शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए योग के लाभों को कोई अनदेखा नहीं कर सकता है| योग के अलग अलग आसन आपको अलग अलग लाभ देते है जिसे आप अपनी आवश्यकता अनुसार कर सकते है।

परन्तु यदि आप अपनी झांघो और कूल्हों तो टोंड करना चाहते है तो बंधकोणासन एक अच्छा आसन होता है। इसके अतिरिक्त भी आप इससे कई लाभ प्राप्त कर सकते है|

बंधकोणासन दो शब्दों से मिलकर बना है बंध मतलब बंधा हुआ और कोण मतलब कोना। इसे बाउंड एंगल पोज़ और कॉबलर पोज़ भी कहते है। यह आसन तितली आसन जैसा लगता है|

बंधकोणासन करने से रजोनिवृत्ति से होने वाली समस्याएं दूर हो जाती है साथ ही यह आसन दिल को भी उत्तेजित करता है। यह आपकी प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है। जानते है Baddha Konasana Yoga के और फायदे और इसकी विधि।

Baddha Konasana Yoga: जानिए इसकी विधि, लाभ और सावधानी

Baddha Konasana Yoga

बंधकोणासन करने की विधि

  • सबसे पहले इसे करने के लिए दण्डासन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • इसके बाद तितली आसन की तरह ही घुटनो को मोड़ कर पैरों को दोनों हाथो से मिला ले।
  • ध्यान रहे की आपके तलवे एक दूसरे को छू रहे हो।
  • जितना हो सके पैरों को जितना हो सके शरीर की तरफ करने का प्रयत्न करे।
  • इसके बाद हांथो से घुटनो को जमीन पर झुकाने का प्रयत्न करे।
  • इसे इतना ही झुकाये जितना आपकी क्षमता हो|

बंधकोणासन करने का अगला पड़ाव

  • इस विधि को तब ही करे जब आपके घुटने झुकने लगे, लचीलापन बढ़ने पर यह आसानी से होता है|
  • इसके लिए अपने पैरों को दोनों हांथो से पकड़ ले।
  • अब खुद को आगे की और झुकाये, यह तब तक करे जब तक सर जमीन को न छू ले।
  • यह एक दिन में संभव नहीं होता है इसका अभ्यास करते रहने से ही यह पूरी तरीके से हो पायेगा।
  • 30 से 60 सेकंड के लिए यह आसन करे।

बंधकोणासन के फायदे

  1. बंधकोणासन का नियमित अभ्यास करने से घुटने के हिस्सों में रक्त संचारित होता है।
  2. यह आपके पैरों के अतिरिक्त कमर, पेट और पीठ के निचले हिस्से तथा गुर्दे, प्रोस्टेट और मूत्राशय को तंदुरस्त रख सकता है।
  3. यह थकान को कम करने में भी मदद करता है। साथ ही तनाव को भी दूर करता है।
  4. बंधकोणासन आसन मासिक धर्म संबंधी समस्याओं का इलाज करने में सहायता करता है|
  5. यह हिप को लचीला बनाता है तथा घुटनों और आंतरिक जांघों में खिचाव उत्पन्न करता है|
  6. यह आसन अस्थमा, सपाट पैर, बांझपन और उच्च रक्तचाप का इलाज भी करता है।
  7. ऐसा कहा जाता है कि इस आसन का नियमित अभ्यास आपको किसी भी प्रकार की बीमारी से मुक्त कर सकता हैI

बंधकोणासन करने से पहले करने वाले आसन

  • वीरासन
  • प्रसारित पादोत्तनासन
  • जानुशीर्षासन
  • तितली आसन

बंधकोणासन करने से बाद में करने वाले आसन

  • अर्ध मत्स्येन्द्रासन
  • गौमुखासन
  • मरीच्यासन
  • पद्मासना

सावधानी :

घुटने में दर्द या फिर चोट लगने पर इस आसन को नहीं करना चाहिए। यदि सायटिका की परेशानी है तो भी इस आसन को न करे।