दे, अंडाशय, और गर्भाशय को उत्तेजित करता है।

अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन कि सावधानियां

  • अपनी क्षमता अनुसार ही इस आसन को करे।
  • यदि आपके घुटनों में दर्द है तो इस आसन को न करे।