अर्ध उष्‍ट्रासन को अंग्रेजी में Half Camel Pose कहा जाता है। अर्ध उष्‍ट्रासन तीन शब्दों से मिलकर बना है अर्ध, उष्ट् और आसन। जिसमे अर्ध का अर्थ होता है आधा, उष्ट् यानी ऊँट और आसन अर्थात योग मुद्रा।

वैसे तो योग करना हमारे लिए बहुत ही अच्छा होता है। परन्तु इसे नियमित रूप से करने पर ही इसके लाभ की प्राप्ति हो सकती है। और इसके अच्छे लाभों का फायदा भी मिल सकता है।

अर्ध उष्‍ट्रासन को नियमित करने से कमर में लचीलापन आता है। इस आसन को बच्चे भी कर सकते है। यह आसन पाचन तंत्र के लिए भी बहुत अच्छा होता है। अर्ध उष्‍ट्रासन को करते रहने से रक्तस्त्राव बढ़ जाता है और मांसपेशियाँ स्वस्थ रहती है।

यह आसन छाती के आकार और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही यह थायरॉयड ग्रंथि को भी उत्तेजित करता है। जानते है Ardha Ustrasana को करने का तरीका और उसके अन्य फायदे।

Ardha Ustrasana in Hindi: इसे कैसे करते है और ध्यान देने वाली सावधानियां

Ardha Ustrasana in Hindi

अर्ध उष्‍ट्रासन को करने का तरीका

  • इसके लिए पहले दंडासन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • इसके बाद धीरे से दोनों पैरों को घुटने से मोड़ कर वज्रासन की मुद्रा में आये।
  • याद रखे की दोनों पैरों के मध्य थोड़ी दूरी रहनी चाहिए।
  • अब साँस लेते हुए दोनों बाजुओं को कंधे की सीध में 180 डिग्री पर लाए।
  • फिर साँस को छोड़ते हुए हाथ से दाहिने पैर की एड़ी को पकड़े और बाएँ हाथ को कंधों के सामने लेकर आएं।
  • ध्यान रहे आपके हाथ सीधे होने चाहिए।
  • इसके बाद अब बायें हथेली की तरफ देखें और सांस को रोक कर रखें, यदि आपको सांस रोकने में असुविधा हो तो सामान्य तरीके से सांस ले भी सकते हैं।
  • कमर को आगे की तरफ लाये परन्तु ज्यादा पीछे नहीं झुकें।
  • इस मुद्रा में 10 सेकेंड तक रहे। आपको कमर के निचले भाग में खिंचाव महसूस होगा।
  • इसके बाद पहले वाली अवस्था में वापस आ जायें। वापस आने के लिए साँस लेते हुए बाजुओं को कंधे की सीध में ले आयें।
  • इसका एक चक्र पूरा हुआ।
  • इसी प्रकार बायें हाथ से बायें पैर की एड़ी पकड़ें और अर्ध उष्ट्रासन का पुनः अभ्यास करें।

Half Camel Pose Benefits: अर्ध उष्‍ट्रासन के फायदे

  • उष्ट्रासन को रोज करने से शरीर में लचीलापन बढ़ जाता है।।
  • मासिक धर्म के समय होने वाली परेशानियों से छुटकारा दिलाने में अर्ध उष्‍ट्रासन सहायता करता है।
  • इस आसन के नियमित अभ्यास से कमर और कूल्हे मजबूत बनते है। साथ ही कमर दर्द की समस्या भी दूर हो जाती है।
  • अर्ध उष्‍ट्रासन का असर चेहरे पर भी पड़ता है इसके नियमित अभ्यास से चेहरा सुन्दर बन जाता है और चेहरे पर रौनक आती है।

अर्ध उष्‍ट्रासन को करते समय ध्यान देने वाली सावधानियाँ

  • इस आसन को उन लोगो को बिलकुल भी नहीं करना चाहिए जिनके कमर और घुटने में चोट हो।
  • हर्निया, या हाल ही में पेट सर्जरी, गर्दन या पीठ की चोट या सूजन हो तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।