दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है भ्रमण प्राणायाम का अभ्यास

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दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है भ्रमण प्राणायाम का अभ्यास

भ्रमण प्राणायाम, प्राणायाम का सबसे सरल रूप है| बहुत से लोग इसे आजकल अपना रहे है| प्राणायाम संस्कृत का शब्द है| यह एक तरह का व्यायाम है जिसमे व्यक्ति अपनी सांस को विशेष प्रकार से अन्दर की और लेता है और फिर उसे बाहर की तरफ छोड़ता है। हम सांस लिए बिना नहीं जी सकते| यह भी एक प्रकार की ब्रीथिंग तकनीक है|

अपना स्वास्थ्य अच्छा रखने के लिए ये प्राणायाम से बेहतर कुछ नहीं है। प्राणायाम करने के कई सारे फायदे होते है| आज हम आपको भ्रमण प्राणायाम के बारे में बता रहे है| भ्रमण प्राणायाम की बात करे तो संस्कृत में भ्रमण का अर्थ होता है घूमना जबकि प्राणायाम का अर्थ होता है अपनी साँसों पर नियंत्रण|

यदि हम दोनों शब्दों का जोड़ देखे तो इसका तात्पर्य होगा की घूमते हुए साँसों पर नियंत्रण करना| इसलिए भ्रमण प्राणायाम का अभ्यास टहलते हुए किया जाता है| इसे बहुत से लोग घुमने वाला प्राणायाम कहते है| यह करने में बहुत ही सरल है| आइये जानते है Bhramana Pranayama in Hindi और इससे हमें क्या लाभ है|

Bhramana Pranayama Steps: भ्रमण प्राणायाम करने की विधि

Bhramana Pranayama in Hindi

इसे करने के लिए आपको नियमित टहलना है| जब भी आप टहले उस समय आपके शरीर को बिलकुल सीधा रखें और धीरे-धीरे सांस लें। सांस लेते वक्त अपने मन में 1 से 4 तक गिनती करें| गिनती लेने तक आपको पूर्ण सांस लेना है फिर सांस छोड़ें| ऐसा जरुरी नहीं की आप सांस लेते या छोड़ते वक्त संख्या की गिनती ही करें।

आप यदि मन में संख्या की गिनती करने के बजाय अच्छे विचार या फिर भगवान का ध्यान भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आपको इस प्राणायाम में सांस लेने से ज्यादा समय सांस छोड़ने में लगाना है। इस क्रिया को करते वक्त जब आपने सांस ली हो तो, सांस को 4 से 5 कदम तक रोक कर रखें और फिर छोड़ें। आपको सांस रोकने की क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 10 से 15 बार तक करना है।

शुरुवात में जब इस आसन को करते है तो आधे घंटे टहलने का प्रयास किया जाता है जिसमे जिसमे साँसों को लेने, छोड़ने वाला अभ्यास शुरुवात और अंत के 2 मिनट और बिच के 2 मिनट किया जाता है| वही अभ्यास में निपुण होने के बाद इसे 4 मिनट करे|

Bhramana Pranayama Benefits: भ्रमण प्राणायाम के फायदे

  • भ्रमण प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है तथा फेफड़ों में मजबूती आती है।
  • जो लोग इसका अभ्यास करते है उनका दिल मजबूत होता है साथ ही साथ दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम होती है|
  • इसे करने से बालो का झड़ना, सफ़ेद होना आदि समस्याए दूर होती है| बालो की समस्या दूर करने के लिए इसे जरुर करना चाहिए|
  • इसका नियमित अभ्यास कई तरह के रोगों का बचाव जैसे की टीबी, क्षयरोग, श्‍वांस संबंधी बीमारी, टायफाइड आदि से बचाव होता है|
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Bhramana Pranayama Precautions: भ्रमण प्राणायाम में सावधानिया

  1. अन्य प्राणायाम और योग आसन की तरह इसका अभ्यास भी अपनी क्षमता के अनुसार ही करे|
  2. आपकी सांस लेने व छोड़ने की क्रिया सामान्य होना चाहिए| उसमे किसी तरह का जोर नहीं लगना चाहिए|
  3. इसे करते वक्त यदि आपको सीने में दर्द हो रहा है तो समझ जाये की आप इसे अपनी क्षमता अनुसार कर रहे है|
  4. इसके अभ्यास एक दम से ज्यादा ना करे और धीरे धीरे ही बढ़ाये |
  5. यदि किसी तरह की थकान महसूस हो रही है तो कुछ समय तक अभ्यास बंद करके आराम करें, और थोड़ी देर बार वापिस शुरू करे|
ऊपर आपने जाना Bhramana Pranayama in Hindi. यह प्राणायाम कम उम्र के अपेक्षा अधिक उम्र वालो के लिए ज्यादा फायदेमंद है| यदि आप भी इसे करके इसका फायदा लेना चाहते है तो पौष्टिक भोजन ले और सही समय पर ले| साथ ही साथ इसे करने के लिए साफ सड़क या पार्क का चुनाव करे|